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Kurukshetra News: किसान-जवान आमने-सामने पूरे दिन रही तनावपूर्ण स्थिति
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कुरुक्षेत्र। धान खरीद शुरू कराने को लेकर लगातार दो दिन तक नेशनल हाईवे 44 पर तनाव बना रहा। दूसरे दिन बुधवार को भी किसान व जवान अपने-अपने मोर्चे पर दिन भर डटे रहे और टकराव की आशंका भी बनी रही। किसान फिर से हाईवे जाम करने का एलान कर चुके थे।
पुलिस प्रशासन भी पहले दिन से भी ज्यादा पुख्ता प्रबंध कर चुका था। सरकार और किसानों के बीच धान खरीद पर सहमति बनी और धरना हटाने का एलान किया तो पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
मंगलवार को किसानों पर हुए लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन की कार्रवाई के बाद प्रदेश की अन्य किसान जत्थेबंदियों ने भी न केवल इस आंदोलन को समर्थन दे दिया था बल्कि 23 सितंबर को धरना स्थल पर किसानों की संख्या पहले के मुकाबले दोगुने के करीब हो गई थी। भाकियू शहीद भगत सिंह के जिलाध्यक्ष संजू नंबरदार व प्रदेश सचिव संजीव आलमपुर को पुलिस ने बुधवार तड़के चार बजे के करीब ही डिटेन कर लिया था। अन्य किसान नेताओं की गतिविधियों पर भी नजरें टिकी रहीं, इससे पहले भाकियू चढूनी गुट के प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैंस व जसबीर सिंह मामूमाजरा को पहले ही दिन हंगामे के दौरान डिटेन कर लिया था। दूसरे दिन भी किसानों की बढ़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क था। (संबंधित खबर मुख्य संस्करण में)
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पुलिस प्रशासन भी पहले दिन से भी ज्यादा पुख्ता प्रबंध कर चुका था। सरकार और किसानों के बीच धान खरीद पर सहमति बनी और धरना हटाने का एलान किया तो पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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मंगलवार को किसानों पर हुए लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन की कार्रवाई के बाद प्रदेश की अन्य किसान जत्थेबंदियों ने भी न केवल इस आंदोलन को समर्थन दे दिया था बल्कि 23 सितंबर को धरना स्थल पर किसानों की संख्या पहले के मुकाबले दोगुने के करीब हो गई थी। भाकियू शहीद भगत सिंह के जिलाध्यक्ष संजू नंबरदार व प्रदेश सचिव संजीव आलमपुर को पुलिस ने बुधवार तड़के चार बजे के करीब ही डिटेन कर लिया था। अन्य किसान नेताओं की गतिविधियों पर भी नजरें टिकी रहीं, इससे पहले भाकियू चढूनी गुट के प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैंस व जसबीर सिंह मामूमाजरा को पहले ही दिन हंगामे के दौरान डिटेन कर लिया था। दूसरे दिन भी किसानों की बढ़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क था। (संबंधित खबर मुख्य संस्करण में)
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