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पश्चिम एशिया संकट: सऊदी अरब पर हूतियों ने दागी मिसाइलें, रियाद एयरपोर्ट और अरामको रिफाइनरी को बनाया निशाना
Tue, 06 Oct 2026 08:28 AM IST
प्रशांत तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Tue, 06 Oct 2026 08:28 AM IST
सार
हूतियों ने सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट, अरामको रिफाइनरी और कई सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया है। सऊदी अरब ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए हूतियों पर क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया है और अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही है।
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हूतियों ने सऊदी अरब पर बरसाए मिसाइल-ड्रोन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब में कई अहम ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। निशाने पर राजधानी रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और राबिघ में अरामको की रिफाइनरी भी रही। हमलों के बाद सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने हूती हमलों की कड़ी निंदा की है। हूतियों का कहना है कि ये हमले यमन पर सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाई के जवाब में किए गए।
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हूतियों का दावा- तीन बड़े सैन्य ऑपरेशन किए
हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने सोमवार को टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा कि संगठन ने बड़ी संख्या में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों तथा ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए तीन 'गुणात्मक सैन्य अभियान' चलाए। सरी के मुताबिक, पहला अभियान रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किया गया। उन्होंने दावा किया कि हमला 'सटीक और सीधे' तरीके से किया गया, जिससे हवाई यातायात प्रभावित हुआ।
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अरामको रिफाइनरी में आग लगने का दावा
सरी ने बताया कि दूसरे अभियान में राबिघ स्थित अरामको रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। हूती प्रवक्ता ने दावा किया कि यह हमला भी 'सटीक और सीधे' तरीके से किया गया और इसके बाद निशाना बनाए गए परिसर में आग लग गई। हूती प्रवक्ता के अनुसार, तीसरे अभियान में पश्चिम एशिया के सऊदी क्षेत्र असिर में अबहा एयरपोर्ट, खमिस मुशैत एयरबेस और अकीफा कैंप को निशाना बनाया गया। इसके अलावा नाजरान और जिजान में 'अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों' पर भी हमले किए गए। सरी ने कहा कि इन हमलों को यमन पर सऊदी अरब के हमलों के जवाब में अंजाम दिया गया।
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सऊदी हमलों के जवाब में कार्रवाई का दावा
सरी ने कहा कि पिछले 24 घंटों में सऊदी अरब ने यमन पर 60 हवाई और मिसाइल हमले किए। उनके मुताबिक, इन हमलों में राजधानी सना के साथ-साथ अल-जौफ, ताइज, हज्जा, सादा और मारिब प्रांतों को निशाना बनाया गया और महिलाओं तथा बच्चों समेत आम नागरिक भी हताहत हुए। हूती प्रवक्ता ने दावा किया कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद से यमन पर सऊदी अरब के हवाई और मिसाइल हमलों की कुल संख्या 1,576 तक पहुंच गई है।
अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों को भी हूतियों की चेतावनी
हूती प्रवक्ता ने सऊदी हवाई क्षेत्र से होकर उड़ान भरने वाली अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि मक्का और मदीना के पवित्र हवाई क्षेत्र को छोड़कर सऊदी हवाई क्षेत्र में उड़ान संचालन को लेकर एयरलाइनों को सावधानी बरतनी चाहिए।
सऊदी अरब ने हूती हमलों की कड़ी निंदा की
हमलों के बाद सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने हूतियों की लगातार जारी कार्रवाई की कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने नागरिकों, नागरिक प्रतिष्ठानों और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाने को गंभीर बताया। सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि हूती मिलिशिया ने मक्का और मदीना जैसे पवित्र स्थलों के साथ-साथ राजधानी रियाद और अबहा, खमिस मुशैत, जिजान, नाजरान, ताइफ और यनबू जैसे शहरों को भी बार-बार निशाना बनाया है। मंत्रालय के मुताबिक, हूतियों ने दक्षिणी लाल सागर और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य में सऊदी जहाजों को भी निशाना बनाया है।
सऊदी अरब ने शांति प्रयासों का भी दिया हवाला
सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि 2014 में हूतियों के यमन पर कब्जे के बाद से ही सऊदी अरब राजनीतिक समाधान की दिशा में लगातार प्रयास करता रहा है। हालांकि, सऊदी अरब का आरोप है कि हूतियों ने शांति का रास्ता अपनाने के बजाय सैन्य तनाव बढ़ाने का विकल्प चुना।
'बाहरी एजेंडे' के लिए यमन को संकट में धकेलने का आरोप
सऊदी मंत्रालय ने कहा कि हूती मिलिशिया के लगातार सैन्य अभियान से यमन और वहां के लोगों को और ज्यादा मानवीय तथा आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि हूती संगठन बाहरी एजेंडों को आगे बढ़ाने के लिए यमन को और गहरे संकट में धकेल रहा है।
'अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे'
सऊदी अरब ने अपनी क्षेत्रीय सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के अधिकार को भी दोहराया। मंत्रालय ने कहा कि देश को अपने क्षेत्र, संसाधनों और संप्रभुता की रक्षा करने तथा अपने नागरिकों और वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का पूरा अधिकार है। सऊदी अरब ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।
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यमन की सरकार और प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल को समर्थन
सऊदी विदेश मंत्रालय ने यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल और यमनी सरकार को राजनीतिक और सैन्य समर्थन जारी रखने की बात भी दोहराई। सऊदी अरब के मुताबिक, इस समर्थन का मकसद हूतियों के कब्जे को खत्म करना और यमन में सरकारी संस्थानों को फिर से मजबूत करना है।