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पश्चिम एशिया संकट: अमेरिका के ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ के जवाब में ईरान की धमकी, क्या फिर बिगड़ने वाले हैं हालात?

Thu, 22 Oct 2026 09:09 AM IST
राकेश कुमार एएनआई, वाशिंगटन।
एएनआई, वाशिंगटन। Published by: राकेश कुमार Updated Thu, 22 Oct 2026 09:09 AM IST
सार

अमेरिका और इस्राइल ईरान पर नए हमलों की योजना बना रहे हैं, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अंतिम फैसला अभी स्पष्ट नहीं है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए ‘फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ का जिक्र किया है, हालांकि इसके बारे में जानकारी नहीं दी। संभावित हमले में ईरान के ऊर्जा और परमाणु ठिकाने निशाने पर हो सकते हैं। इस बीच, सैन्य तैयारियों और कूटनीतिक बातचीत के बीच पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष का खतरा बना हुआ है।
 

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us israel iran strike plans Father of All Bombs
पश्चिम एशिया संकट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमेरिका और इस्राइल ईरान पर नए हमलों की योजना बना रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान के ऊर्जा ठिकानों, परमाणु केंद्रों और मिसाइल-ड्रोन के जखीरे को निशाना बनाया जा सकता है। उधर, ईरान ने अमेरिका को ‘फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ दिखाने की धमकी दी है। हालांकि, इस हथियार के बारे में तेहरान ने कोई जानकारी नहीं दी है। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सैन्य तैयारियों के साथ कूटनीतिक बातचीत भी जारी है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले को मंजूरी दी है या नहीं, यह अभी साफ नहीं है।
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अमेरिका और इस्राइल किस तरह के हमले की तैयारी कर रहे हैं?
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों की सेनाओं ने ईरान के खिलाफ सीमित अवधि के लेकिन तीव्र सैन्य अभियान की योजनाएं तैयार की हैं। इसमें ईरान के ऊर्जा ढांचे, परमाणु ठिकानों और मिसाइल व ड्रोन क्षमता को निशाना बनाने की तैयारी है। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों और योजना से जुड़े लोगों के हवाले से बताया गया है कि दोनों सेनाओं ने अभ्यास भी तेज कर दिए हैं। इनमें इराक के ऊपर से विमान उड़ाकर हमले की रणनीति का अभ्यास करना शामिल है।
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अमेरिकी और इस्राइली अधिकारियों के बीच क्या बातचीत हुई?
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने इस सप्ताह इस्राइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। इसमें ईरान पर दोबारा हमले की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि नए हमलों से ईरान की अर्थव्यवस्था पर इतना दबाव पड़ सकता है कि उसे बातचीत में रियायतें देने के लिए मजबूर होना पड़े। हालांकि, ट्रंप प्रशासन की ओर से अब तक हमले को अंतिम मंजूरी दिए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
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ईरान ने ‘फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ की धमकी क्यों दी?
ईरान से जुड़े मीडिया संस्थान स्टूडेंट न्यूज नेटवर्क (एसएनएन) के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने अमेरिका को चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'अमेरिका के पास ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ है। हम उन्हें ‘फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ दिखाएंगे और यह निश्चित रूप से उनके लिए कुछ नया होगा।' हालांकि, ईरान ने यह नहीं बताया कि यह हथियार क्या है, इसकी क्षमता कितनी है या धमकी का वास्तविक मतलब क्या है।

यह भी पढ़ें: मैक्रों का ट्रंप-नेतन्याहू पर निशाना: बोले- फ्रांस के खिलाफ अभियान चला रहे विदेशी नेता; क्या है पूरा विवाद?

अमेरिका की क्या है तैयारी? 
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ईरान के गहराई में बने पिकैक्स माउंटेन परमाणु ठिकाने पर 22,000 पाउंड वजनी जीबीयू-43/बी मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट (एमओएबी) बम इस्तेमाल करने पर विचार कर चुके हैं। इसे ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ कहा जाता है। हालांकि, हथियार विशेषज्ञों ने इसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं। यह बम जमीन के ऊपर विस्फोट करता है, जबकि संबंधित परमाणु ठिकाना ग्रेनाइट चट्टानों के बीच भूमिगत है। सैन्य अधिकारियों ने यह भी चेताया है कि बम ले जाने वाले धीमी गति से उड़ने वाले एमसी-130 विमान को ईरान की विमानरोधी गोलीबारी का खतरा हो सकता है।


ईरान ने क्या चेतावनी दी है? 
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका नवंबर की शुरुआत तक बड़ी सैन्य ताकत तैनात करने की तैयारी कर रहा है। इसमें तीन विमानवाहक पोत, हजारों मरीन सैनिक, लड़ाकू विमान और विशेष अभियान बल शामिल हैं। इसी महीने अमेरिका और इस्राइल हमले के करीब पहुंच गए थे, लेकिन ट्रंप ने आखिरी समय पर इसे टाल दिया। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव और इस्राइल में 27 अक्तूबर को होने वाला चुनाव भी हमले के समय को प्रभावित कर सकते हैं।

पेजेशकियन ने क्या कहा? 
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने संसद में कहा कि मौजूदा हालात ईरान, क्षेत्र और दुनिया, किसी के लिए अच्छे नहीं हैं। वहीं, ईरानी वार्ताकार के वरिष्ठ सलाहकार महदी मोहम्मदी ने 72 घंटे में युद्ध खत्म करने की संभावना को ‘कल्पना’ बताया। ईरान ने चेतावनी दी है कि नया संघर्ष ऊर्जा ठिकानों और समुद्री व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डेटा सेंटर और समुद्र के भीतर बिछी इंटरनेट केबल भी निशाने पर आ सकती हैं। व्हाइट हाउस ने कहा है कि वह ऐसी सैन्य योजनाओं पर टिप्पणी नहीं करता, जो हो भी सकती हैं और नहीं भी। ट्रंप ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सभी विकल्प खुले रखे हैं।
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