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Yamuna Nagar News: 15 अक्तूबर से 2000 रुपये से ज्यादा का ईंधन लेने पर लेंगे नकद भुगतान
Tue, 22 Sep 2026 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 22 Sep 2026 01:06 AM IST
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पेट्रोल पंपों पर लगाए जाने वाले बैनर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के पेट्रोल पंपों पर 15 अक्तूबर से 2000 रुपये से अधिक का पेट्रोल या डीजल डलवाने पर अब डिजिटल वॉलेट काम नहीं करेंगे। ऐसे मामलों में ग्राहकों को केवल नकद भुगतान करना होगा। यह बड़ा निर्णय जिला पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित पेट्रोल पंप संचालकों की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि 2000 रुपये से अधिक के ऑनलाइन भुगतान (यूपीआई) पर पूरी तरह रोक रहेगी। 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर डीलरों में गहरा रोष है।
बैठक के दौरान डीलरों ने अपनी समस्याओं को उजागर करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर मिलने वाला कमीशन काफी सीमित है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क का भार उठाना संभव नहीं है।
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इस फैसले का सीधा असर जिले के सभी 218 पेट्रोल पंपों के कामकाज पर पड़ेगा। आंकड़ों के अनुसार जिले में रोजाना करीब पांच लाख लीटर डीजल और दो लाख लीटर पेट्रोल की खपत होती है। वर्तमान में लगभग 60 प्रतिशत ग्राहक डिजिटल पेमेंट या यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर रहे हैं।
व्यावसायिक वाहनों के चालकों की बढ़ेगी परेशानी
एसोसिएशन के जिला प्रधान सचिन गुर्जर ने बताया कि 2000 रुपये तक की छोटी राशि का भुगतान तो यूपीआई से स्वीकार किया जाएगा, लेकिन इससे अधिक की रकम नकद ही देनी होगी। यदि कोई वाहन चालक 5000 रुपये का ईंधन लेता है, तो उसे 2000 रुपये यूपीआई और शेष 3000 रुपये नकद चुकाने होंगे। इस नई व्यवस्था का सबसे ज्यादा प्रभाव भारी व्यावसायिक वाहनों के चालकों पर पड़ेगा।
नौ वर्षों में मात्र एक बार बढ़ा कमीशन
सचिन गुर्जर ने बताया कि बीते नौ वर्षों के दौरान पेट्रोल पंप डीलरों के कमीशन में केवल एक बार महज 20 से 25 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इसके विपरीत, कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन, बिजली बिल, मशीनों के रखरखाव और अन्य प्रशासनिक खर्च कई गुना बढ़ चुके हैं। बैठक में महासचिव तुषार गोयल व तरुण जिंदल, उपप्रधान अरविन कांबोज, सुगंधित गर्ग व विक्रम सैनी, कोषाध्यक्ष मौर्य वर्मा और सदस्य गुरुदेश चौधरी सहित कई अन्य पदाधिकारी एवं पंप संचालक प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ेगा अधिक प्रभाव
बड़े भुगतान के लिए नकद व्यवस्था अपनाने से आम जनता और वाहन चालकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। यमुनानगर जिले में करीब 80 प्रतिशत पेट्रोल पंप ग्रामीण इलाकों में स्थित हैं, जबकि 20 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में हैं। जिले के ग्रामीण और खनन प्रभावित क्षेत्रों में डीजल की खपत सबसे ज्यादा होती है। इन इलाकों में ऑनलाइन भुगतान बंद होने से वाहन चालकों को हर समय अपने साथ बड़ी मात्रा में नकदी रखनी होगी, जिससे उनके लिए सुरक्षा जोखिम भी बढ़ जाएगा।
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यमुनानगर। जिले के पेट्रोल पंपों पर 15 अक्तूबर से 2000 रुपये से अधिक का पेट्रोल या डीजल डलवाने पर अब डिजिटल वॉलेट काम नहीं करेंगे। ऐसे मामलों में ग्राहकों को केवल नकद भुगतान करना होगा। यह बड़ा निर्णय जिला पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित पेट्रोल पंप संचालकों की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि 2000 रुपये से अधिक के ऑनलाइन भुगतान (यूपीआई) पर पूरी तरह रोक रहेगी। 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर डीलरों में गहरा रोष है।
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बैठक के दौरान डीलरों ने अपनी समस्याओं को उजागर करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर मिलने वाला कमीशन काफी सीमित है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क का भार उठाना संभव नहीं है।
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इस फैसले का सीधा असर जिले के सभी 218 पेट्रोल पंपों के कामकाज पर पड़ेगा। आंकड़ों के अनुसार जिले में रोजाना करीब पांच लाख लीटर डीजल और दो लाख लीटर पेट्रोल की खपत होती है। वर्तमान में लगभग 60 प्रतिशत ग्राहक डिजिटल पेमेंट या यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर रहे हैं।
व्यावसायिक वाहनों के चालकों की बढ़ेगी परेशानी
एसोसिएशन के जिला प्रधान सचिन गुर्जर ने बताया कि 2000 रुपये तक की छोटी राशि का भुगतान तो यूपीआई से स्वीकार किया जाएगा, लेकिन इससे अधिक की रकम नकद ही देनी होगी। यदि कोई वाहन चालक 5000 रुपये का ईंधन लेता है, तो उसे 2000 रुपये यूपीआई और शेष 3000 रुपये नकद चुकाने होंगे। इस नई व्यवस्था का सबसे ज्यादा प्रभाव भारी व्यावसायिक वाहनों के चालकों पर पड़ेगा।
नौ वर्षों में मात्र एक बार बढ़ा कमीशन
सचिन गुर्जर ने बताया कि बीते नौ वर्षों के दौरान पेट्रोल पंप डीलरों के कमीशन में केवल एक बार महज 20 से 25 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इसके विपरीत, कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन, बिजली बिल, मशीनों के रखरखाव और अन्य प्रशासनिक खर्च कई गुना बढ़ चुके हैं। बैठक में महासचिव तुषार गोयल व तरुण जिंदल, उपप्रधान अरविन कांबोज, सुगंधित गर्ग व विक्रम सैनी, कोषाध्यक्ष मौर्य वर्मा और सदस्य गुरुदेश चौधरी सहित कई अन्य पदाधिकारी एवं पंप संचालक प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ेगा अधिक प्रभाव
बड़े भुगतान के लिए नकद व्यवस्था अपनाने से आम जनता और वाहन चालकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। यमुनानगर जिले में करीब 80 प्रतिशत पेट्रोल पंप ग्रामीण इलाकों में स्थित हैं, जबकि 20 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में हैं। जिले के ग्रामीण और खनन प्रभावित क्षेत्रों में डीजल की खपत सबसे ज्यादा होती है। इन इलाकों में ऑनलाइन भुगतान बंद होने से वाहन चालकों को हर समय अपने साथ बड़ी मात्रा में नकदी रखनी होगी, जिससे उनके लिए सुरक्षा जोखिम भी बढ़ जाएगा।

पेट्रोल पंपों पर लगाए जाने वाले बैनर। संवाद

पेट्रोल पंपों पर लगाए जाने वाले बैनर। संवाद