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Karnal News: पोषण और खेल की कमी, कद की रफ्तार थमी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2026 02:19 AM IST
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Lack of nutrition and sports has stalled the rate of height growth.
करनाल। उम्र की तुलना में लंबाई कम है। बच्चे की उचित लंबाई के लिए हर अभिभावक चिंतित रहता है। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में बच्चे की कम लंबाई की शिकायत के साथ पहुंचने वाले अभिभावकों की संख्या काफी होती है। खानपान में पोषक तत्वों की कमी और शारीरिक गतिविधि कम होने का असर बच्चों की वृद्धि पर पड़ता है। रोजाना ओपीडी में 10 से 12 बच्चों के अभिभावक बच्चों की लंबाई कम होने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
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जिला नागरिक अस्पताल की डायटिशियन वंदना रानी के अनुसार, ओपीडी में आए ऐसे ही एक मामले में 14 साल की बच्ची की लंबाई उम्र के हिसाब से कम पाई गई। जांच के दौरान उसके शरीर में विटामिन-डी, कैल्शियम और प्रोटीन की कमी सामने आई। उन्होंने खानपान में सुधार के साथ उसे रोजाना पर्याप्त नींद और खेलकूद की सलाह दी।
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उन्होंने कहा कि बच्चों की वृद्धि के लिए केवल पेट भरना पर्याप्त नहीं बल्कि भोजन में जरूरी पोषक तत्वों का होना भी जरूरी है। बच्चों के विकास में प्रोटीन की अहम भूमिका है। शरीर की मांसपेशियों और ऊतकों के निर्माण में प्रोटीन जरूरी होता है। हड्डियों के विकास के लिए विटामिन-डी और कैल्शियम महत्वपूर्ण हैं। बच्चों के भोजन में दूध, दही, दाल, अंडे, सोया, पनीर और अन्य पोषक खाद्य पदार्थ शामिल करना जरूरी है।
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कम से कम एक घंटा खेलना जरूरी
जिला अस्पताल में आए एक अन्य मामले में 9 वर्षीय बच्चे को रोजाना कम से कम एक घंटा खेलने की सलाह दी गई। डायटिशियन वंदना रानी ने बताया कि बच्चों के शारीरिक विकास में संतुलित आहार के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि भी महत्वपूर्ण है। बच्चों को आउटडोर गेम, दौड़ना और अन्य शारीरिक गतिविधियों के लिए समय देना चाहिए। कम से कम एक घंटा आउटडोर गेम जरूरी है।

कम लंबाई के प्रमुख कारण
पोषण की कमी: बच्चों के विकास के लिए आवश्यक प्रोटीन, विटामिन और खनिज जैसे पोषक तत्वों की कमी उनकी वृद्धि को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। विटामिन डी की कमी विशेष रूप से हड्डियों के विकास में बाधा डालती है, जिससे लंबाई कम रह सकती है।

ग्रोथ हार्मोन की कमी : यह एक प्रमुख कारण है जहां शरीर में ग्रोथ हार्मोन का उत्पादन पर्याप्त मात्रा में नहीं होता। यह स्थिति जन्मजात हो सकती है या बाद में भी विकसित हो सकती है।

आनुवंशिक कारण : माता-पिता की लंबाई भी जीन के माध्यम से बच्चों की लंबाई को प्रभावित करती है।

अन्य स्वास्थ्य समस्याएं : क्रोनिक किडनी रोग, हृदय रोग, सीलिएक रोग, एनीमिया (खून की कमी) और थायरॉइड की समस्या (हाइपोथायरॉइडिज्म) जैसी पुरानी बीमारियां भी बच्चों के विकास को धीमा कर सकती हैं।
आयु लड़के का वजन (किलो) लड़की का वजन (किलो) लड़के की लंबाई (इंच) लड़की की लंबाई (इंच)
नवजात शिशु
-
-
18-22
18-22
1 वर्ष
10.2
9.5
28-30
28-30
2 वर्ष
12.3 - 16
12 - 15
32-36
32-36
3-5 वर्ष
14 - 17
14 - 16
39-43
39-43
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार
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