जिंदगी की छोटी-छोटी खुशियां अक्सर अपनों के साथ बिताए पलों में छिपी होती हैं। कभी सुबह की चाय पर परिवार के साथ हंसी-मजाक हो जाता है, तो कभी किसी की एक मजेदार बात पूरे दिन की थकान दूर कर देती है। घर में जब रिश्तेदार इकट्ठा होते हैं, तो बातचीत का दौर भी खूब चलता है। ऐसे में जीजा और साली की जोड़ी हो तो हंसी-मजाक का सिलसिला अपने आप शुरू हो जाता है। कभी साली अपने जीजा से ऐसे सवाल पूछती है कि उनके पास जवाब देना मुश्किल हो जाता है, तो कभी जीजा अपनी हाजिरजवाबी से साली को ही चुप करा देते हैं। दोनों के बीच की यह हल्की-फुल्की नोकझोंक परिवार की महफिल को और भी मजेदार बना देती है। तो चलिए, रोजमर्रा की ऐसी ही बातों से जुड़े जीजा और साली के कुछ छोटे-छोटे जोक्स पढ़ते हैं।
वायरल जोक्स: दीदी की शॉपिंग पर जीजा ने कह दी ऐसी बात, साली भी नहीं रोक पाई हंसी
Viral Jokes: जीजा और साली के रिश्ते में हंसी-मजाक और अपनापन अक्सर देखने को मिलता है। कभी साली अपने सवालों से जीजा को उलझा देती है तो कभी जीजा अपने मजेदार जवाबों से महफिल में हंसी बिखेर देते हैं। ये छोटे-छोटे जोक्स भी इसी नोकझोंक का मजेदार अंदाज दिखाते हैं।
साली - जीजाजी, आप हमेशा मोबाइल में क्यों लगे रहते हैं?
जीजा - जरूरी काम करता हूं।
साली - ऐसा कौन-सा काम है?
जीजा - तुम्हारी दीदी के ऑनलाइन शॉपिंग ऑर्डर का स्टेटस देखना पड़ता है।
जीजा - साली साहिबा, आजकल पढ़ाई कैसी चल रही है?
साली - बहुत अच्छी, बस किताब खोलते ही नींद आने लगती है।
जीजा - फिर तो तुम्हें किताबों से नहीं, तकिए से दूर रहने की जरूरत है।
साली - जीजाजी, आप दीदी को कभी बाहर घुमाने क्यों नहीं ले जाते?
जीजा - ले तो जाता हूं, लेकिन वापस आने के बाद पूरा महीना बजट संभालना पड़ता है।
साली - तो क्या हुआ, दीदी खुश तो रहती हैं!
जीजा - हां, और मेरा बैंक बैलेंस उदास!
जीजा - साली साहिबा, बताओ दुनिया में सबसे तेज क्या चलता है?
साली - दिमाग!
जीजा - गलत, तुम्हारी दीदी की शॉपिंग की खबर पूरे परिवार में सबसे तेज चलती है।
साली - जीजाजी, अब तो आपकी शिकायत भी जल्दी पहुंचने वाली है!
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)