बरेली: जनगणना ड्यूटी से छुट्टी अब आसान नहीं, मेडिकल जांच के बाद ही होगा फैसला, डीएम ने गठित की समिति
बरेली जिले में जनगणना ड्यूटी से छुट्टी पाने के लिए बहाना नहीं चलेगा। ड्यूटी कटवाने के लिए आने वाले प्रार्थना पत्रों के दावों की गहनता से जांच की जाएगी। चार सदस्यीय समिति इसका सत्यापन करेगी।
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बरेली में जनगणना-2027 को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जनगणना के दूसरे चरण में लगाए जाने वाले प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को ड्यूटी से मुक्त कराने के लिए आने वाले प्रार्थना पत्रों की अब गहन जांच होगी। सामान्य कारण बताकर ड्यूटी से बचने के प्रयासों को प्रशासन स्वीकार नहीं करेगा। खासकर स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देकर ड्यूटी से मुक्त होने का अनुरोध करने वाले कार्मिकों को गठित समिति के समक्ष मेडिकल परीक्षण कराना होगा। चिकित्सा अभिलेख और परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही दावे की वास्तविकता तय की जाएगी।
जिलाधिकारी/प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी ने ड्यूटी से मुक्त करने संबंधी प्रार्थना पत्रों के निस्तारण के लिए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। मुख्य विकास अधिकारी/अपर प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी इसके सदस्य होंगे। समिति प्रत्येक आवेदन की गंभीरता से जांच करेगी। आवेदन में दिए गए कारणों और दावों का उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर सत्यापन किया जाएगा।
बिना पर्याप्त आधार के नहीं कटेगी ड्यूटी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल ड्यूटी से बचने अथवा सामान्य कारणों के आधार पर प्रगणक और पर्यवेक्षक को जिम्मेदारी से मुक्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य संबंधी मामलों में मेडिकल परीक्षण और उपलब्ध चिकित्सा दस्तावेजों की जांच के बाद समिति अपनी स्पष्ट संस्तुति जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगी। पर्याप्त और सत्यापन योग्य कारण नहीं मिलने पर प्रार्थना पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जनगणना सेल में तीन की तैनाती
जनगणना-2027 के कार्यों के संचालन और समन्वय के लिए जनपद स्तरीय जनगणना सेल भी गठित किया गया है। इसमें एसडीएम न्यायिक/अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय आलोक कुमार, प्रशासनिक अधिकारी/जनगणना सहायक नरेंद्र प्रताप सिंह और नलकूप खंड द्वितीय के कनिष्ठ सहायक अमन सक्सेना को नामित किया गया है। ये अधिकारी और कर्मचारी जनगणना से जुड़े विभिन्न कार्यों के निष्पादन में सेल को सहयोग देंगे।
राष्ट्रीय महत्व के कार्य में लापरवाही पर सख्ती
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने जनगणना-2027 को सर्वोच्च प्राथमिकता वाला राष्ट्रीय महत्व का कार्य बताते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आपसी समन्वय से समयबद्ध जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना ड्यूटी के निर्वहन में लापरवाही अथवा अनावश्यक व्यवधान को गंभीरता से लिया जाएगा।