उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने विधायकों की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की बात कही है। राठौर के अनुसार बढ़ती उत्पादन लागत और मौसम की मार के बीच मौजूदा एमआईएस दर बागवानों के लिए पर्याप्त नहीं है।
सोमवार को पत्रकार वार्ता में राठौर ने कहा कि बागवानों को बढ़ती मजदूरी के साथ खाद, उर्वरक और पेस्टिसाइड की बढ़ी कीमतों का सामना करना पड़ रहा है। इस वर्ष भी सेब की फसल प्रभावित हुई है, जबकि उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार को बागवानों को राहत देने के लिए एमआईएस मूल्य में बढ़ोतरी करनी चाहिए।
राठौर के अनुसार राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को इस संबंध में मसौदा तैयार कर मुख्यमंत्री को भेजने को कहा गया है। सरकार ने दूध, हल्दी, गेहूं, किन्नू और आम समेत कई कृषि उत्पादों के दाम बढ़ाए हैं, लेकिन सेब के एमआईएस मूल्य में अभी तक बढ़ोतरी नहीं हुई है। ॉ