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झारखंड: गिरिडीह के डुमरी से ओएनजीसी के शीर्ष पद तक पहुंचे सुनील गुप्ता, सात दिसंबर को संभालेंगे कार्यभार
Fri, 23 Oct 2026 09:24 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Fri, 23 Oct 2026 09:24 PM IST
सार
झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी क्षेत्र के मूल निवासी सुनील कुमार गुप्ता को ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। वे 7 दिसंबर को पदभार संभालेंगे और उनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2028 तक रहेगा।
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सुनील कुमार गुप्ता।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने झारखंड राज्य के गिरिडीह जिले स्थित डुमरी क्षेत्र के मूल निवासी सुनील कुमार गुप्ता को ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। वे आगामी सात दिसंबर को इस प्रमुख महारत्न सार्वजनिक उपक्रम कंपनी के चेयरमैन पद का कार्यभार संभालेंगे। उनका कार्यकाल 31 दिसंबर, 2028 तक होगा।
ऐतिहासिक उपलब्धि और प्रशासनिक सफर
ओएनजीसी के लगभग 70 वर्षों के इतिहास में यह पहला अवसर है जब एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर स्तर के किसी अधिकारी को सीधे कंपनी के सर्वोच्च पद पर नियुक्त किया गया है। वर्तमान समय में सुनील कुमार गुप्ता ओएनजीसी मेहसाणा एसेट के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं एसेट मैनेजर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सीमित संसाधनों वाले साधारण परिवार से निकलकर विशाल संस्थान के शीर्ष पद तक पहुंचना न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण को दर्शाता है, बल्कि डुमरी, गिरिडीह जिले और पूरे झारखंड प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है।
उत्कृष्ट शिक्षा और शुरुआती कॅरिअर
सुनील कुमार गुप्ता का जन्म 29 दिसंबर, 1968 को डुमरी के साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा वर्ष 1975 में स्थानीय बेसिक स्कूल से प्रारंभ हुई। उन्होंने वर्ष 1984 में मैट्रिक उत्तीर्ण की। इसके बाद, वर्ष 1986 में संत कोलंबस कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। कुशाग्र बुद्धि और लगन के बल पर उन्होंने प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम) धनबाद में प्रवेश प्राप्त किया और वर्ष 1991 में पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। अपनी तकनीकी शिक्षा पूरी करने के उपरांत उन्होंने विपणन (मार्केटिंग) और वित्त (फाइनेंस) विषय में बिजनेस मैनेजमेंट का अध्ययन भी किया।
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तीन दशकों का अनुभव और तकनीकी योगदान
पेट्रोलियम इंजीनियरिंग की शिक्षा पूर्ण करने के बाद वर्ष 1991 में ही उन्होंने ओएनजीसी में पेशेवर कॅरिअर की शुरुआत की। उनकी प्रथम नियुक्ति असम राज्य के शिवसागर-नजीरा क्षेत्र में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (प्रोडक्शन) के पद पर हुई थी।
तीन दशक से भी अधिक लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने देश के विभिन्न प्रमुख तेल एवं प्राकृतिक गैस क्षेत्रों में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। इनमें मुंबई हाई, दिल्ली, हजीरा, काकीनाडा तथा मेहसाणा जैसे रणनीतिक और तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण प्रभाग सम्मिलित हैं। उन्होंने कच्चे तेल के उत्पादन, वेल सर्विसेज, डीप-वाटर ऑपरेशन तथा आधुनिक तकनीकों को धरातल पर उतारने में अभूतपूर्व योगदान दिया है।
ये भी पढ़ें- बिहार: सीवान में पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट, आठ लोगों की मौत की शुरुआती सूचना; एसपी ने पांच की पुष्टि की
गृह क्षेत्र में हर्ष और युवाओं के लिए प्रेरणा
सुनील कुमार गुप्ता की उपलब्धि से डुमरी और पूरे अंचल में उल्लास का माहौल बन गया। उनके पैतृक गांव तथा निवास स्थान पर परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का तांता लगा हुआ है। उनकी माता तुलसी देवी ने इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पुत्र ने निष्ठा और कड़ी मेहनत से पूरे गांव, जिले तथा प्रदेश का नाम रोशन किया है। सुनील गुप्ता की इस यात्रा से क्षेत्र के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा मिलेगी।
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ऐतिहासिक उपलब्धि और प्रशासनिक सफर
ओएनजीसी के लगभग 70 वर्षों के इतिहास में यह पहला अवसर है जब एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर स्तर के किसी अधिकारी को सीधे कंपनी के सर्वोच्च पद पर नियुक्त किया गया है। वर्तमान समय में सुनील कुमार गुप्ता ओएनजीसी मेहसाणा एसेट के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं एसेट मैनेजर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सीमित संसाधनों वाले साधारण परिवार से निकलकर विशाल संस्थान के शीर्ष पद तक पहुंचना न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण को दर्शाता है, बल्कि डुमरी, गिरिडीह जिले और पूरे झारखंड प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है।
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उत्कृष्ट शिक्षा और शुरुआती कॅरिअर
सुनील कुमार गुप्ता का जन्म 29 दिसंबर, 1968 को डुमरी के साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा वर्ष 1975 में स्थानीय बेसिक स्कूल से प्रारंभ हुई। उन्होंने वर्ष 1984 में मैट्रिक उत्तीर्ण की। इसके बाद, वर्ष 1986 में संत कोलंबस कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। कुशाग्र बुद्धि और लगन के बल पर उन्होंने प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम) धनबाद में प्रवेश प्राप्त किया और वर्ष 1991 में पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। अपनी तकनीकी शिक्षा पूरी करने के उपरांत उन्होंने विपणन (मार्केटिंग) और वित्त (फाइनेंस) विषय में बिजनेस मैनेजमेंट का अध्ययन भी किया।
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तीन दशकों का अनुभव और तकनीकी योगदान
पेट्रोलियम इंजीनियरिंग की शिक्षा पूर्ण करने के बाद वर्ष 1991 में ही उन्होंने ओएनजीसी में पेशेवर कॅरिअर की शुरुआत की। उनकी प्रथम नियुक्ति असम राज्य के शिवसागर-नजीरा क्षेत्र में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (प्रोडक्शन) के पद पर हुई थी।
तीन दशक से भी अधिक लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने देश के विभिन्न प्रमुख तेल एवं प्राकृतिक गैस क्षेत्रों में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। इनमें मुंबई हाई, दिल्ली, हजीरा, काकीनाडा तथा मेहसाणा जैसे रणनीतिक और तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण प्रभाग सम्मिलित हैं। उन्होंने कच्चे तेल के उत्पादन, वेल सर्विसेज, डीप-वाटर ऑपरेशन तथा आधुनिक तकनीकों को धरातल पर उतारने में अभूतपूर्व योगदान दिया है।
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गृह क्षेत्र में हर्ष और युवाओं के लिए प्रेरणा
सुनील कुमार गुप्ता की उपलब्धि से डुमरी और पूरे अंचल में उल्लास का माहौल बन गया। उनके पैतृक गांव तथा निवास स्थान पर परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का तांता लगा हुआ है। उनकी माता तुलसी देवी ने इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पुत्र ने निष्ठा और कड़ी मेहनत से पूरे गांव, जिले तथा प्रदेश का नाम रोशन किया है। सुनील गुप्ता की इस यात्रा से क्षेत्र के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा मिलेगी।