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Delhi NCR News: टाटा मोटर्स में नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों से ठगी, फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा
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उत्तरी दिल्ली पुलिस ने नौकरी ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया, पांच गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तरी जिला पुलिस ने बेरोजगार युवाओं को टाटा मोटर्स जैसी नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो एक फर्जी कॉल सेंटर चलाकर वारदात को अंजाम देते थे। आरोपियों के कब्जे से 12 मोबाइल फोन, सात एटीएम और डेबिट कार्ड, दो बैंक पासबुक और 6,730 रुपये नकद सहित कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सतीश चंदर मौर्या (30), बिंदिया (20), प्रीति (22), प्राची (19) और राधिका (19) के रूप में हुई है। पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट ने बताया कि एक सितंबर को वाहन चोरी निरोधक शाखा को झरोदा माजरा के संगम विहार इलाके में फर्जी कॉल सेंटर चलने की सूचना मिली थी। यह कॉल सेंटर टाटा मोटर्स और अन्य नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों को ठग रहा था। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने छापा मारा और मौके से सतीश चंदर मौर्या समेत आरोपियों को पकड़ा।
ठगी का तरीका
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी नौकरी देने वाले एप से उम्मीदवारों का डेटा प्राप्त करते थे। इसके बाद वे टाटा मोटर्स में नौकरी के लिए आवेदन करने वालों को निशाना बनाते थे। आवेदकों को डेटा एंट्री ऑपरेटर, डेटा विश्लेषक, वेब डिजाइनर और अकाउंटेंट जैसे पदों का झांसा दिया जाता था। कूरियर शुल्क, यूनिफॉर्म, लैपटॉप सुरक्षा, खाता खोलने और चिकित्सा सुरक्षा जैसे मदों में 25 से 30 हजार रुपये बैंक खातों में डलवाए जाते थे। ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों से जुड़े क्यूआर कोड के जरिये ली जाती थी।
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जांच और आरोपियों की पृष्ठभूमि
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस डेटा के स्रोत, बैंक खातों, क्यूआर कोड, सिम कार्ड और ठगी की रकम के मनी ट्रेल की जांच कर रही है। बरामद साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों और पीड़ितों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने बताया कि सतीश ने एमएससी तक पढ़ाई की है और एक्सिस बैंक में काम कर चुका है। बिंदिया स्नातक की पढ़ाई कर रही है, जबकि प्रीति ने 11वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तरी जिला पुलिस ने बेरोजगार युवाओं को टाटा मोटर्स जैसी नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो एक फर्जी कॉल सेंटर चलाकर वारदात को अंजाम देते थे। आरोपियों के कब्जे से 12 मोबाइल फोन, सात एटीएम और डेबिट कार्ड, दो बैंक पासबुक और 6,730 रुपये नकद सहित कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सतीश चंदर मौर्या (30), बिंदिया (20), प्रीति (22), प्राची (19) और राधिका (19) के रूप में हुई है। पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट ने बताया कि एक सितंबर को वाहन चोरी निरोधक शाखा को झरोदा माजरा के संगम विहार इलाके में फर्जी कॉल सेंटर चलने की सूचना मिली थी। यह कॉल सेंटर टाटा मोटर्स और अन्य नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों को ठग रहा था। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने छापा मारा और मौके से सतीश चंदर मौर्या समेत आरोपियों को पकड़ा।
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ठगी का तरीका
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी नौकरी देने वाले एप से उम्मीदवारों का डेटा प्राप्त करते थे। इसके बाद वे टाटा मोटर्स में नौकरी के लिए आवेदन करने वालों को निशाना बनाते थे। आवेदकों को डेटा एंट्री ऑपरेटर, डेटा विश्लेषक, वेब डिजाइनर और अकाउंटेंट जैसे पदों का झांसा दिया जाता था। कूरियर शुल्क, यूनिफॉर्म, लैपटॉप सुरक्षा, खाता खोलने और चिकित्सा सुरक्षा जैसे मदों में 25 से 30 हजार रुपये बैंक खातों में डलवाए जाते थे। ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों से जुड़े क्यूआर कोड के जरिये ली जाती थी।
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जांच और आरोपियों की पृष्ठभूमि
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस डेटा के स्रोत, बैंक खातों, क्यूआर कोड, सिम कार्ड और ठगी की रकम के मनी ट्रेल की जांच कर रही है। बरामद साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों और पीड़ितों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने बताया कि सतीश ने एमएससी तक पढ़ाई की है और एक्सिस बैंक में काम कर चुका है। बिंदिया स्नातक की पढ़ाई कर रही है, जबकि प्रीति ने 11वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की है।