अंतरराष्ट्रीय डायरी: रूस ने रातभर कीव पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन; एक की मौत, आठ घायल
मिस्र के शीर्ष सुरक्षा निकाय ने रविवार को यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब का समर्थन करने पर सहमति जताई। सऊदी अरब सैन्य सहायता के लिए सहयोगियों पर दबाव डाल रहा है। हूतियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और तेल बुनियादी ढांचे पर बार-बार हमला किया है। इन हमलों में कम से कम 19 लोग मारे गए हैं। हजारों उड़ानें प्रभावित हुई हैं और वैश्विक बाजार भी हिल गए हैं। मिस्र की यह घोषणा सऊदी क्राउन प्रिंस की यात्रा के एक महीने बाद हुई। राष्ट्रपति अब्देल-फत्ताह अल-सिसी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय रक्षा परिषद ने सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए "सभी संभव प्रकार के समर्थन" देने का निर्णय लिया। हालांकि, इसका विवरण नहीं दिया गया। अल-सिसी ने शनिवार को संसद से विदेशों में सेना और सैन्य उपकरण तैनात करने की अनुमति देने का भी आग्रह किया।
हाईवे ओवरपास से गिरा ट्रक, दर्जनों मवेशियों की मौत
अमेरिका में मिसौरी के कंसास सिटी में रविवार तड़के (स्थानीय समयानुसार) एक सेमीट्रैक्टर-ट्रेलर हाईवे ओवरपास से नीचे सड़क पर जा गिरा। यह ट्रक एक कार पर भी गिरा, जिससे दर्जनों मवेशी सड़क पर बिखर गए। कंसास सिटी पुलिस सार्जेंट फिल डिमार्टिनो ने बताया कि ट्रक में 120 से 130 मवेशी थे। इनमें से 45 से 60 मवेशी मारे गए। ट्रक चालक और कार चालक को मामूली चोटें आईं। उन्हें स्थानीय अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। दुर्घटना के बाद दर्जनों गायें भाग निकलीं। शहर के अधिकारियों ने मवेशियों का पता लगाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया। बाद में एक निजी कंपनी ने घुड़सवार कर्मचारियों के साथ मिलकर बचे हुए मवेशियों को इकट्ठा किया। रविवार दोपहर तक सभी मवेशियों का पता लगा लिया गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की खराब नीतियों के कारण देश के सबसे अमीर 1% लोगों को छोड़कर बाकी हर आय वर्ग (गरीब और मध्यम वर्ग) की जेब पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। अमेरिका के प्रमुख आर्थिक थिंक टैंक इंस्टीट्यूट ऑन टैक्स एंड इकोनॉमिक पॉलिसी की द इम्पैक्ट ऑफ की ट्रंप पॉलिसीज ऑन कॉस्ट्स एंड टैक्सेज फॉर अमेरिकन्स रिपोर्ट के मुताबिक सबसे अमीर सिर्फ एक फीसदी लोग औसतन सालाना 12560 डॉलर (11.92 लाख रुपये) बचा रहे हैं। वहीं, मध्यम वर्ग के लोगों पर 1700 डॉलर (1.61 लाख) का अतिरिक्त बोझ बढ़ा है, जिनकी देश में आबादी 20% है। सबसे गरीब 20% लोगों पर सालना 750 डॉलर (71,224 रुपये) का बोझ बढ़ा है। इसके बाद बचे हुए अन्य सभी आय वर्ग पर 1000 डॉलर का अतिरिक्त बोझ बढ़ा है।
अमीरों को टैक्स में भारी छूट...
रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि देश के सबसे अमीर 1% लोगों पर भी महंगाई का असर पड़ेगा और प्रति व्यक्ति करीब 15,990 का नुकसान होगा। हालांकि, सरकार की नीतियों के कारण उन्हें 28,550 डॉलर की भारी टैक्स छूट मिलेगी। जब इस टैक्स छूट में से महंगाई के नुकसान को घटाया जाता है, तो भी उनके पास 12,560 डॉलर की शुद्ध सालाना बचत होती है।
अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में हाल ही में हुए सबसे बड़े फूड फेस्टिवल में भारतीय खान-पान और संस्कृति ने महफिल लूट ली। न्यूयॉर्क सिटी वाइन एंड फूड फेस्टिवल के दौरान आयोजित फ्लेवर्स ऑफ बॉलीवुड कार्यक्रम में भारत के पारंपरिक जायकों और बॉलीवुड के ग्लैमर का अनोखा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिकों के साथ ही भारतीय प्रवासियों ने भी हिस्सा लिया और स्वदेसी जायकों का स्वाद चखा। मानेत ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि आज के युवा शेफ अपनी जड़ों और देसी सामग्रियों को पूरी शान के साथ दुनिया के सामने पेश कर रहे हैं। यहां दक्षिण भारतीय व्यंजनों से लेकर उत्तर भारत के स्ट्रीट फूड, इडली, बटर चिकन, मलाई आइसक्रीम और बनारसी पान तक के स्टॉल लगाए गए थे।
जलवायु परिवर्तन का असर अब केवल लू, बाढ़ और सांस संबंधी बीमारियों तक सीमित नहीं है। बढ़ता तापमान, बदलते बारिश के पैटर्न और पर्यावरणीय बदलाव त्वचा की सेहत के लिए भी चुनौती बन रहे हैं। दुनिया के 42.6 प्रतिशत देशों ने जलवायु परिवर्तन के कारण त्वचा रोगों के प्रसार या उनकी गंभीरता में बदलाव की सूचना दी है। इनमें सबसे अधिक चिंता कम आय वाले देशों में देखी गई है, जहां स्वास्थ्य सेवाओं और बीमारी की निगरानी के लिए संसाधनों की कमी समस्या को और गंभीर बना सकती है। यह अध्ययन यूरोपियन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी एंड वेनेरियोलॉजी की 2026 की कांग्रेस में प्रस्तुत किया गया। ग्लोबल एक्सेस टू स्किन हेल्थ ऑब्जर्वेटरी के इस अध्ययन के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के 194 सदस्य देशों को आमंत्रित किया गया था, जिनमें से 136 देशों ने आंकड़े उपलब्ध कराए।
रूस ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से सोमवार रात कीव पर हमला किया। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। साथ ही, तीन जिलों में इमारतों और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि रूस ने रात भर बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और 269 ड्रोन के जरिए बड़े पैमाने पर हवाई हमला किया। वायु सेना के मुताबिक, यूक्रेन के वायु रक्षा तंत्र ने 243 ड्रोन और चार मिसाइलों को नष्ट कर दिया या बेअसर कर दिया। उन्होंने बताया कि 25 जगहों पर हमले हुए और नष्ट किए गए लक्ष्यों के मलबे आठ जगहों पर गिरे। रूस के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि उसने रात भर यूक्रेन में अपने लक्ष्यों पर जमीन से दागे जाने वाले सटीक हथियारों और स्ट्राइक ड्रोन के जरिए बड़ा हमला किया।
कीव में जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें एक डेटा सेंटर, 'फायर पॉइंट' लॉजिस्टिक्स हब (जहां ड्रोन और फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइलों के पुर्जे रखे जाते हैं), ड्रोन के पुर्जे बनाने वाली एक औद्योगिक इकाई और मिसाइलों को रखने वाला एक लोकोमोटिव डिपो शामिल हैं। इसके अलावा, रूसी सेना ने ओडेसा बंदरगाह से 130 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में समुद्र में एक मालवाहक जहाज (बल्क कैरियर) पर भी हमला किया, जो कथित तौर पर सैन्य और दोहरे उपयोग (नागरिक और सैन्य दोनों) वाला सामान ले जा रहा था।