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Kathua News: तेज रफ्तार ट्रक ने दो मिनी बसों और ऑटो को मारी टक्कर, किशोर की मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे स्थित कालीबड़ी चौक पर रविवार सुबह पौने नौ बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। जम्मू की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने दो मिनीबसों और एक सवारी ऑटो को टक्कर मार दी। हादसे में 13 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग घायल हुए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि एक मिनी बस पलटकर हाईवे पर जा गिरी। दूसरी मिनी बस उछलकर सर्विस लेन पर जा गिरी और ऑटो भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ऑटो में चालक के अलावा कोई सवारी नहीं थी। मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को वाहनों से बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए जीएमसी कठुआ पहुंचाया। डॉक्टरों ने 13 वर्षीय शिवम को मृत घोषित कर दिया। शिवम का 10 वर्षीय भाई दिव्यम और मां राखी भी घायल हुए हैं। अन्य घायलों में ठनून निवासी जोगिंदर सिंह (65), नगरोटा निवासी मुरीद दीन (60), शिवानगर निवासी राजिंदर सिंह (50) और बरवाल निवासी आदित्य (28) शामिल हैं। कुछ घायलों के परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए पंजाब के निजी अस्पतालों में ले गए। अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र अत्री ने बताया कि छह घायलों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें तीन महिलाएं और तीन पुरुष थे। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
स्कूल समारोह में शामिल होने जा रहा था शिवम
शिवम अपनी मां और छोटे भाई दिव्यम के साथ जम्मू जा रहा था। उन्हें स्कूल के एक समारोह में शामिल होना था। घर से निकलते समय बच्चों में उत्साह था, लेकिन कालीबड़ी का यह मोड़ उनके लिए काल बन गया। सड़क किनारे खड़ी मेटाडोर में वे सवार थे, तभी बेकाबू ट्रक ने टक्कर मार दी। जोरदार टक्कर के बाद शिवम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल मां राखी और छोटे बेटे दिव्यम को पंजाब के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वे दोनों जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं, जबकि पिता कुलदीप कुमार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रिश्तेदार अनिल कुमार ने बताया कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है।
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एनएचएआई ने नहीं किया सुधार
कालीबड़ी चौक पर हुआ यह भीषण हादसा कोई नई घटना नहीं है। यह प्रशासनिक उपेक्षा और बदहाल यातायात व्यवस्था का सीधा परिणाम है। यह व्यस्ततम चौक कई वर्षों से दुर्घटनाओं का गवाह रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कोई तकनीकी सुधार नहीं किया है। यातायात पुलिस भी हाईवे किनारे मनमाने ढंग से खड़े होने वाले वाहनों पर लगाम नहीं लगा पा रही है। नियमों के अनुसार, यात्री वाहनों को सवारियां चढ़ाने-उतारने के लिए केवल सर्विस लेन का उपयोग करना चाहिए। हालांकि, पठानकोट और जम्मू दोनों ओर जाने वाली मुख्य सड़कों पर मिनीबसें, ऑटो और मैजिक वाहन खुलेआम हाईवे के किनारे खड़े रहते हैं।
लापरवाही और जवाबदेही की मांग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक ओवरटेक करने की होड़ में वाहनों को हाईवे के बीचों-बीच तिरछा खड़ा कर देते हैं। इससे तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक बाधा आ जाती है। यह हादसा रविवार को हुआ, अन्यथा सुबह के समय दर्जनों स्कूल बसें और सैकड़ों बच्चे इसी मोड़ पर खड़े रहते हैं। अंतरराज्यीय बसें भी यात्रियों को बिठाने के लिए मुख्य लेन पर अचानक ब्रेक लगा देती हैं। इस गंभीर खतरे के बावजूद हाईवे पर तैनात यातायात कर्मी मूकदर्शक बने रहते हैं। समाजसेवी शशि शर्मा ने इस पर कड़ा रोष जताते हुए जिला प्रशासन से तुरंत वैज्ञानिक ट्रैफिक प्रबंधन लागू करने की मांग की है। उन्होंने मुख्य लेन पर सवारी भरने वाले वाहनों को अनिवार्य रूप से सर्विस लेन में धकेलने और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग उठाई है।
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कठुआ। जम्मू पठानकोट नेशनल हाईवे स्थित कालीबड़ी चौक पर रविवार सुबह पौने नौ बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। जम्मू की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने दो मिनीबसों और एक सवारी ऑटो को टक्कर मार दी। हादसे में 13 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग घायल हुए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि एक मिनी बस पलटकर हाईवे पर जा गिरी। दूसरी मिनी बस उछलकर सर्विस लेन पर जा गिरी और ऑटो भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ऑटो में चालक के अलावा कोई सवारी नहीं थी। मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को वाहनों से बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए जीएमसी कठुआ पहुंचाया। डॉक्टरों ने 13 वर्षीय शिवम को मृत घोषित कर दिया। शिवम का 10 वर्षीय भाई दिव्यम और मां राखी भी घायल हुए हैं। अन्य घायलों में ठनून निवासी जोगिंदर सिंह (65), नगरोटा निवासी मुरीद दीन (60), शिवानगर निवासी राजिंदर सिंह (50) और बरवाल निवासी आदित्य (28) शामिल हैं। कुछ घायलों के परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए पंजाब के निजी अस्पतालों में ले गए। अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र अत्री ने बताया कि छह घायलों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें तीन महिलाएं और तीन पुरुष थे। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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स्कूल समारोह में शामिल होने जा रहा था शिवम
शिवम अपनी मां और छोटे भाई दिव्यम के साथ जम्मू जा रहा था। उन्हें स्कूल के एक समारोह में शामिल होना था। घर से निकलते समय बच्चों में उत्साह था, लेकिन कालीबड़ी का यह मोड़ उनके लिए काल बन गया। सड़क किनारे खड़ी मेटाडोर में वे सवार थे, तभी बेकाबू ट्रक ने टक्कर मार दी। जोरदार टक्कर के बाद शिवम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल मां राखी और छोटे बेटे दिव्यम को पंजाब के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वे दोनों जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं, जबकि पिता कुलदीप कुमार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रिश्तेदार अनिल कुमार ने बताया कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है।
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एनएचएआई ने नहीं किया सुधार
कालीबड़ी चौक पर हुआ यह भीषण हादसा कोई नई घटना नहीं है। यह प्रशासनिक उपेक्षा और बदहाल यातायात व्यवस्था का सीधा परिणाम है। यह व्यस्ततम चौक कई वर्षों से दुर्घटनाओं का गवाह रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कोई तकनीकी सुधार नहीं किया है। यातायात पुलिस भी हाईवे किनारे मनमाने ढंग से खड़े होने वाले वाहनों पर लगाम नहीं लगा पा रही है। नियमों के अनुसार, यात्री वाहनों को सवारियां चढ़ाने-उतारने के लिए केवल सर्विस लेन का उपयोग करना चाहिए। हालांकि, पठानकोट और जम्मू दोनों ओर जाने वाली मुख्य सड़कों पर मिनीबसें, ऑटो और मैजिक वाहन खुलेआम हाईवे के किनारे खड़े रहते हैं।
लापरवाही और जवाबदेही की मांग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक ओवरटेक करने की होड़ में वाहनों को हाईवे के बीचों-बीच तिरछा खड़ा कर देते हैं। इससे तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक बाधा आ जाती है। यह हादसा रविवार को हुआ, अन्यथा सुबह के समय दर्जनों स्कूल बसें और सैकड़ों बच्चे इसी मोड़ पर खड़े रहते हैं। अंतरराज्यीय बसें भी यात्रियों को बिठाने के लिए मुख्य लेन पर अचानक ब्रेक लगा देती हैं। इस गंभीर खतरे के बावजूद हाईवे पर तैनात यातायात कर्मी मूकदर्शक बने रहते हैं। समाजसेवी शशि शर्मा ने इस पर कड़ा रोष जताते हुए जिला प्रशासन से तुरंत वैज्ञानिक ट्रैफिक प्रबंधन लागू करने की मांग की है। उन्होंने मुख्य लेन पर सवारी भरने वाले वाहनों को अनिवार्य रूप से सर्विस लेन में धकेलने और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग उठाई है।