फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Chhattisgarh to select first state butterfly, three species in the running

सीजी: छत्तीसगढ़ में चुनी जाएगी पहली राजकीय तितली, दौड़ में तीन प्रजातियां शामिल

Thu, 08 Oct 2026 05:19 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Thu, 08 Oct 2026 05:19 PM IST
सार

सरकार अपने प्रदेश की जैव विविधता को नई पहचान देने के लिए पहली राजकीय तितली का चयन करने जा रही है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने राजकीय तितली के खिताब के लिए तीन प्रमुख प्रजातियों को अंतिम सूची में शामिल किया है।

विज्ञापन
Chhattisgarh to select first state butterfly, three species in the running
छत्तीसगढ़ में चुनी जाएगी पहली राजकीय तितली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ सरकार अपने प्रदेश की जैव विविधता को नई पहचान देने के लिए पहली राजकीय तितली का चयन करने जा रही है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने राजकीय तितली के खिताब के लिए तीन प्रमुख प्रजातियों को अंतिम सूची में शामिल किया है। इस दौड़ में कॉमन बैंडेड पीकॉक, ऑरेंज ओकलीफ और स्पॉट स्वॉर्डटेल शामिल हैं। तितली के चयन के लिए उनकी उपलब्धता, पारिस्थितिक महत्व, संरक्षण मूल्य, विशिष्ट पहचान और जन-आकर्षण को मुख्य आधार बनाया जा रहा है।
विज्ञापन


राजकीय तितली की दौड़ में तीन प्रजातियां
राज्य में तितलियों की आबादी और प्रजातियों को समझने के लिए वर्ष 2019 से 2024 तक एक विस्तृत अध्ययन चलाया गया। इस पांच साल की अवधि में प्रदेश के सभी 33 जिलों को शामिल करके व्यापक सर्वे किया गया। इस अध्ययन का उद्देश्य राज्य के जंगलों, घासभूमियों तथा प्राकृतिक आवासों में मौजूद तितलियों का वैज्ञानिक डेटा तैयार करना था। इस प्रक्रिया में जगदलपुर से जुड़े शोधकर्ताओं और विभिन्न संस्थानों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस विस्तृत अध्ययन ने राज्य में प्राकृतिक संरक्षण की दिशा में नए रास्ते खोले हैं।
विज्ञापन


छह साल के सर्वे में 19 नई प्रजातियां
सर्वेक्षण के परिणामों के अनुसार छत्तीसगढ़ में अब तक कुल 201 तितली प्रजातियों का आधिकारिक दस्तावेजीकरण हो चुका है। इससे पहले राज्य में केवल 182 तितली प्रजातियों का ही रिकॉर्ड उपलब्ध था। छह वर्षों तक चले इस गहन अध्ययन के दौरान 19 ऐसी प्रजातियां पहली बार दर्ज की गईं, जो पहले प्रदेश में कभी नहीं देखी गई थीं। नए रिकॉर्ड सामने आने का यह सिलसिला लगातार जारी है। जंगलों के बीच उड़ती ये रंग-बिरंगी तितलियां प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर और समृद्ध पर्यावरण का प्रतीक बन रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कांगेर घाटी में जैव विविधता का अनूठा संसार
बस्तर क्षेत्र स्थित कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान तितलियों के लिए सबसे अनुकूल केंद्र बनकर उभरा है। इस राष्ट्रीय उद्यान में 252 से अधिक तितली प्रजातियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। यहां के घने जंगल, जलस्रोत, घास के मैदान और विविध प्रकार की वनस्पतियां तितलियों को एक आदर्श प्राकृतिक वातावरण प्रदान करते हैं। कांगेर घाटी के कुछ विशेष इलाकों में एक ही स्थान पर 100 से भी अधिक प्रजातियां देखी जा सकती हैं। यहां कॉमन जेम, ऑरेंज ओकलीफ, ब्लू टाइगर, प्लेन टाइगर और कॉमन मैप जैसी प्रजातियां मुख्य रूप से पाई जाती हैं। अक्तूबर से फरवरी के महीनों में इनकी गतिविधियां अपने चरम पर होती हैं, जो पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed