फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   circular economy policy implemented in jammu and kashmir waste will linked to business and employment

जम्मू-कश्मीर: लागू हुई सर्कुलर इकोनॉमी पॉलिसी, इस तरह कारोबार और रोजगार से जुड़ेगा कचरा

Thu, 08 Oct 2026 11:27 AM IST
अनुराग रंजन गौरव रावत, अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
गौरव रावत, अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: अनुराग रंजन Updated Thu, 08 Oct 2026 11:27 AM IST
सार

होटल, रेस्तरां, पर्यटन स्थलों और धार्मिक आयोजनों में कचरा अलग रखने और उसके संग्रह की व्यवस्था करनी होगी। आयोजनों और धार्मिक यात्राओं के दौरान जरूरत के हिसाब से अस्थायी छंटाई और संग्रह केंद्र भी बनाए जा सकेंगे।

विज्ञापन
circular economy policy implemented in jammu and kashmir waste will linked to business and employment
कचरा - फोटो : संवाद

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में कचरे को उठाकर फेंकने के बजाय दोबारा इस्तेमाल और नए कारोबार से जोड़ने पर जोर होगा। सरकार ने जम्मू-कश्मीर सर्कुलर इकोनॉमी पॉलिसी-2026 लागू कर दी है। नीति का दायरा सिर्फ कचरा प्रबंधन तक सीमित नहीं है। घरों, दुकानों और बाजारों के कचरे के साथ बागों के बचे सामान, प्लास्टिक, खाद्य कचरा और निर्माण मलबे को दोबारा इस्तेमाल और रिसाइक्लिंग से जोड़ा जाएगा। पांच साल में 25 हजार तक रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। 18 हजार लोगों को प्रशिक्षण देने, 90 स्टार्टअप और 4,500 कारीगरों व मरम्मत से जुड़े छोटे कारोबारों को जोड़ने की योजना है।
विज्ञापन


नीति के तहत पुराने सामान की मरम्मत, दोबारा इस्तेमाल और रिसाइक्लिंग को बढ़ावा मिलेगा। प्लास्टिक-पैकेजिंग और ई-वेस्ट को अधिकृत रिसाइक्लिंग व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। बागों, मंडियों और खाद्य कारोबार से निकलने वाले जैविक कचरे से खाद और दूसरे उपयोगी उत्पाद बनाने वाले कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा। घर9दुकानों से कचरा अलग-अलग रखने और घर-घर से संग्रह की व्यवस्था होगी। घर से ही चार तरह का कचरा अलग करने और सूखे कचरे की छंटाई के बाद उसे रिसाइक्लिंग के लिए भेजने की व्यवस्था होगी। बड़े संस्थानों और ज्यादा कचरा पैदा करने वाले कारोबारियों की भी जिम्मेदारी तय होगी। निर्माण मलबे को सामान्य कचरे में मिलाने से रोकने के साथ नियम तोड़ने वालों पर नोटिस और जुर्माने की कार्रवाई हो सकेगी।
विज्ञापन


कचरे से गैस, मलबे का भी होगा इस्तेमाल 
जम्मू और श्रीनगर नगर निगमों में कचरे की छंटाई और रिसाइक्लिंग के साथ जैविक कचरे से गैस बनाने, निर्माण मलबे की प्रोसेसिंग और सीवेज के साफ किए गए पानी का दोबारा इस्तेमाल करने पर जोर होगा। दोनों निगमों को नीति में सर्कुलर प्लस प्लस श्रेणी में रखा गया है। दूसरे नगर निकायों में उनकी क्षमता और भौगोलिक स्थिति के हिसाब से व्यवस्था लागू होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
Trending Videos


18 हजार लोगों को काम के लिए तैयार करने का लक्ष्य
रोजगार इस नीति का अहम हिस्सा है। पांच साल में 25 हजार तक रोजगार का लक्ष्य है। 18 हजार लोगों को ऐसे कामों के लिए प्रशिक्षण देने, 90 स्टार्टअप को बढ़ावा देने और 4,500 कारीगरों व मरम्मत से जुड़े छोटे कारोबारों को जोड़ने की तैयारी है। कचरा बीनने और इससे जुड़े काम करने वालों को भी संगठित व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य है। 10 हजार रेहड़ी वालों और छोटे दुकानदारों को कम कचरा पैदा करने वाले कारोबार से जोड़ने की भी योजना है।

पर्यटन और धार्मिक आयोजनों में भी बदलेगा तरीका
होटल, रेस्तरां, पर्यटन स्थलों और धार्मिक आयोजनों में कचरा अलग रखने और उसके संग्रह की व्यवस्था करनी होगी। आयोजनों और धार्मिक यात्राओं के दौरान जरूरत के हिसाब से अस्थायी छंटाई और संग्रह केंद्र भी बनाए जा सकेंगे। सरकार खाद, जैविक उत्पाद, रिसाइकिल सामग्री, मरम्मत और दोबारा इस्तेमाल से जुड़े सामान और सेवाओं की खरीद को बढ़ावा देगी, जिससे स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों और छोटे कारोबारियों को बाजार मिलने की उम्मीद है।

कचरे का रहेगा डिजिटल हिसाब, कई रास्तों से जुटेगा पैसा
कचरा कहां से निकला, कहां गया और उसका क्या हुआ, इसका डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। नगर निकायों के डैशबोर्ड से कचरा उठाने, छंटाई और आगे के इस्तेमाल पर नजर रखी जाएगी। परियोजनाओं के लिए सरकारी योजनाओं के साथ सीएसआर, निजी निवेश, सार्वजनिक-निजी भागीदारी और यूजर फीस जैसे रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। नीति 10 साल के लिए है और हर तीन साल में इसकी समीक्षा होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed