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विकास की बात ::: ज्वालामुखी अस्पताल में फरवरी से मिलेगी ऑपरेशन की सुविधा
Mon, 02 Nov 2026 02:08 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 02 Nov 2026 02:08 AM IST
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ज्वालामुखी सिविल अस्पताल का नया भवन। संवाद
धर्मशाला। नागरिक अस्पताल ज्वालामुखी में उपचार कराने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। अस्पताल के नए भवन का निर्माण करीब 95 फीसदी पूरा हो चुका है। सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो फरवरी 2027 से यहां ऑपरेशन की सुविधा शुरू हो जाएगी। इससे गर्भवती महिलाओं और सामान्य मरीजों को लाभ मिलेगा।
वर्तमान में ऑपरेशन की सुविधा न होने से गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। नए 100 बिस्तरों वाले अस्पताल में आधुनिक ऑपरेशन थियेटर सहित जरूरी सुविधाएं जुटाई जाएंगी। डिलीवरी के दौरान ऑपरेशन की जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को रेफर नहीं होना पड़ेगा। मरीजों को सर्जरी से जुड़े मामलों में स्थानीय स्तर पर ही उपचार मिल सकेगा। करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे नए भवन से ज्वालामुखी सहित आसपास की पंचायतों को फायदा मिलेगा।
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रोजाना 350 मरीज पहुंचते हैं ओपीडी में
नागरिक अस्पताल ज्वालामुखी लंबे समय से आधारभूत ढांचे की कमी झेल रहा है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 300 से 350 मरीज पहुंचते हैं। अस्पताल में सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ तैनात हैं। इसके बावजूद ऑपरेशन थियेटर बंद होने से सर्जरी बंद पड़ी है। नए भवन का काम अंतिम चरण में पहुंचते ही क्षेत्रवासियों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद जगी है।
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ज्वालामुखी अस्पताल के नए भवन का कार्य लगभग पूरा हो गया है। सभी औपचारिकताएं पूरी कर उम्मीद है कि फरवरी तक नए अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। -डॉ. ओमेश भारती, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कांगड़ा
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वर्तमान में ऑपरेशन की सुविधा न होने से गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। नए 100 बिस्तरों वाले अस्पताल में आधुनिक ऑपरेशन थियेटर सहित जरूरी सुविधाएं जुटाई जाएंगी। डिलीवरी के दौरान ऑपरेशन की जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को रेफर नहीं होना पड़ेगा। मरीजों को सर्जरी से जुड़े मामलों में स्थानीय स्तर पर ही उपचार मिल सकेगा। करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे नए भवन से ज्वालामुखी सहित आसपास की पंचायतों को फायदा मिलेगा।
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रोजाना 350 मरीज पहुंचते हैं ओपीडी में
नागरिक अस्पताल ज्वालामुखी लंबे समय से आधारभूत ढांचे की कमी झेल रहा है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 300 से 350 मरीज पहुंचते हैं। अस्पताल में सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ तैनात हैं। इसके बावजूद ऑपरेशन थियेटर बंद होने से सर्जरी बंद पड़ी है। नए भवन का काम अंतिम चरण में पहुंचते ही क्षेत्रवासियों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद जगी है।
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ज्वालामुखी अस्पताल के नए भवन का कार्य लगभग पूरा हो गया है। सभी औपचारिकताएं पूरी कर उम्मीद है कि फरवरी तक नए अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। -डॉ. ओमेश भारती, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कांगड़ा