जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अपने और गिरोह के अन्य सदस्यों के बैंक खाते एप से जोड़ रखे थे। इन खातों में फुलियाओ हांगकांग लिमिटेड नाम की विदेशी कंपनी से कमीशन की रकम आती थी। क्वाइन की रकम डॉलर के रूप में दिखाई देती थी। इसके बाद उसे एरटेल पे या एमपे जैसे भुगतान एप के जरिये बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता था। पुलिस का दावा है कि गिरोह ने एप के माध्यम से करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की। अर्जुन दिवाकर ने पूछताछ में बताया कि उसने वर्ष 2023 में यूट्यूब पर चैमेट के बारे में देखा था। इसके बाद उसने मथुरा के मोतीकुंज में कार्यालय किराये पर लेकर लड़कियों को काम पर रखना शुरू किया।
सात मोबाइल और 58 स्क्रीनशॉट बरामद
एसटीएफ ने आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, एक सीपीयू, तीन चेकबुक, एक पासबुक, आधार कार्ड, तीन डेबिट कार्ड, 58 स्क्रीनशॉट के प्रिंटआउट और एक फोर्ड कार बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और ऑनलाइन गेमिंग कानून के तहत केस दर्ज कराया गया है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। एसटीएफ गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।