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Kathua News: अहोई अष्टमी का व्रत रखकर की पुत्रों की लंबी आयु की कामना
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बिलावर। क्षेत्र में अहोई अष्टमी का पर्व रविवार को धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने अपनी संतान की दीर्घायु और खुशहाल जीवन के लिए व्रत रखा।
रविवार सुबह महिलाओं ने अहोई माता की कथा सुनी। उन्होंने तारों को अर्घ्य दिया और बुजुर्गों से आशीर्वाद प्राप्त किया। शाम ढलने के बाद आकाश में तारों और चंद्रमा को देखकर महिलाओं ने अपना व्रत खोला। पंडित राधा कृष्ण शास्त्री ने बताया कि अहोई व्रत का महत्व अधिक है। उन्होंने कहा कि करवा चौथ के बाद इस व्रत को खास तौर पर मनाया जाता है। यह व्रत पुत्रों की रक्षा, लंबी आयु और मंगल की कामना के लिए रखा जाता है।
व्रत का महत्व और सामाजिक संदेश
गृहिणी सुनीता देवी, मनीष शर्मा, निधि शर्मा और रीता देवी ने बताया कि उन्होंने अहोई माता को मीठा व फल अर्पित किए। उन्होंने अपने पुत्रों की लंबी आयु की कामना की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक व्रत में सामाजिक भलाई, आपसी प्रेम, विश्वास और सौहार्द बढ़ाने का अच्छा मतलब छिपा होता है। वे अपने त्योहारों को हमेशा श्रद्धा और खुशी के साथ अपने परिवारों के साथ मनाती हैं।
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रविवार सुबह महिलाओं ने अहोई माता की कथा सुनी। उन्होंने तारों को अर्घ्य दिया और बुजुर्गों से आशीर्वाद प्राप्त किया। शाम ढलने के बाद आकाश में तारों और चंद्रमा को देखकर महिलाओं ने अपना व्रत खोला। पंडित राधा कृष्ण शास्त्री ने बताया कि अहोई व्रत का महत्व अधिक है। उन्होंने कहा कि करवा चौथ के बाद इस व्रत को खास तौर पर मनाया जाता है। यह व्रत पुत्रों की रक्षा, लंबी आयु और मंगल की कामना के लिए रखा जाता है।
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व्रत का महत्व और सामाजिक संदेश
गृहिणी सुनीता देवी, मनीष शर्मा, निधि शर्मा और रीता देवी ने बताया कि उन्होंने अहोई माता को मीठा व फल अर्पित किए। उन्होंने अपने पुत्रों की लंबी आयु की कामना की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक व्रत में सामाजिक भलाई, आपसी प्रेम, विश्वास और सौहार्द बढ़ाने का अच्छा मतलब छिपा होता है। वे अपने त्योहारों को हमेशा श्रद्धा और खुशी के साथ अपने परिवारों के साथ मनाती हैं।
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