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छात्र आत्महत्या के बाद बड़ी पहल: दिल्ली के शिक्षक और कर्मचारी होंगे प्रशिक्षित, छात्रों की समस्याओं को समझेंगे
Mon, 21 Sep 2026 08:31 AM IST
अनुज कुमार
ललित कौशिक, अमर उजाला, नई दिल्ली
ललित कौशिक, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 21 Sep 2026 08:31 AM IST
सार
दिल्ली के इंजीनियरिंग संस्थानों में शिक्षकों और कर्मचारियों को छात्रों के साथ संवेदनशील व्यवहार का प्रशिक्षण मिलेगा। इसका उद्देश्य छात्रों की समस्याओं को बेहतर समझना और उन्हें उचित सहायता तक पहुंचाना है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई
विस्तार
दिल्ली के इंजीनियरिंग संस्थानों में शिक्षक और कर्मचारी छात्रों के साथ संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ व्यवहार करने का प्रशिक्षण लेंगे। इसका उद्देश्य छात्रों की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझना, उनकी बात ध्यान से सुनना और जरूरत पड़ने पर उन्हें संस्थान की उचित सहायता व्यवस्था तक पहुंचाना है। इस पहल के तहत फैकल्टी सदस्यों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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दरअसल, पिछले अगस्त में आईआईटी दिल्ली परिसर में एमएससी छात्र ऋषिकेश की आत्महत्या का मामला सामने आया था। इसके बाद छात्रों ने लंबे समय तक प्रदर्शन कर विरोध जताया था। मामले की जांच के लिए एक समिति भी गठित की गई थी, जिसकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। इस बीच आईआईटी दिल्ली ने शिक्षकों और कर्मचारियों को छात्रों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाने की पहल शुरू की है। इसके लिए संस्थान ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी किया है।
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इसके तहत चयनित एजेंसी करीब 700 शिक्षकों और 1,500 कर्मचारियों को प्रशिक्षण देगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम पांच महीने तक चलेगा। पहले चरण के बाद प्रतिभागियों से मिले फीडबैक और संस्थान की जरूरतों के आधार पर अतिरिक्त सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
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केस स्टडी और रोल प्ले से होगा अभ्यास
प्रशिक्षण केवल व्याख्यान तक सीमित नहीं रहेगा। प्रतिभागियों को केस स्टडी, रोल प्ले, वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित उदाहरण और समूह चर्चा के माध्यम से भी अभ्यास कराया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में चयनित एजेंसी इसकी रिपोर्ट भी तैयार करेगी।
छात्र केंद्रित माहौल तैयार करना लक्ष्य
आईआईटी दिल्ली के अनुसार, प्रशिक्षण का उद्देश्य ऐसा छात्र-केंद्रित और संवेदनशील माहौल तैयार करना है, जहां छात्रों की चिंताओं को सहानुभूति, गरिमा और उचित प्रक्रिया के साथ सुना और संबोधित किया जा सके। वहीं, दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) ने भी एक अच्छा शिक्षक कैसे बनें विषय पर फैकल्टी सदस्यों के लिए सेमिनार आयोजित किया। इसमें शिक्षण कौशल को बेहतर बनाने, प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने और संकाय विकास में सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
इन पहलुओं पर दिया जाएगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को छात्रों की परिस्थितियों और भावनाओं को समझते हुए सम्मानजनक व्यवहार करने के तरीके बताए जाएंगे। छात्र अपनी समस्या साझा करे तो उसे बीच में टोके बिना ध्यान से सुनने और उसकी बात को समझने पर भी जोर दिया जाएगा। इसके अलावा कठिन परिस्थितियों में छात्रों से प्रभावी और सम्मानजनक संवाद करने, उनके व्यवहार या बातचीत से तनाव अथवा परेशानी के संकेत पहचानने और संवेदनशील मामलों में उचित प्रतिक्रिया देने का प्रशिक्षण मिलेगा।। ऐसी समस्या, जिसे वे स्वयं हल नहीं कर सकते, उसमें छात्र को संस्थान में उपलब्ध उचित सहायता व्यवस्था तक पहुंचाने के तरीके भी बताए जाएंगे।