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इस्राइल में मतदान जारी: क्या सत्ता बचा पाएंगे नेतन्याहू? आइजेनकॉट ने 7 अक्तूबर के हमले की याद दिलाकर मांगे वोट
Tue, 27 Oct 2026 11:05 AM IST
पवन पांडेय
एएनआई, येरूशलम
एएनआई, येरूशलम
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 27 Oct 2026 11:05 AM IST
सार
इस्राइल में मंगलवार को आम चुनाव के लिए मतदान शुरू हुआ। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद को मजबूत नेता के रूप में पेश करते हुए अपनी लिकुड पार्टी के पक्ष में वोट मांगे। वहीं, उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकोट ने 7 अक्तूबर 2023 के हमास हमले की याद दिलाकर सरकार बदलने और स्वतंत्र जांच आयोग बनाने की मांग की है।
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इस्राइल में मतदान जारी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
इस्राइल में आम चुनाव के लिए मतदान जारी है। देश के 73,31,981 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान स्थानीय समयानुसार रात 10 बजे तक चलेगा। चुनाव से पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकॉट ने मतदाताओं से अपने पक्ष में वोट देने की अपील की। इस्राइल के पूर्व सेना प्रमुख और यशर पार्टी के नेता गादी आइजेनकॉट ने मतदाताओं को 7 अक्तूबर 2023 को हमास के हमले की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में सरकार बदलने और देश को बेहतर दिशा देने का अवसर है। आइजेनकोट ने नेतन्याहू सरकार पर सुरक्षा में चूक की जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया। उनका गठबंधन हमले की जांच के लिए स्वतंत्र आयोग बनाने की मांग कर रहा है।
नेतन्याहू ने विपक्ष पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने संदेश में विपक्षी दलों को वामपंथी गठबंधन बताया। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष सत्ता में आता है तो उसे अरब पार्टियों के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ सकता है। नेतन्याहू ने मतदाताओं से उनकी लिकुड पार्टी को वोट देने की अपील की। वह अपने चुनाव प्रचार में खुद को देश की सुरक्षा के लिए मजबूत नेता के रूप में पेश कर रहे हैं।
विपक्ष ने बदलाव के दिए संदेश
यिसराइल बेतेनु पार्टी के नेता एविगडोर लिबरमैन ने कहा कि नेतन्याहू के खिलाफ वोट देना इस्राइल को मजबूत बनाने के पक्ष में वोट देना है। उन्होंने अनिवार्य सैन्य या नागरिक सेवा, कानून के सामने समानता और नागरिक स्वतंत्रता जैसे मुद्दे उठाए। वहीं, डेमोक्रेट्स पार्टी के यायर गोलान ने भी सरकार बदलने की अपील की। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू सरकार 7 अक्तूबर के हमले की जांच के लिए स्वतंत्र आयोग बनाने का विरोध करती रही है।
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इस्राइल में ऐसे बनेगी नई सरकार
मतगणना के बाद राष्ट्रपति इसाक हर्जोग चुनाव जीतने वाली पार्टियों के नेताओं से चर्चा करेंगे। इसके बाद वह उस सांसद को सरकार बनाने का मौका देंगे, जिसके पास बहुमत जुटाने की सबसे अच्छी संभावना होगी। उसे गठबंधन बनाने के लिए 28 दिन मिलेंगे। जरूरत पड़ने पर 14 दिन की अतिरिक्त मोहलत भी दी जा सकती है। यदि पहला प्रयास विफल रहता है, तो दूसरे नेता को 28 दिन का समय दिया जा सकता है। आगे भी सरकार बनाने की कोशिशें नाकाम रहने पर देश में फिर चुनाव हो सकते हैं। नई सरकार बनने तक नेतन्याहू कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे।
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नेतन्याहू ने विपक्ष पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने संदेश में विपक्षी दलों को वामपंथी गठबंधन बताया। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष सत्ता में आता है तो उसे अरब पार्टियों के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ सकता है। नेतन्याहू ने मतदाताओं से उनकी लिकुड पार्टी को वोट देने की अपील की। वह अपने चुनाव प्रचार में खुद को देश की सुरक्षा के लिए मजबूत नेता के रूप में पेश कर रहे हैं।
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विपक्ष ने बदलाव के दिए संदेश
यिसराइल बेतेनु पार्टी के नेता एविगडोर लिबरमैन ने कहा कि नेतन्याहू के खिलाफ वोट देना इस्राइल को मजबूत बनाने के पक्ष में वोट देना है। उन्होंने अनिवार्य सैन्य या नागरिक सेवा, कानून के सामने समानता और नागरिक स्वतंत्रता जैसे मुद्दे उठाए। वहीं, डेमोक्रेट्स पार्टी के यायर गोलान ने भी सरकार बदलने की अपील की। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू सरकार 7 अक्तूबर के हमले की जांच के लिए स्वतंत्र आयोग बनाने का विरोध करती रही है।
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इस्राइल में ऐसे बनेगी नई सरकार
मतगणना के बाद राष्ट्रपति इसाक हर्जोग चुनाव जीतने वाली पार्टियों के नेताओं से चर्चा करेंगे। इसके बाद वह उस सांसद को सरकार बनाने का मौका देंगे, जिसके पास बहुमत जुटाने की सबसे अच्छी संभावना होगी। उसे गठबंधन बनाने के लिए 28 दिन मिलेंगे। जरूरत पड़ने पर 14 दिन की अतिरिक्त मोहलत भी दी जा सकती है। यदि पहला प्रयास विफल रहता है, तो दूसरे नेता को 28 दिन का समय दिया जा सकता है। आगे भी सरकार बनाने की कोशिशें नाकाम रहने पर देश में फिर चुनाव हो सकते हैं। नई सरकार बनने तक नेतन्याहू कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे।