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बाराबंकी: भाई-बहन की प्यार के आगे जेल की दीवारें हुईं बौनी, खुल गए फाटक, देखिए जेल के अंदर कैसे बना रक्षाबंधन
जेल की ऊंची दीवारों के बीच शुक्रवार को रक्षाबंधन का भावुक नजारा देखने को मिला। हाथों में राखी और पूजा की थाली लिए बहनें अपने भाइयों से मिलने जिला जेल पहुंचीं। मुलाकात के दौरान किसी की आंखें नम हुईं तो किसी ने भाई से जल्द घर लौटने की बात कही। इस दौरान जिला जेल के अंदर का नजारा देखने लायक था। संवाद न्यूज एजेंसी के प्रतिनिधि में अपने कैमरे में यह वीडियो और तस्वीरें जेल प्रशासन की अनुमति से कैद की।
बाराबंकी जिला जेल में करीब डेढ़ हजार बंदी और निरुद्ध हैं। रक्षाबंधन पर उनके लिए बहनों के पहुंचने का सिलसिला सुबह से शुरू हुआ। शाम चार बजे तक करीब 10 बैच में 500 महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांध चुकी थीं।
मुलाकात के दौरान एक बहन ने भाई से कहा, “घर की चिंता मत करना, हम सब तुम्हारे साथ हैं।” भाई ने जवाब दिया, “बस यही दुआ करना कि आगे जिंदगी सही रास्ते पर चले।”
एक अन्य बहन ने राखी बांधते हुए कहा, “जेल की दीवारें हमें भाई से मिलने से नहीं रोक सकतीं, हर साल राखी बांधने आऊंगी।” भाई ने बहन से घर और मां का हालचाल पूछा और बच्चों का ख्याल रखने को कहा।
वहीं, एक भाई ने बहन को देखकर कहा, “आज तुम्हें देखकर लगा जैसे कुछ देर के लिए घर आ गया हूं।” बहन ने उसे हिम्मत देते हुए कहा कि परिवार उसके लौटने का इंतजार कर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश की जेलों में रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। जेल पहुंचने वाली बहनों के लिए पूजन सामग्री और अन्य आवश्यक इंतजाम किए गए।
जेल अधीक्षक कुंदन कुमार ने बताया कि बरसात को देखते हुए बहनों के बैठने के लिए टेंट की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
रक्षाबंधन पर शुक्रवार को जेल की पहचान कुछ देर के लिए बदल गई। सलाखों के पीछे बंद भाई और उनसे मिलने पहुंची बहनों के बीच सिर्फ एक रिश्ता था—राखी की वह डोर, जिसे कोई दीवार कैद नहीं कर सकती।
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