फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Myanmar training case: US citizen Van Dyke pays ₹5.5 lakh fine; discharge petition to be filed soon

म्यांमार ट्रेनिंग केस: यूएस नागरिक वैन डाइक ने भरा ₹5.5 लाख का जुर्माना, अमेरिका जाने की मांगी इजाजत

Tue, 22 Sep 2026 10:57 AM IST
अमन तिवारी एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: अमन तिवारी Updated Tue, 22 Sep 2026 10:57 AM IST
सार

अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक ने इमिग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट से जुड़े आरोपों के निपटारे के लिए ₹5.5 लाख की कंपाउंडिंग राशि जमा की है। दिल्ली की विशेष एनाआईए अदालत में उनकी जमानत, अमेरिका जाने और बॉन्ड से जुड़ी अर्जियों पर आज सुनवाई होनी है।
 

विज्ञापन
Myanmar training case: US citizen Van Dyke pays ₹5.5 lakh fine; discharge petition to be filed soon
मैथ्यू आरोन वैन डाइक - फोटो : @Matt_VanDyke: Twitter

विस्तार

म्यांमार में सशस्त्र समूहों को ड्रोन व हथियारों का प्रशिक्षण देने के आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक ने आव्रजन और विदेशी नागरिक अधिनियम (फॉरेनर्स एक्ट) के तहत लगे आरोपों के निपटारे के लिए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) में 5.5 लाख रुपये का कंपाउंडिंग शुल्क जमा कर दिया है।
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक, वैन डाइक की कानूनी टीम, जिसका प्रतिनिधित्व वकील रोहित डंडरियाल और रोहित गौर कर रहे हैं, अगले एक या दो दिनों में विशेष एनआईए अदालत के समक्ष उन्हें आरोपमुक्त (डिस्चार्ज) करने की याचिका दायर करने की तैयारी में है।
विज्ञापन


गौरतलब है कि इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने तय समय सीमा के भीतर यूएपीए की धाराओं के बिना चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके बाद वैन डाइक को अदालत से 'डिफॉल्ट जमानत' मिल गई थी। जुर्माना भरने के बाद अब उसकी कानूनी टीम मामला खत्म कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि एनआईए ने मार्च 2026 में सात विदेशी नागरिकों (1 अमेरिकी और 6 यूक्रेनी) को म्यांमार के विद्रोही गुटों को प्रशिक्षण देने और बिना परमिट मिजोरम सीमा पार करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

वहीं इस बीच अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक ने अपने परिवार से मिलने के लिए अमेरिका जाने की इजाजत मांगने वाली एक अर्जी दाखिल की है। एक अन्य अर्जी में श्योरिटी बॉन्ड के बदले कैश बॉन्ड जमा करने की इजाजत मांगी गई है।

अदालत को एफआरआरओ (FRRO) की तरफ से सीलबंद लिफाफे में एक रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इसमें आव्रजन और विदेशी नागरिक अधिनियम (इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट) के तहत दर्ज अपराधों का निपटारा (कंपाउंडिंग) कर दिया गया है। अदालत इन सभी अर्जियों पर दोपहर 2 बजे सुनवाई करेगी।

बता दें कि कोर्ट ने वैनडाइक को पहले ही जमानत दे दी है, जिसके लिए उन्हें एक लाख रुपये का बेल बॉन्ड और उतनी ही रकम का एक श्योरिटी बॉन्ड जमा करने का निर्देश दिया गया था। इस मामले में 6 यूक्रेनी नागरिक भी हिरासत में हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने यूएपीए की धाराओं को शामिल किए बिना ही चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी ने केवल आव्रजन और विदेशी नागरिक अधिनियम की धाराएं ही लगाई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed