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Rampur Bushahar News: एक शिक्षक के सहारे आनस स्कूल, शास्त्री पढ़ा रहे गणित-विज्ञान
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राजकीय माध्यमिक विद्यालय आनस में शिक्षकों की कमी । संवाद
प्रदेश भर के सरकारी विद्यालयों को मिले 409 टीजीटी : मनजीत
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)।
प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की बात करती है। 21वें स्थान से हिमाचल शिक्षा के क्षेत्र में पांचवें स्थान पर पहुंचा है, वहीं कई स्कूलों में अभी भी शिक्षकों की कमी है। नित्थर उपतहसील की देहरा पंचायत के आनस गांव का आनस स्कूल पिछले एक वर्ष से एक शास्त्री शिक्षक के सहारे चल रहा है। स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित, अंग्रेजी सहित अन्य विषय पढ़ाने की जिम्मेदारी भी शास्त्री शिक्षक पर ही है। ऐसे में विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। पिछले शैक्षणिक सत्र में विद्यालय में अंग्रेजी और विज्ञान विषय के शिक्षक तैनात थे लेकिन सत्र की शुरुआत में दोनों शिक्षकों के तबादले होने के बाद विद्यालय में शिक्षकों की कमी पैदा हो गई। इसके बाद नियमित रूप से नए शिक्षक तैनात नहीं किए गए।
विद्यालय को गोद लेने वाले मनजीत ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में 409 टीजीटी शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। आनी और निरमंड क्षेत्र के कई विद्यालयों को भी शिक्षक मिले हैं लेकिन आनस माध्यमिक विद्यालय को एक भी शिक्षक नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण अभिभावकों में भारी रोष है। आनस स्कूल के विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बेहतर प्रदर्शन करते रहे हैं। ऐसे में पर्याप्त शिक्षक न होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर असर पड़ रहा है। एसएमसी अध्यक्ष रमा देवी ने बताया कि कभी-कभार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नित्थर से डेपुटेशन पर शिक्षक भेजे जाते हैं। इसके अलावा विद्यालय में अभी तक नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र समाप्त होने को है लेकिन स्टाफ की कमी दूर नहीं हुई है। शिक्षकों की कमी का असर विद्यालय की छात्र संख्या पर पड़ा है और विद्यार्थियों की संख्या में भारी कमी आई है। उन्होंने शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यालय में जल्द-से-जल्द नियमित शिक्षकों की तैनाती की जाए, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)।
प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की बात करती है। 21वें स्थान से हिमाचल शिक्षा के क्षेत्र में पांचवें स्थान पर पहुंचा है, वहीं कई स्कूलों में अभी भी शिक्षकों की कमी है। नित्थर उपतहसील की देहरा पंचायत के आनस गांव का आनस स्कूल पिछले एक वर्ष से एक शास्त्री शिक्षक के सहारे चल रहा है। स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित, अंग्रेजी सहित अन्य विषय पढ़ाने की जिम्मेदारी भी शास्त्री शिक्षक पर ही है। ऐसे में विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। पिछले शैक्षणिक सत्र में विद्यालय में अंग्रेजी और विज्ञान विषय के शिक्षक तैनात थे लेकिन सत्र की शुरुआत में दोनों शिक्षकों के तबादले होने के बाद विद्यालय में शिक्षकों की कमी पैदा हो गई। इसके बाद नियमित रूप से नए शिक्षक तैनात नहीं किए गए।
विद्यालय को गोद लेने वाले मनजीत ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में 409 टीजीटी शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। आनी और निरमंड क्षेत्र के कई विद्यालयों को भी शिक्षक मिले हैं लेकिन आनस माध्यमिक विद्यालय को एक भी शिक्षक नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण अभिभावकों में भारी रोष है। आनस स्कूल के विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बेहतर प्रदर्शन करते रहे हैं। ऐसे में पर्याप्त शिक्षक न होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर असर पड़ रहा है। एसएमसी अध्यक्ष रमा देवी ने बताया कि कभी-कभार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नित्थर से डेपुटेशन पर शिक्षक भेजे जाते हैं। इसके अलावा विद्यालय में अभी तक नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र समाप्त होने को है लेकिन स्टाफ की कमी दूर नहीं हुई है। शिक्षकों की कमी का असर विद्यालय की छात्र संख्या पर पड़ा है और विद्यार्थियों की संख्या में भारी कमी आई है। उन्होंने शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यालय में जल्द-से-जल्द नियमित शिक्षकों की तैनाती की जाए, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
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