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Yamuna Nagar News: थप्पड़ छात्र के कान पर लगे, असर खेल कॅरिअर पर पड़ा
Sun, 06 Sep 2026 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 06 Sep 2026 01:15 AM IST
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कुश्ती में जीता पदक व प्रमाणपत्र दिखाते कृष्णा। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कान पर लगे थप्पड़ 11वीं कक्षा के छात्र कृष्णा के लिए सिर्फ चोट तक सीमित नहीं रहे, बल्कि इसका असर उनके खेल कॅरिअर पर भी पड़ गया है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जगाधरी में पिछले दिनों पिटाई की घटना के बाद कृष्णा के कान का पर्दा फट गया। चिकित्सकों ने उसे फिलहाल खेल गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दे रखी है।
ऐसे में कुश्ती के अखाड़े में पदक जीतने वाले कृष्णा अब अभ्यास और प्रतियोगिताओं से दूर है। कृष्णा जिला और प्रदेश स्तर की कई कुश्ती प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। परिवार के अनुसार चोट से पहले कुश्ती उनके जीवन का अहम हिस्सा थी लेकिन अब स्वास्थ्य कारणों से वह खेल नहीं पा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि कान की चोट ने उसकी पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
घटना के बाद कृष्णा के परिजनों ने उनका नाम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से कटवा दिया है। अब उनका दाखिला एक निजी स्कूल में कराया गया है। छात्र की मां नेहा शर्मा का कहना है कि घटना के बाद कृष्णा स्कूल जाने को तैयार नहीं था। उन्हें भी डर था कि यदि उसे उसी स्कूल में रखा गया तो उसके साथ दोबारा कोई परेशानी हो सकती है। इसी वजह से उन्होंने स्कूल बदलने का फैसला लिया।
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गौरतलब है कि जगाधरी निवासी नेहा शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि 30 जुलाई को उनका बेटा कृष्णा करीब दस मिनट देरी से स्कूल पहुंचा था। आरोप है कि प्रधानाचार्य ने कृष्णा मैदान की सफाई करने और कूड़ा उठाने के लिए कहा। मना करने पर उसे थप्पड़ मारे गए, जिससे कान का पर्दा फट गया। हालांकि प्रधानाचार्य आरोपों को पहले ही निराधार बता चुके हैं।
कई स्कूलों में प्रयास के बाद मिला दाखिला
नेहा शर्मा के अनुसार कृष्णा का दाखिला कराने के लिए उन्होंने कई स्कूलों में संपर्क किया लेकिन किसी ने उसे दाखिला देने के लिए हामी नहीं भरी। आखिरकार किसी की सिफारिश के बाद बड़ी मुश्किल से निजी स्कूल में उसका दाखिला हो सका। उनका कहना है कि बेटे की सुरक्षा और भविष्य को देखते हुए स्कूल बदलना जरूरी हो गया था। कृष्णा कुश्ती में अच्छा प्रदर्शन करता रहा है। उसने जिला और प्रदेश स्तर की प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। अब कान की चोट के कारण खेल से दूरी उसके लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
छात्र कृष्णा के परिजन स्कूल से उसका नाम कटवाने के लिए आए थे। उन्हें समझाया गया था कि छात्र को यहां से लेकर मत जाएं। वह टीएलसी लेने पर अड़े थे। परिजनों ने अपनी मर्जी से छात्र का नाम स्कूल से कटवाया है। - मोहम्मद जावेद, प्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जगाधरी।
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यमुनानगर। कान पर लगे थप्पड़ 11वीं कक्षा के छात्र कृष्णा के लिए सिर्फ चोट तक सीमित नहीं रहे, बल्कि इसका असर उनके खेल कॅरिअर पर भी पड़ गया है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जगाधरी में पिछले दिनों पिटाई की घटना के बाद कृष्णा के कान का पर्दा फट गया। चिकित्सकों ने उसे फिलहाल खेल गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दे रखी है।
ऐसे में कुश्ती के अखाड़े में पदक जीतने वाले कृष्णा अब अभ्यास और प्रतियोगिताओं से दूर है। कृष्णा जिला और प्रदेश स्तर की कई कुश्ती प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। परिवार के अनुसार चोट से पहले कुश्ती उनके जीवन का अहम हिस्सा थी लेकिन अब स्वास्थ्य कारणों से वह खेल नहीं पा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि कान की चोट ने उसकी पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
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घटना के बाद कृष्णा के परिजनों ने उनका नाम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से कटवा दिया है। अब उनका दाखिला एक निजी स्कूल में कराया गया है। छात्र की मां नेहा शर्मा का कहना है कि घटना के बाद कृष्णा स्कूल जाने को तैयार नहीं था। उन्हें भी डर था कि यदि उसे उसी स्कूल में रखा गया तो उसके साथ दोबारा कोई परेशानी हो सकती है। इसी वजह से उन्होंने स्कूल बदलने का फैसला लिया।
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गौरतलब है कि जगाधरी निवासी नेहा शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि 30 जुलाई को उनका बेटा कृष्णा करीब दस मिनट देरी से स्कूल पहुंचा था। आरोप है कि प्रधानाचार्य ने कृष्णा मैदान की सफाई करने और कूड़ा उठाने के लिए कहा। मना करने पर उसे थप्पड़ मारे गए, जिससे कान का पर्दा फट गया। हालांकि प्रधानाचार्य आरोपों को पहले ही निराधार बता चुके हैं।
कई स्कूलों में प्रयास के बाद मिला दाखिला
नेहा शर्मा के अनुसार कृष्णा का दाखिला कराने के लिए उन्होंने कई स्कूलों में संपर्क किया लेकिन किसी ने उसे दाखिला देने के लिए हामी नहीं भरी। आखिरकार किसी की सिफारिश के बाद बड़ी मुश्किल से निजी स्कूल में उसका दाखिला हो सका। उनका कहना है कि बेटे की सुरक्षा और भविष्य को देखते हुए स्कूल बदलना जरूरी हो गया था। कृष्णा कुश्ती में अच्छा प्रदर्शन करता रहा है। उसने जिला और प्रदेश स्तर की प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। अब कान की चोट के कारण खेल से दूरी उसके लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
छात्र कृष्णा के परिजन स्कूल से उसका नाम कटवाने के लिए आए थे। उन्हें समझाया गया था कि छात्र को यहां से लेकर मत जाएं। वह टीएलसी लेने पर अड़े थे। परिजनों ने अपनी मर्जी से छात्र का नाम स्कूल से कटवाया है। - मोहम्मद जावेद, प्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जगाधरी।