म्यांमार ट्रेनिंग केस: यूएस नागरिक वैन डाइक ने भरा ₹5.5 लाख का जुर्माना, अमेरिका जाने की मांगी इजाजत
अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक ने इमिग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट से जुड़े आरोपों के निपटारे के लिए ₹5.5 लाख की कंपाउंडिंग राशि जमा की है। दिल्ली की विशेष एनाआईए अदालत में उनकी जमानत, अमेरिका जाने और बॉन्ड से जुड़ी अर्जियों पर आज सुनवाई होनी है।
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सूत्रों के मुताबिक, वैन डाइक की कानूनी टीम, जिसका प्रतिनिधित्व वकील रोहित डंडरियाल और रोहित गौर कर रहे हैं, अगले एक या दो दिनों में विशेष एनआईए अदालत के समक्ष उन्हें आरोपमुक्त (डिस्चार्ज) करने की याचिका दायर करने की तैयारी में है।
गौरतलब है कि इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने तय समय सीमा के भीतर यूएपीए की धाराओं के बिना चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके बाद वैन डाइक को अदालत से 'डिफॉल्ट जमानत' मिल गई थी। जुर्माना भरने के बाद अब उसकी कानूनी टीम मामला खत्म कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
बता दें कि एनआईए ने मार्च 2026 में सात विदेशी नागरिकों (1 अमेरिकी और 6 यूक्रेनी) को म्यांमार के विद्रोही गुटों को प्रशिक्षण देने और बिना परमिट मिजोरम सीमा पार करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
वहीं इस बीच अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक ने अपने परिवार से मिलने के लिए अमेरिका जाने की इजाजत मांगने वाली एक अर्जी दाखिल की है। एक अन्य अर्जी में श्योरिटी बॉन्ड के बदले कैश बॉन्ड जमा करने की इजाजत मांगी गई है।
अदालत को एफआरआरओ (FRRO) की तरफ से सीलबंद लिफाफे में एक रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इसमें आव्रजन और विदेशी नागरिक अधिनियम (इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट) के तहत दर्ज अपराधों का निपटारा (कंपाउंडिंग) कर दिया गया है। अदालत इन सभी अर्जियों पर दोपहर 2 बजे सुनवाई करेगी।
बता दें कि कोर्ट ने वैनडाइक को पहले ही जमानत दे दी है, जिसके लिए उन्हें एक लाख रुपये का बेल बॉन्ड और उतनी ही रकम का एक श्योरिटी बॉन्ड जमा करने का निर्देश दिया गया था। इस मामले में 6 यूक्रेनी नागरिक भी हिरासत में हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने यूएपीए की धाराओं को शामिल किए बिना ही चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी ने केवल आव्रजन और विदेशी नागरिक अधिनियम की धाराएं ही लगाई हैं।