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बिहार: गंगा-कोसी के उफान से भागलपुर बेहाल, 178 गांव बाढ़ की चपेट में; प्रशासन ने बढ़ाई राहत की रफ्तार
Mon, 07 Sep 2026 09:21 PM IST
भागलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
Published by: भागलपुर ब्यूरो
Updated Mon, 07 Sep 2026 09:21 PM IST
सार
Bihar Flood News: भागलपुर में गंगा और कोसी के बढ़ते जलस्तर से 56 पंचायतों के 178 गांव बाढ़ प्रभावित हैं। करीब 2.18 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि प्रशासन ने 22 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
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बिहार में बाढ़ से लोग परेशान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गंगा और कोसी नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से भागलपुर में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। बाढ़ की स्थिति को लेकर जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने समाहरणालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहत और बचाव कार्यों की पूरी जानकारी दी। डीएम के मुताबिक जिले की 56 पंचायतों के 178 गांव और 347 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब 2 लाख 17 हजार 811 लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
प्रशासन ने अब तक 22 हजार 35 लोगों को प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राहत और आवागमन के लिए 71 सरकारी और अधिग्रहित नावों का परिचालन किया जा रहा है। बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच करीब 4 हजार पॉलीथिन शीट और तिरपाल का वितरण किया जा चुका है।
15 सामुदायिक रसोइयों में रोजाना भोजन की व्यवस्था
भोजन की व्यवस्था के लिए जिले में 15 सामुदायिक रसोइयां संचालित की जा रही हैं। इनमें 24 तारीख से अब तक एक लाख से अधिक लोगों को भोजन कराया जा चुका है। इसके अलावा टीएनबी कॉलेजिएट समेत सात प्रमुख स्थानों पर राहत शिविर भी चलाए जा रहे हैं।
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9 हजार से ज्यादा पशुओं का किया गया पंजीकरण
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुओं की सुरक्षा पर भी प्रशासन का फोकस है। अब तक 9 हजार 343 पशुओं का पंजीकरण किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उनके लिए भी राहत और बचाव की व्यवस्था की जा सके।
SDRF की 5 टीमें और 501 आपदा मित्र तैनात
राहत और बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ की पांच टीमें, 17 मोटरबोट और 501 आपदा मित्रों को तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत के मुताबिक राहत कार्यों को तेज किया जा रहा है।
'प्रशासन पूरी तरह अलर्ट'
डीएम अलंकृता पांडे ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरतमंदों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रशासन की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
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प्रशासन ने अब तक 22 हजार 35 लोगों को प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राहत और आवागमन के लिए 71 सरकारी और अधिग्रहित नावों का परिचालन किया जा रहा है। बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच करीब 4 हजार पॉलीथिन शीट और तिरपाल का वितरण किया जा चुका है।
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15 सामुदायिक रसोइयों में रोजाना भोजन की व्यवस्था
भोजन की व्यवस्था के लिए जिले में 15 सामुदायिक रसोइयां संचालित की जा रही हैं। इनमें 24 तारीख से अब तक एक लाख से अधिक लोगों को भोजन कराया जा चुका है। इसके अलावा टीएनबी कॉलेजिएट समेत सात प्रमुख स्थानों पर राहत शिविर भी चलाए जा रहे हैं।
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9 हजार से ज्यादा पशुओं का किया गया पंजीकरण
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुओं की सुरक्षा पर भी प्रशासन का फोकस है। अब तक 9 हजार 343 पशुओं का पंजीकरण किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उनके लिए भी राहत और बचाव की व्यवस्था की जा सके।
SDRF की 5 टीमें और 501 आपदा मित्र तैनात
राहत और बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ की पांच टीमें, 17 मोटरबोट और 501 आपदा मित्रों को तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत के मुताबिक राहत कार्यों को तेज किया जा रहा है।
'प्रशासन पूरी तरह अलर्ट'
डीएम अलंकृता पांडे ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरतमंदों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रशासन की टीमें लगातार काम कर रही हैं।