फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   India vs West Indies ODI Series Analysis: 5 Positives and 5 Areas of Concern

तीसरे वनडे ने खोल दी पोल!: वेस्टइंडीज सीरीज ने बताया- भारत को कहां सुधार की जरूरत? 5 मजबूत और 5 कमजोर कड़ियां

Sun, 04 Oct 2026 10:04 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Sun, 04 Oct 2026 10:04 AM IST
सार

वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत ने वनडे सीरीज 2-1 से जीती, लेकिन तीसरे मैच की हार ने कुछ सवाल भी खड़े किए। बल्लेबाजी में शुभमन गिल, केएल राहुल और रोहित शर्मा ने दम दिखाया, जबकि कुलदीप यादव ने गेंद से प्रभाव छोड़ा। डेथ बॉलिंग, फील्डिंग और सपाट पिचों पर गेंदबाजी की रणनीति चिंता का विषय रही।

विज्ञापन
India vs West Indies ODI Series Analysis: 5 Positives and 5 Areas of Concern
भारतीय टीम का एनालिसिस - फोटो : Ani

विस्तार

वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज भारत ने 2-1 से अपने नाम कर ली। पहले दो मुकाबलों में टीम इंडिया ने जिस अंदाज में बड़े लक्ष्य का पीछा किया, उससे उसकी बल्लेबाजी की ताकत साफ दिखाई दी। लेकिन तीसरे वनडे में 351 रन बनाने के बावजूद पांच विकेट से हार ने कुछ सवाल भी खड़े कर दिए। वेस्टइंडीज ने 48.2 ओवर में 352 रन बनाकर वनडे में अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज किया।

विज्ञापन


मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने भी टीम की दो कमजोरियों की ओर साफ इशारा किया। उन्होंने फील्डिंग में छह-सात कैच छूटने और डेथ ओवर की गेंदबाजी में रणनीति स्पष्ट नहीं होने की बात कही। ऐसे में आइए बताते हैं इस सीरीज से टीम इंडिया का एनालिसिस कैसा रहा और उसकी पांच मजबूत तथा पांच कमजोर कड़ियां कौन सी रहीं।

विज्ञापन

India vs West Indies ODI Series Analysis: 5 Positives and 5 Areas of Concern
शुभमन गिल - फोटो : ANI
पांच मजबूत कड़ियां

1. कप्तानी के साथ गिल का बल्ला भी चला
शुभमन गिल इस सीरीज में भारत के सबसे सफल बल्लेबाज रहे। उन्होंने तीन मैचों में 334 रन बनाए और उनका औसत 167 रहा। पहले वनडे में उन्होंने 110 रन बनाए, जबकि दूसरे मैच में 223 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी में सिर्फ रन ही नहीं, बल्कि तेजी भी दिखाई दी। सीरीज में उनका स्ट्राइक रेट 135.22 रहा। कप्तानी की जिम्मेदारी के साथ इस तरह का प्रदर्शन टीम के लिए बड़ा सकारात्मक पक्ष रहा।
विज्ञापन

India vs West Indies ODI Series Analysis: 5 Positives and 5 Areas of Concern
केएल राहुल - फोटो : BCCI
2. मध्यक्रम में राहुल ने फिर दिखाई ताकत
केएल राहुल ने सीरीज के दौरान मध्यक्रम में अपनी भूमिका को मजबूती दी। तीसरे वनडे में उन्होंने 129 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने 87 गेंदों में 10 चौके और छह छक्के लगाए। सीरीज के आंकड़ों में राहुल का यह प्रदर्शन खास रहा। बड़े लक्ष्य के दबाव में तेजी से रन बनाने और पारी को अंत तक ले जाने की उनकी क्षमता भारत के लिए अहम सकारात्मक पक्ष रही।

विज्ञापन

India vs West Indies ODI Series Analysis: 5 Positives and 5 Areas of Concern
रोहित और कोहली - फोटो : BCCI
3. रोहित-विराट ने दी टॉप ऑर्डर को मजबूती
रोहित शर्मा और विराट कोहली ने सीरीज में भारत के टॉप ऑर्डर को मजबूती दी। विराट ने पहले वनडे में 88 गेंदों पर 139 रन की शानदार पारी खेली। वहीं रोहित ने दूसरे वनडे में 75 गेंदों पर 101 और तीसरे वनडे में 85 गेंदों पर 92 रन बनाए। यानी रोहित ने तीनों मैचों में 225 रन बनाए, जबकि विराट के खाते में 168 रन रहे। दोनों का स्ट्राइक रेट भी प्रभावशाली रहा, विराट ने 155.56 और रोहित ने 115.38 की दर से रन बनाए।

दूसरे वनडे में रोहित की तेज 101 रन की पारी ने भारत को 406 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने के लिए मजबूत शुरुआत दी। वहीं तीसरे वनडे में उनकी 92 रन की पारी ने ऋतुराज गायकवाड़ के साथ 137 रन की साझेदारी की नींव रखी। टॉप ऑर्डर के इन दोनों अनुभवी बल्लेबाजों की निरंतरता सीरीज में भारत की बड़ी मजबूती रही।

India vs West Indies ODI Series Analysis: 5 Positives and 5 Areas of Concern
कुलदीप - फोटो : ANI
4. कुलदीप ने गेंद से लगातार असर छोड़ा
तीनों मैचों में कुलदीप यादव भारत के सबसे प्रभावी गेंदबाज रहे। उन्होंने सीरीज में सात विकेट लिए। पहले वनडे में 40 रन देकर चार विकेट लेने के बाद दूसरे मैच में उन्होंने अपने 200 वनडे विकेट पूरे किए। जब वेस्टइंडीज के बल्लेबाज तेजी से रन बना रहे थे, तब बीच के ओवरों में कुलदीप ने भारत को विकेट दिलाने और रन गति रोकने का काम किया। सीरीज में सात विकेट के साथ वह भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे।

India vs West Indies ODI Series Analysis: 5 Positives and 5 Areas of Concern
रोहित-ऋतुराज - फोटो : ANI
5. गायकवाड़ ने मौके को भुनाया
तीसरे वनडे में ऋतुराज गायकवाड़ को मिले मौके का उन्होंने फायदा उठाया। उन्होंने रोहित शर्मा के साथ 137 रन की साझेदारी की और 69 गेंदों पर 57 रन बनाए। यह पारी इस मायने में महत्वपूर्ण रही कि भारत के टॉप ऑर्डर में विकल्प मौजूद हैं। सीरीज में उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां मिलीं और उन्होंने तीसरे मैच में पारी को संभालने का काम किया। तीन मैच में ऋतुराज ने 101 की औसत से 101 रन बनाए।

India vs West Indies ODI Series Analysis: 5 Positives and 5 Areas of Concern
प्रसिद्ध, गुरनूर - फोटो : ANI
पांच कमजोर कड़ियां

1. पावरप्ले में गेंदबाज दबाव नहीं बना सके

सीरीज के तीनों मैचों में वेस्टइंडीज ने बड़े स्कोर बनाए—295/7, 405/7 और 352/5। यानी भारत के गेंदबाजों के सामने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने लगातार रन बनाए। खासकर बल्लेबाजी के लिए मददगार परिस्थितियों में शुरुआती ओवरों में दबाव बनाने में भारतीय गेंदबाजों को परेशानी हुई। बड़े स्कोर के बावजूद भारत पहले दो मैच जीत गया क्योंकि उसकी बल्लेबाजी ने इसकी भरपाई कर दी, लेकिन तीसरे मैच में यही कमजोरी निर्णायक बन गई।

India vs West Indies ODI Series Analysis: 5 Positives and 5 Areas of Concern
भारतीय टीम - फोटो : ANI
2. डेथ ओवर में योजना पर खुद कप्तान ने उठाए सवाल
सबसे बड़ा सवाल डेथ बॉलिंग पर है। तीसरे मैच में भारत 351 रन बनाने के बावजूद लक्ष्य का बचाव नहीं कर सका। वेस्टइंडीज ने 48.2 ओवर में इसे हासिल कर लिया। शुभमन गिल ने खुद कहा, 'हमें अपनी डेथ बॉलिंग पर काम करना होगा। हमें यह स्पष्ट नहीं है कि हम आक्रमण कर रहे हैं या बचाव।' यानी समस्या केवल रन लुटाने की नहीं, बल्कि डेथ ओवर में रणनीति की स्पष्टता की भी है।

India vs West Indies ODI Series Analysis: 5 Positives and 5 Areas of Concern
भारतीय टीम - फोटो : ANI
3. फील्डिंग में छह-सात कैच छूटना बड़ा संकेत
गिल ने तीसरे वनडे के बाद बताया कि भारत ने करीब छह-सात कैच छोड़े। उनका कहना था, 'हमने करीब छह-सात कैच छोड़े। यह अच्छा संकेत नहीं है, खासकर विश्व कप से पहले।' 352 रन के सफल रन चेज में ऐसी गलतियां और भी महंगी साबित होती हैं। शाई होप अंत तक नाबाद रहे और 162 रन बनाए। ऐसे मुकाबलों में एक-दो मौके गंवाना भी मैच का रुख बदल सकता है।

India vs West Indies ODI Series Analysis: 5 Positives and 5 Areas of Concern
भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी - फोटो : IPL
4. सपाट पिचों पर गेंदबाजी का प्लान और बेहतर चाहिए
सीरीज ने यह भी दिखाया कि जब पिच से गेंदबाजों को ज्यादा मदद नहीं मिलती, तब भारत को रन रोकने और विकेट निकालने के लिए ज्यादा स्पष्ट रणनीति चाहिए। ऐसे में टीम प्रबंधन के सामने एक सवाल यह भी हो सकता है कि क्या उपलब्ध अनुभवी विकल्पों में मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार जैसे गेंदबाजों पर विचार किया जा सकता था? हालांकि, इस सीरीज के संदर्भ में उनके चयन को लेकर कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इतना जरूर है कि अनुभव और डेथ ओवर की भूमिका को लेकर टीम को अपनी पसंद और रणनीति पर विचार करना होगा।

India vs West Indies ODI Series Analysis: 5 Positives and 5 Areas of Concern
राहुल-जडेजा - फोटो : PTI
5. जडेजा और गेंदबाजी में निरंतरता की जरूरत
रवींद्र जडेजा ने सीरीज में दो मैच खेले और 20 ओवर में 129 रन देकर दो विकेट लिए। दूसरे वनडे में उन्होंने 10 ओवर में 75 रन दिए। वहीं कुलदीप के अलावा भारतीय गेंदबाजी में वैसी निरंतरता नहीं दिखी। बल्लेबाजों ने लगातार बड़े स्कोर खड़े कर दिए, लेकिन गेंदबाजी इकाई उतनी ही निरंतरता से विपक्षी पर दबाव नहीं बना सकी। यही अंतर तीसरे मैच में निर्णायक साबित हुआ।

India vs West Indies ODI Series Analysis: 5 Positives and 5 Areas of Concern
भारतीय टीम - फोटो : ANI
सीरीज का सबसे बड़ा सबक क्या?
इस सीरीज में भारत की बल्लेबाजी ने दो बार गेंदबाजी की कमियों को ढक दिया। पहले मैच में 295 का लक्ष्य 41.4 ओवर में दो विकेट खोकर हासिल हुआ और दूसरे मैच में 405 रन का लक्ष्य भी भारत ने सिर्फ 43.3 ओवर में हासिल कर लिया। लेकिन तीसरे मैच में जब 351 रन बनाने के बाद भी गेंदबाज लक्ष्य नहीं बचा सके, तो यह साफ हुआ कि बल्लेबाजी की मजबूती हर बार गेंदबाजी की कमी को नहीं ढक सकती। विश्व कप की तैयारी के लिहाज से यही इस सीरीज का सबसे बड़ा संदेश है कि रन बनाने की क्षमता मौजूद है, लेकिन बड़े स्कोर का बचाव करने की क्षमता और बेहतर करनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed