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एमबीबीएस की 1078 बीडीएस की 139 सीटें खाली: राजस्थान के से दूरी क्यों बना रहे छात्र, क्या है वजह?

Sat, 17 Oct 2026 02:00 PM IST
शिवम तिवारी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम तिवारी Updated Sat, 17 Oct 2026 02:00 PM IST
सार

Rajasthan NEET UG Counselling 2026: राजस्थान में नीट यूजी राज्य कोटे की काउंसलिंग के तीन राउंड के बाद भी एमबीबीएस की 1,078 और बीडीएस की 139 सीटें खाली हैं। अब इन्हें भरने के लिए स्ट्रे वैकेंसी राउंड की प्रक्रिया शुरू हुई है। निजी मेडिकल कॉलेजों की भारी फीस को खाली सीटों की संभावित वजह माना जा रहा है। जानिए काउंसलिंग की तारीखें, फीस का अंतर और छात्र राजस्थान से दूरी क्यों बना रहे हैं।

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Rajasthan NEET UG Counselling 2026 1217 MBBS and BDS Seats Vacant Why Are Students Avoiding the State
राजस्थान में कितनी सीटें खाली रह गईं? - फोटो : AI Generated

विस्तार

राजस्थान में नीट यूजी राज्य कोटे की काउंसलिंग के तीन राउंड पूरे होने के बाद भी एमबीबीएस और बीडीएस की कुल 1,217 सीटें खाली रह गई हैं। इनमें एमबीबीएस की 1,078 और बीडीएस की 139 सीटें शामिल हैं। अब इन सीटों को भरने के लिए स्ट्रे वैकेंसी राउंड आयोजित किया जा रहा है। यह काउंसलिंग का अतिरिक्त चरण होता है, जिसमें पहले के दौर के बाद बची सीटों पर प्रवेश दिया जाता है। सीटें खाली रहने की वजहों में अभ्यर्थियों का आवंटित कॉलेज में रिपोर्ट नहीं करना और कॉलेज या पाठ्यक्रम का चयन शामिल हो सकता है। हालांकि, केवल खाली सीटों से छात्रों की पसंद के बारे में अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

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 क्या निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस बड़ी वजह है?

राजस्थान के निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई का कुल खर्च काफी अधिक हो सकता है। फीस कॉलेज और सीट की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग होती है। वर्ष 2026 के उपलब्ध फीस विवरण के मुताबिक, कुछ निजी कॉलेजों में पूरे पाठ्यक्रम का खर्च राज्य कोटे में लगभग 1.04 करोड़ से 1.37 करोड़ रुपये और प्रबंधन कोटे में लगभग 1.47 करोड़ से 1.93 करोड़ रुपये तक बताया गया है। इतनी बड़ी रकम कई परिवारों के लिए आर्थिक चुनौती बन सकती है। ऐसे में छात्र दूसरे राज्यों और कॉलेजों की फीस, सुविधाओं और प्रवेश की संभावनाओं की तुलना कर सकते हैं। हालांकि, फीस को सभी खाली सीटों की एकमात्र वजह कहना सही नहीं होगा।

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 छात्र दूसरे राज्यों का रुख क्यों करते हैं?

मेडिकल कॉलेज चुनते समय विद्यार्थी केवल राज्य नहीं, बल्कि फीस, उपलब्ध सीटें, कॉलेज की सुविधाएं, अस्पताल में मरीजों की संख्या और रहने का खर्च भी देखते हैं। कुछ छात्रों को दूसरे राज्यों में अपनी रैंक के अनुसार पसंद का कॉलेज मिल सकता है, जबकि कुछ कम खर्च वाले विकल्प तलाशते हैं। राजस्थान में सीटें खाली रहने के बीच दूसरे राज्यों में दाखिले की संभावना एक संभावित कारण हो सकती है, लेकिन यह साबित करने के लिए कि बड़ी संख्या में छात्र उत्तर प्रदेश जा रहे हैं, राज्यवार प्रवेश आंकड़ों की जरूरत होगी। उपलब्ध इनपुट में ऐसे तुलनात्मक आंकड़े नहीं दिए गए हैं। इसलिए इस दावे को निश्चित तथ्य के रूप में पेश नहीं करना चाहिए।

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 स्ट्रे वैकेंसी राउंड का कार्यक्रम क्या है?

दिए गए कार्यक्रम के अनुसार, राजस्थान में अस्थायी रिक्त सीटों की सूची 16 अक्तूबर 2026 को जारी होनी थी और ऑनलाइन आवेदन व शुल्क जमा करने की अवधि 16 से 17 अक्तूबर रखी गई थी। मूल दस्तावेजों का ऑफलाइन सत्यापन 18 से 20 अक्टूबर, संयुक्त अस्थायी मेरिट सूची का प्रकाशन 20 अक्टूबर और ऑनलाइन चॉइस फिलिंग 19 से 21 अक्तूबर निर्धारित थी। अस्थायी सीट आवंटन परिणाम 22 अक्तूबर को तथा आवंटित कॉलेज में रिपोर्टिंग 22 से 26 अक्तूबर तक होनी थी। ये तारीखें आपके दिए गए इनपुट पर आधारित हैं; प्रकाशन से पहले राजस्थान की आधिकारिक काउंसलिंग वेबसाइट पर संशोधित कार्यक्रम जरूर जांचें।

उम्मीदवारों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

नीट यूजी उम्मीदवारों को कॉलेज चुनने से पहले आधिकारिक फीस सूची, प्रवेश नियम, सीट की श्रेणी और अन्य शुल्कों की जांच करनी चाहिए। केवल ट्यूशन फीस नहीं, बल्कि छात्रावास, सुरक्षा राशि, परीक्षा और अन्य जरूरी खर्च भी कुल लागत बढ़ा सकते हैं। राजस्थान की काउंसलिंग वेबसाइट पर वर्ष 2026 के लिए निजी मेडिकल कॉलेजों की एमबीबीएस फीस से संबंधित सूचनाएं उपलब्ध हैं।  उम्मीदवारों को अपनी रैंक और बजट के अनुसार विकल्प भरने चाहिए और निर्धारित समय में दस्तावेज सत्यापन व रिपोर्टिंग पूरी करनी चाहिए। खाली सीटें दाखिले का अवसर देती हैं, लेकिन कॉलेज चुनने से पहले फीस और मान्यता से जुड़े सभी विवरणों की पुष्टि करना जरूरी है।

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