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पाकिस्तान क्रिकेट में बयानबाजी तेज: बाबर को लेकर वसीम अकरम के 'चने बेचने' वाले बयान पर बवाल; किसने की आलोचना?
Thu, 24 Sep 2026 11:16 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 24 Sep 2026 11:16 AM IST
सार
इंग्लैंड के खिलाफ 0-3 टेस्ट सीरीज हारने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वसीम अकरम ने बाबर आजम के उस बयान पर निशाना साधा जिसमें उन्होंने पीसीबी के बड़े बदलावों की जानकारी होने से इनकार किया था। शोएब अख्तर और राशिद लतीफ ने भी बाबर की कप्तानी पर टिप्पणी की है।
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बाबर और वसीम अकरम
- फोटो : Twitter
विस्तार
इंग्लैंड में पाकिस्तान को तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 3-0 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम समेत पूरी टीम की आलोचना हो रही है। इस दौरे पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने कई ऐसे फैसले लिए, जो विवादों में रहे। टीम को न सिर्फ तीनों टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा, बल्कि सीरीज के दौरान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सात खिलाड़ियों को वापस भेजने और कोचिंग स्टाफ में बदलाव का भी फैसला किया। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने कप्तान बाबर आजम के रवैये पर सवाल उठाए हैं। अकरम ने कहा कि अगर कप्तान को टीम में हो रहे बदलावों की जानकारी ही नहीं थी तो फिर वह वहां क्या कर रहे थे। वसीम को जहां शोएब अख्तर का साथ मिला, वहीं, उनके बयान की पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर तनवीर अहमद ने आलोचना की है।
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वसीम अकरम और बाबर आजम
- फोटो : ANI/PTI
'आप यहां क्या कर रहे थे, चने बेचने आए थे?'
इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के दौरान पाकिस्तान क्रिकेट में उस समय बड़ा बदलाव हुआ, जब पीसीबी ने सात खिलाड़ियों को वापस भेज दिया और मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी बीच सीरीज में हटा दिया। उनकी जगह माइक हेसन और एश्ले नॉफके को जिम्मेदारी दी गई। अंतिम टेस्ट के टॉस के दौरान जब बाबर आजम से इस फैसले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। बाबर के इसी जवाब पर वसीम अकरम ने नाराजगी जताई।
मैनचेस्टर में एक चैरिटी कार्यक्रम के दौरान अकरम ने कहा, 'बाबर आजम ने कहा कि उसे पता नहीं था। अगर आपको पता ही नहीं था तो आप यहां क्या कर रहे थे? आप चने बेचने आए थे?' अकरम ने कप्तान और खिलाड़ियों के बीच भरोसे को भी अहम बताया। उन्होंने कहा, 'एक खिलाड़ी या व्यक्ति के तौर पर मेरा मानना है कि अगर आपका नेता या कप्तान आपके साथ खड़ा नहीं होता, तो आप अपना 100 प्रतिशत नहीं दे सकते।'
इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के दौरान पाकिस्तान क्रिकेट में उस समय बड़ा बदलाव हुआ, जब पीसीबी ने सात खिलाड़ियों को वापस भेज दिया और मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी बीच सीरीज में हटा दिया। उनकी जगह माइक हेसन और एश्ले नॉफके को जिम्मेदारी दी गई। अंतिम टेस्ट के टॉस के दौरान जब बाबर आजम से इस फैसले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। बाबर के इसी जवाब पर वसीम अकरम ने नाराजगी जताई।
मैनचेस्टर में एक चैरिटी कार्यक्रम के दौरान अकरम ने कहा, 'बाबर आजम ने कहा कि उसे पता नहीं था। अगर आपको पता ही नहीं था तो आप यहां क्या कर रहे थे? आप चने बेचने आए थे?' अकरम ने कप्तान और खिलाड़ियों के बीच भरोसे को भी अहम बताया। उन्होंने कहा, 'एक खिलाड़ी या व्यक्ति के तौर पर मेरा मानना है कि अगर आपका नेता या कप्तान आपके साथ खड़ा नहीं होता, तो आप अपना 100 प्रतिशत नहीं दे सकते।'
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वसीम अकरम
- फोटो : Instagram @Shahid Afridi and Fakhr Alam
अकरम बोले- बाबर को कप्तानी नहीं लेनी चाहिए थी
वसीम अकरम ने बाबर आजम के कप्तानी संभालने के फैसले पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में हार के बाद बाबर को कप्तानी छोड़कर सिर्फ खिलाड़ी के तौर पर खेलने का फैसला करना चाहिए था अकरम ने कहा, 'मैं किसी को दोष नहीं देना चाहता और मैं गलत भी हो सकता हूं। लेकिन मेरी राय में बाबर को कप्तानी नहीं लेनी चाहिए थी। यह सब जरूरी नहीं था।' उन्होंने आगे कहा, 'मेरी सलाह है कि दूसरे टेस्ट के बाद बाबर को कहना चाहिए था कि वह सिर्फ एक खिलाड़ी के तौर पर खेलेंगे।' पाकिस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज 0-3 से गंवाई। इस हार ने टीम की रणनीति, नेतृत्व और चयन प्रक्रिया को लेकर बहस को और तेज कर दिया।
वसीम अकरम ने बाबर आजम के कप्तानी संभालने के फैसले पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में हार के बाद बाबर को कप्तानी छोड़कर सिर्फ खिलाड़ी के तौर पर खेलने का फैसला करना चाहिए था अकरम ने कहा, 'मैं किसी को दोष नहीं देना चाहता और मैं गलत भी हो सकता हूं। लेकिन मेरी राय में बाबर को कप्तानी नहीं लेनी चाहिए थी। यह सब जरूरी नहीं था।' उन्होंने आगे कहा, 'मेरी सलाह है कि दूसरे टेस्ट के बाद बाबर को कहना चाहिए था कि वह सिर्फ एक खिलाड़ी के तौर पर खेलेंगे।' पाकिस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज 0-3 से गंवाई। इस हार ने टीम की रणनीति, नेतृत्व और चयन प्रक्रिया को लेकर बहस को और तेज कर दिया।
🚨 Wasim Akram on Babar Azam captaincy:
— Shakeel Khan Khattak (@ShakeelktkKhan) September 20, 2026
“I don’t want to blame anyone,I think Babar should never have taken the captaincy.After 2nd Test Babar should have said he would play only as a player. If your leader or captain doesn’t have your back, you can’t give 100%.” pic.twitter.com/NEefW2ZTgg
तनवीर अहमद
- फोटो : twitter
वसीम अकरम के बयान की तनवीर ने की आलोचना
तनवीर ने एक शो के दौरान कहा, 'जिस तरह के शब्द इस्तेमाल किए वसीम भाई ने बाबर के लिए, मैं इन लोगों से इस तरह की उम्मीद नहीं कर सकता। ये लोग इतने बड़े नाम हैं। पाकिस्तान के इतिहास में आपसे बड़ा गेंदबाज कोई नहीं है। तो हमारे बड़े प्लेयर, इस तरह से अपने कप्तान को या अपने प्लेयर्स को इन लफ्जों से याद करेंगे तो ये तो गलत है। ठीक है मैं भी पंजाबी हूं, पंजाबी में ये सब चलता है। लेकिन जिस तरह से आपने कहा है कि छोले बेचने आए हैं, बाबर पाकिस्तान टीम का कप्तान है। ये चीजें ऑफ कैमरा ठीक है।'
तनवीर ने कहा, 'ऑफ कैमरा में आप चाहें कुछ भी कहें कि छोले बेचने आए हैं, या केले बेचने आए हैं या आम बेचने आए हैं, ये (वसीम) कुछ भी कह दें कोई मसला नहीं है। लेकिन जब आप कैमरे के सामने आ रहे हैं, तो हमने और खिलाड़ियों को देखा है दुनिया के, वो अपने खिलाड़ियों के लिए अच्छे अच्छे शब्द इस्तेमाल करते हैं। आप लोग इतने बड़े खिलाड़ी हैं, अगर आप अपने खिलाड़ियों के लिए अच्छे शब्द इस्तेमाल नहीं करेंगे तो कौन करेगा। ये सबको पता है कि पाकिस्तान टीम मुश्किलों में है। हमारी टीम इस वक्त जितनी मुश्किल में है, पहले कभी भी नहीं हुई।'
तनवीर ने तो वसीम पर निशाना साधते हुए कहा, 'आजकल सोशल मीडिया का दौर है और लोग काफी एक्टिव हैं। अगर ये आज के दौर में होते तो लीजेंड बन ही नहीं सकते थे। ये लोग समझें कि सोशल मीडिया का जो ये दौर है, इसमें खिलाड़ियों का खेलना इतना आसान नहीं है। हर कोई आपके पीछे लग जाता है। आपके घर में भी कोई होगा, वो भी आपके पीछे पड़ जाएगा, क्योंकि सब मोबाइल देख रहे होंगे। वो भी आपसे सवाल पूछ देंगे। तो आपके घर के लोग भी आपके खिलाफ हो जाते हैं।'
तनवीर ने एक शो के दौरान कहा, 'जिस तरह के शब्द इस्तेमाल किए वसीम भाई ने बाबर के लिए, मैं इन लोगों से इस तरह की उम्मीद नहीं कर सकता। ये लोग इतने बड़े नाम हैं। पाकिस्तान के इतिहास में आपसे बड़ा गेंदबाज कोई नहीं है। तो हमारे बड़े प्लेयर, इस तरह से अपने कप्तान को या अपने प्लेयर्स को इन लफ्जों से याद करेंगे तो ये तो गलत है। ठीक है मैं भी पंजाबी हूं, पंजाबी में ये सब चलता है। लेकिन जिस तरह से आपने कहा है कि छोले बेचने आए हैं, बाबर पाकिस्तान टीम का कप्तान है। ये चीजें ऑफ कैमरा ठीक है।'
तनवीर ने कहा, 'ऑफ कैमरा में आप चाहें कुछ भी कहें कि छोले बेचने आए हैं, या केले बेचने आए हैं या आम बेचने आए हैं, ये (वसीम) कुछ भी कह दें कोई मसला नहीं है। लेकिन जब आप कैमरे के सामने आ रहे हैं, तो हमने और खिलाड़ियों को देखा है दुनिया के, वो अपने खिलाड़ियों के लिए अच्छे अच्छे शब्द इस्तेमाल करते हैं। आप लोग इतने बड़े खिलाड़ी हैं, अगर आप अपने खिलाड़ियों के लिए अच्छे शब्द इस्तेमाल नहीं करेंगे तो कौन करेगा। ये सबको पता है कि पाकिस्तान टीम मुश्किलों में है। हमारी टीम इस वक्त जितनी मुश्किल में है, पहले कभी भी नहीं हुई।'
तनवीर ने तो वसीम पर निशाना साधते हुए कहा, 'आजकल सोशल मीडिया का दौर है और लोग काफी एक्टिव हैं। अगर ये आज के दौर में होते तो लीजेंड बन ही नहीं सकते थे। ये लोग समझें कि सोशल मीडिया का जो ये दौर है, इसमें खिलाड़ियों का खेलना इतना आसान नहीं है। हर कोई आपके पीछे लग जाता है। आपके घर में भी कोई होगा, वो भी आपके पीछे पड़ जाएगा, क्योंकि सब मोबाइल देख रहे होंगे। वो भी आपसे सवाल पूछ देंगे। तो आपके घर के लोग भी आपके खिलाफ हो जाते हैं।'
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रजाउल्लाह
- फोटो : Amar Ujala Graphics
युवा रजा उल्लाह ने बल्ले से दिखाई उम्मीद
इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान के लिए बहुत कम सकारात्मक पहलू रहे, लेकिन 21 वर्षीय रजा उल्लाह का प्रदर्शन जरूर चर्चा में रहा। उन्होंने एजबेस्टन टेस्ट में पदार्पण करते हुए तेज गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी प्रभाव छोड़ा। दूसरी पारी में जब पाकिस्तान हार के बेहद करीब था, रजा उल्लाह ने 63 गेंदों पर 81 रन की पारी खेली। उन्होंने मोहम्मद अब्बास के साथ 121 रन की साझेदारी कर पाकिस्तान को बढ़त दिलाने में मदद की। हालांकि टीम मैच और सीरीज दोनों हार गई।
रजा उल्लाह के प्रदर्शन के बाद उनके गृहनगर में शानदार स्वागत हुआ। बड़ी संख्या में लोग उन्हें बधाई देने पहुंचे। इस स्वागत को लेकर भी अकरम ने पाकिस्तान क्रिकेट की मानसिकता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'जरा मुंह छुपाकर जाओ। घर जाकर जश्न मनाओ। मैं साफ कहना चाहता हूं कि आप दुनिया का सबसे अच्छा कोच या सबसे अच्छा चेयरमैन ले आएं, लेकिन खिलाड़ी तो वही हैं। कोई नए खिलाड़ी नहीं हैं।' अकरम ने आगे कहा, 'हमें इंग्लैंड ने हराया नहीं, बुरी तरह हराया। इसके बाद वह इस्लामाबाद पहुंचता है तो 5,000 लोग उसका स्वागत करने आते हैं। उसके पूरे गांव के लोग फूल और मालाएं लेकर पहुंचते हैं। यह हमारी मानसिकता दिखाता है। हमने औसत प्रदर्शन को स्वीकार कर लिया है।'
इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान के लिए बहुत कम सकारात्मक पहलू रहे, लेकिन 21 वर्षीय रजा उल्लाह का प्रदर्शन जरूर चर्चा में रहा। उन्होंने एजबेस्टन टेस्ट में पदार्पण करते हुए तेज गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी प्रभाव छोड़ा। दूसरी पारी में जब पाकिस्तान हार के बेहद करीब था, रजा उल्लाह ने 63 गेंदों पर 81 रन की पारी खेली। उन्होंने मोहम्मद अब्बास के साथ 121 रन की साझेदारी कर पाकिस्तान को बढ़त दिलाने में मदद की। हालांकि टीम मैच और सीरीज दोनों हार गई।
रजा उल्लाह के प्रदर्शन के बाद उनके गृहनगर में शानदार स्वागत हुआ। बड़ी संख्या में लोग उन्हें बधाई देने पहुंचे। इस स्वागत को लेकर भी अकरम ने पाकिस्तान क्रिकेट की मानसिकता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'जरा मुंह छुपाकर जाओ। घर जाकर जश्न मनाओ। मैं साफ कहना चाहता हूं कि आप दुनिया का सबसे अच्छा कोच या सबसे अच्छा चेयरमैन ले आएं, लेकिन खिलाड़ी तो वही हैं। कोई नए खिलाड़ी नहीं हैं।' अकरम ने आगे कहा, 'हमें इंग्लैंड ने हराया नहीं, बुरी तरह हराया। इसके बाद वह इस्लामाबाद पहुंचता है तो 5,000 लोग उसका स्वागत करने आते हैं। उसके पूरे गांव के लोग फूल और मालाएं लेकर पहुंचते हैं। यह हमारी मानसिकता दिखाता है। हमने औसत प्रदर्शन को स्वीकार कर लिया है।'
बाबर आजम
- फोटो : ANI
बाबर को रजा उल्लाह के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी
रजा उल्लाह को इंग्लैंड भेजे गए सात खिलाड़ियों में शामिल किया गया था। दूसरे लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बाद पाकिस्तान प्रबंधन ने टीम में बड़े बदलाव किए थे। उन्हें अंतिम टेस्ट में मौका मिला और उन्होंने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। मैच के बाद बाबर आजम ने भी माना कि उन्हें रजा उल्लाह के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। बाबर ने कहा था, 'ईमानदारी से कहूं तो उसके आने से पहले मैं उसके बारे में ज्यादा नहीं जानता था। लेकिन मैंने उसकी बल्लेबाजी के बारे में सुना था, क्योंकि वह सलामी बल्लेबाज के तौर पर आया था और उसने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 100 रन बनाए थे। मैंने उस पारी के बारे में सुना था।'
रजा उल्लाह को इंग्लैंड भेजे गए सात खिलाड़ियों में शामिल किया गया था। दूसरे लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बाद पाकिस्तान प्रबंधन ने टीम में बड़े बदलाव किए थे। उन्हें अंतिम टेस्ट में मौका मिला और उन्होंने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। मैच के बाद बाबर आजम ने भी माना कि उन्हें रजा उल्लाह के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। बाबर ने कहा था, 'ईमानदारी से कहूं तो उसके आने से पहले मैं उसके बारे में ज्यादा नहीं जानता था। लेकिन मैंने उसकी बल्लेबाजी के बारे में सुना था, क्योंकि वह सलामी बल्लेबाज के तौर पर आया था और उसने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 100 रन बनाए थे। मैंने उस पारी के बारे में सुना था।'
शोएब अख्तर
- फोटो : ANI
शोएब अख्तर और राशिद लतीफ भी बाबर पर बरसे
बाबर आजम की कप्तानी को लेकर सिर्फ वसीम अकरम ने ही सवाल नहीं उठाए। पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भी उनकी कप्तानी और फैसले लेने की क्षमता पर टिप्पणी की। अख्तर ने कहा, 'बाबर का व्यक्तित्व उसकी कप्तानी, फैसले लेने और उसके खेल में दिखाई देता है। इसी वजह से वह इस समय संघर्ष कर रहा है। वह सही फैसले लेने में सक्षम नहीं है।'
वहीं, पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज राशिद लतीफ ने बाबर को कप्तानी छोड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा, 'बाबर को यहां इस्तीफा दे देना चाहिए था। आधी टीम को वापस भेज दिया गया। अगर मैं उसकी जगह होता तो कप्तानी छोड़ देता। आप डमी कप्तान बन गए हैं। आपके कोच को किनारे कर दिया गया है और आप चुपचाप बैठे हैं।' पाकिस्तान की इंग्लैंड में 0-3 की हार के बाद अब टीम के नेतृत्व, चयन और प्रबंधन को लेकर बहस जारी है। बाबर आजम पर पूर्व खिलाड़ियों की टिप्पणियों ने इस बहस को और तीखा कर दिया है।
बाबर आजम की कप्तानी को लेकर सिर्फ वसीम अकरम ने ही सवाल नहीं उठाए। पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने भी उनकी कप्तानी और फैसले लेने की क्षमता पर टिप्पणी की। अख्तर ने कहा, 'बाबर का व्यक्तित्व उसकी कप्तानी, फैसले लेने और उसके खेल में दिखाई देता है। इसी वजह से वह इस समय संघर्ष कर रहा है। वह सही फैसले लेने में सक्षम नहीं है।'
वहीं, पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज राशिद लतीफ ने बाबर को कप्तानी छोड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा, 'बाबर को यहां इस्तीफा दे देना चाहिए था। आधी टीम को वापस भेज दिया गया। अगर मैं उसकी जगह होता तो कप्तानी छोड़ देता। आप डमी कप्तान बन गए हैं। आपके कोच को किनारे कर दिया गया है और आप चुपचाप बैठे हैं।' पाकिस्तान की इंग्लैंड में 0-3 की हार के बाद अब टीम के नेतृत्व, चयन और प्रबंधन को लेकर बहस जारी है। बाबर आजम पर पूर्व खिलाड़ियों की टिप्पणियों ने इस बहस को और तीखा कर दिया है।