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Shimla News: राजधानी में रिहायशी काॅलोनियों से स्कूल के गेट तक कुत्तों का आतंक

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राजधानी में लावारिस कुत्तों के बढ़ते आतंक से शहरवासी दहशत में हैं। शहर में बच्चों पर आए दिन कुत्ते हमला कर रहे हैं। शांकली में मासूम बच्ची को लहूलुहान करने की घटना के बाद से अभिभावक चिंता में हैं। शहर में रिहायशी कॉलोनी से लेकर स्कूल के गेट तक के पैदल रास्ते पर लावारिस कुत्तों के झुंड घूम रहे हैं। कई स्कूलों ने तो मजबूरन लिखित में कुत्तों से राहत दिलाने की मांग कर दी है। पेश है यह रिपोर्ट-
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में लावारिस कुत्तों के आक्रामक होने से आए दिन लोग लहूलुहान हो रहे हैं। शहर में कई स्थान ऐसे हैं जहां इन दिनों लावारिस कुत्तों के बड़े झुंड सक्रिय हैं। यह पैदल चलने वाले लोगों से लेकर दोपहिया वाहन चालकों तक पर हमला कर रहे हैं।
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कुत्तों के बढ़ते हमले के बाद लोग अब इन्हें देखकर रास्ता बदलने को मजबूर हैं। अमर उजाला टीम ने सोमवार को शहर में ऐसे इलाकों का जायजा लिया जहां लोग कुत्तों से सबसे ज्यादा परेशान हैं। शहर में हिमलैंड क्षेत्र के टिंबर हाउस में 15 से 20 कुत्तों का झुंड सक्रिय है। बैम्लोई से लेकर टिंबर हाउस तक सड़क किनारे बने फुटपाथ पर इनका ठिकाना है। यह कई लोगों पर हमला कर चुके हैं। सब्जी मंडी की मीट मार्केट और आजीविका भवन के पास भी कुत्तों के कई झुंड घूम रहे हैं। मालरोड पर नाज चौक, शिल्ली चौक से खेल परिसर तक भी 15 से 20 लावारिस कुत्ते घूम रहे हैं। यह सैलानियों तक को काट रहे हैं।
न्यू शिमला की नेगी मार्किट, सेक्टर दो मिडिल मार्किट में भी लावारिस कुत्ते कई लोगों को काट चुके हैं। स्थानीय पार्षद निशा ठाकुर, निवासी राम कुमार, बृजबाला ने कहा कि कुत्तों के डर से कई लोगों ने सुबह की सैर तक छोड़ दी है। कृष्णानगर, खलीनी, पंथाघाटी, कसुम्पटी बाजार, संजौली बाजार में भी फुटपाथ पर लावारिस कुत्तों ने कब्जा जमा दिया है। यह पैदल आने जाने वाले लोगों के पीछे दौड़ते हैं और काटते हैं। इसी तरह मशोबरा, ढली, समिट्री, सांगटी, मल्याणा बाजार, समरहिल, टुटू, विकासनगर में भी बाजारों से लेकर रिहायशी कॉलोनियों तक में कुत्तों का आतंक है।
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स्कूलों ने लिखा, कुत्तों से दिलाओ राहत
शहर में कई स्कूलों ने भी अब कुत्तों से राहत दिलाने के लिए नगर निगम से पत्राचार किया है। संजौली पार्षद ममता चंदेल ने कहा कि मोनाल पब्लिक स्कूल ने तीन बार पत्र लिखकर कुत्तों को हटाने की मांग की है। इस स्कूल के गेट पर ही लावारिस कुत्ते घूमते रहते हैं। कई बार निगम को शिकायत दे चुके हैं लेकिन आज तक कोई काम नहीं हुआ। मशोबरा पार्षद विशाखा मोदी ने कहा कि सेक्रेड हार्ट स्कूल के आसपास लावारिस कुत्तों के डर से अभिभावकों को खुद बच्चों को छोड़ने स्कूल जाना पड़ रहा है। वार्ड में सौ से ज्यादा कुत्ते चिह्नित किए हैं। पार्षद उर्मिला कश्यप ने कहा कि अनाडेल चौक और सोसाइटी के गेट पर कुत्ते आए दिन लोगों को काट रहे हैं। पार्षद आशा शर्मा, नरेंद्र ठाकुर, पूर्व उप महापौर राकेश शर्मा ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। निगम शिकायतों के बावजूद राहत दिलाने में नाकाम हो रहा है।
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