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पेपर लीक से लेकर भ्रष्टाचार तक: अब दीपके के निशाने पर महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग, फडणवीस से पूछ डाले तीखे सवाल
Sun, 20 Sep 2026 09:56 PM IST
प्रशांत तिवारी
एएनआई, मुंबई
एएनआई, मुंबई
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Sun, 20 Sep 2026 09:56 PM IST
सार
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग को लेकर महाराष्ट्र में फिर सियासी माहौल गरमा गया है। सीजेपी संयोजक अभिजीत दीपके ने आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे और आयोग में सुधार की मांग की है। उन्होंने आयोग के कथित पेपर लीक, अभ्यर्थियों की समस्याओं और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
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अभिजीत दीपके
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग को लेकर विवाद एक बार फिर गरमा गया है। कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग में सुधार की मांग करते हुए आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने भीमनवार पर भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा। छत्रपति संभाजीनगर में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों से बातचीत के दौरान दीपके ने राज्य में बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया।
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'इंस्टाग्राम पर वीडियो बनाइए'
दीपके ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के अभ्यर्थियों से अपील की कि वे भीमनवार को पद से हटाने की मांग को लेकर इंस्टाग्राम पर दो मिनट का वीडियो पोस्ट करें। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में 15 से 20 लाख युवा बेरोजगार हैं, तो यह किसी भी राज्य के लिए अच्छी स्थिति नहीं है। उनके मुताबिक, युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
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भीमनवार पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
दीपके ने कहा कि भीमनवार जब पूर्व परिवहन आयुक्त थे, तब उन पर आरटीओ घोटाले, लाइसेंस और नंबर प्लेट से जुड़े मामलों में कई आरोप लगे थे। हालांकि, ये आरोप दीपके की ओर से लगाए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन मामलों में कथित तौर पर कितना 'कट' गया और इसमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की क्या भूमिका थी। दीपके ने यह भी सवाल उठाया कि अगर भीमनवार अपने पद पर बने रहते हैं तो क्या इसका मतलब यह माना जाए कि कथित कमीशन का सिलसिला जारी है।
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'मी पुन्हा येईन' वाले नारे पर फडणवीस को घेरा
दीपके ने मुख्यमंत्री फडणवीस के पुराने चुनावी नारे 'मी पुन्हा येईन' यानी 'मैं फिर आऊंगा' का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के अभ्यर्थियों की आवाज नहीं सुनते हैं तो वह दोबारा वापसी नहीं कर पाएंगे। दीपके ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार को जनता की बात सुननी पड़ती है, क्योंकि मतदाता ही सरकार चुनते हैं।
फडणवीस की तारीफ में भी कसा तंज
फडणवीस पर निशाना साधने के दौरान दीपके ने उनके 'मेहनत' करने की बात भी कही, लेकिन इसे तंज के अंदाज में पेश किया। उन्होंने कहा कि फडणवीस सुबह 5 बजे उठकर शपथ लेने के साथ सरकार को भी जगा देते हैं और 'मी पुन्हा येईन' कहते हैं। दीपके ने इसी संदर्भ में कहा कि महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के अभ्यर्थियों की बात नहीं सुनी गई तो उनकी यह वापसी मुश्किल होगी।
पेपर लीक के बाद पहले भी उठी थी इस्तीफे की मांग
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का कथित पेपर लीक होने के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। अभ्यर्थियों और राजनीतिक संगठनों ने आयोग के अध्यक्ष भीमनवार और सचिव के इस्तीफे की मांग की थी। अभ्यर्थियों ने परीक्षा कराने की प्रक्रिया में भी कई तरह की खामियों का आरोप लगाया था।
भीमनवार ने इस्तीफे की मांग ठुकराई
वहीं, भीमनवार पहले ही अपने इस्तीफे की मांग को खारिज कर चुके हैं। उनका कहना था कि ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक उस समय हुआ था, जब उन्होंने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष का पद संभाला भी नहीं था। यानी उन्होंने इस मामले की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने से इनकार किया है।
यूपी और राजस्थान का उदाहरण देकर महाराष्ट्र सरकार पर सवाल
दीपके ने उत्तर प्रदेश और राजस्थान का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां छात्रों के आंदोलनों के बाद स्कूलों की मरम्मत के लिए बजट जारी किया गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कथित तौर पर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का भी जिक्र किया। साथ ही कहा कि राजस्थान में आशुतोष रांका से जुड़े मामले के बाद स्कूलों की मरम्मत के लिए बजट दिया गया।
महाराष्ट्र के स्कूलों के काम पर भी उठाए सवाल
दीपके ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने आश्रम स्कूलों और सरकारी स्कूलों के लिए काम शुरू किया है, लेकिन उनका दावा है कि यह काम अभी उतना प्रभावी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर किसी परीक्षा का पेपर लीक होता है तो आयोग के अध्यक्ष को अपने पद पर बने नहीं रहना चाहिए।
रांका पर कथित हमले का भी किया जिक्र
दीपके ने पिछले महीने राजस्थान में एक सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने की कोशिश के दौरान सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और अन्य कार्यकर्ताओं पर कथित हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने इस घटना को लेकर पहले भी आरोप लगाए थे।
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अभ्यर्थियों से अधिकारों के लिए लड़ने की अपील
दीपके ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की तैयारी कर रहे युवाओं से अपने अधिकारों के लिए बिना डरे आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी लड़ाई तो लड़ सकते हैं, लेकिन उन्हें अपनी ताकत का अंदाजा नहीं है। दीपके ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि युवाओं को अपने खिलाफ दर्ज मामलों के खिलाफ कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से लड़ने का अधिकार मिला हुआ है।