{"_id":"6ae5cfa480d4df2dc60d6ddf","slug":"khabaron-ke-khiladi-up-mlc-polls-result-expert-analysis-on-assembly-election-news-updates-2026-10-31","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"खबरों के खिलाड़ी: यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले एमएलसी चुनाव के नतीजे किसे क्या दे गए? विश्लेषकों से समझें","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
खबरों के खिलाड़ी: यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले एमएलसी चुनाव के नतीजे किसे क्या दे गए? विश्लेषकों से समझें
Sat, 31 Oct 2026 05:03 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sat, 31 Oct 2026 05:03 PM IST
विज्ञापन
एमएलसी चुनाव 2026।
- फोटो : अमर उजाला
देश में चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर चुनाव हुए। इनमें से 11 सीटें उत्तर प्रदेश की थीं। इनमें से छह सीटें भाजपा और पांच सीटें सपा के खाते में गईं। राज्य में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आए इन नतीजों के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इन्हीं मायनों पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार पूर्णिमा त्रिपाठी, राकेश शुक्ल और अनुराग वर्मा मौजूद रहे।
अनुराग वर्मा: देश की सियासत में जिस तरह से राजनीति बदल रही है उसके हिसाब से हर दल को आत्ममंथन की जरूरत है। आज की तारीख में जो चुनाव होते हैं वो अलग तरह से हो रहे हैं। देश के चुनाव होते हैं तो वो पीएम मोदी वर्सेस राहुल गांधी होता है। वहीं, राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश का चुनाव होता है तो वो योगी वर्सेस अखिलेश हो जाता है। उससे नीचे जैसे आप जाते हैं वहां उम्मीदवार ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। भाजपा उम्मीदवार केंद्रित चुनाव नहीं लड़ती इसलिए छोटे चुनावों में उसे नुकसान होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अनुराग वर्मा: देश की सियासत में जिस तरह से राजनीति बदल रही है उसके हिसाब से हर दल को आत्ममंथन की जरूरत है। आज की तारीख में जो चुनाव होते हैं वो अलग तरह से हो रहे हैं। देश के चुनाव होते हैं तो वो पीएम मोदी वर्सेस राहुल गांधी होता है। वहीं, राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश का चुनाव होता है तो वो योगी वर्सेस अखिलेश हो जाता है। उससे नीचे जैसे आप जाते हैं वहां उम्मीदवार ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। भाजपा उम्मीदवार केंद्रित चुनाव नहीं लड़ती इसलिए छोटे चुनावों में उसे नुकसान होता है।
विज्ञापन
Trending Videos
पूर्णिमा त्रिपाठी: ये चुनाव ऐसे हैं कि देखन में छोटन लगे घाव करें गंभीर जैसी है। अखिलेश यादव का संदेश स्पष्ट है कि उन्होंने भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगा ली है। ये संदेश सिर्फ भाजपा के लिए नहीं है कांग्रेस के लिए भी है। जो बढ़चढ़कर 200 सीटों की मांग कर रही है। इन नतीजों के बाद उसे भी सोचना होगा कि उसकी बार्गेनिंग पावर कितनी है।
राकेश शुक्ल: पहले पंच, सरपंच चुनाव से एमएलसी चुनाव तक की चर्चा नहीं होती थी। अब सियासत बदल गई है। जितनी चर्चा एमएलसी चुनाव की हो रही है, उतनी पहले नहीं होती थी। कुछ सीटें इनकी अपनी-अपनी है। यूपी में भाजपा के लिए मंथन करनी जो बात है वो ये है कि जहां हारे वहां ज्यादा वोट से हारे और जहां जीते वहां बहुत कम अंतर से जीते। चिंतन करने की आवश्यकता इसलिए भी है कि इन सभी जगहों पर जो मतदाता सूची है उसमें स्वर्ण मतदाताओं की संख्या 60 फीसदी है।
राकेश शुक्ल: पहले पंच, सरपंच चुनाव से एमएलसी चुनाव तक की चर्चा नहीं होती थी। अब सियासत बदल गई है। जितनी चर्चा एमएलसी चुनाव की हो रही है, उतनी पहले नहीं होती थी। कुछ सीटें इनकी अपनी-अपनी है। यूपी में भाजपा के लिए मंथन करनी जो बात है वो ये है कि जहां हारे वहां ज्यादा वोट से हारे और जहां जीते वहां बहुत कम अंतर से जीते। चिंतन करने की आवश्यकता इसलिए भी है कि इन सभी जगहों पर जो मतदाता सूची है उसमें स्वर्ण मतदाताओं की संख्या 60 फीसदी है।