बीकानेर नगर निगम में 21 सितंबर को होने वाले महापौर चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्षद और पूर्व यूआईटी अध्यक्ष मकसूद अहमद को राजस्थान हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। वार्ड 18 से निर्वाचित मकसूद अहमद ने पुराने मामले में पुलिस की ओर से जारी नोटिस और चुनाव से ठीक पहले गिरफ्तारी की आशंका को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया था। रविवार को अवकाश के बावजूद विशेष अनुमति से मामले की सुनवाई हुई और अदालत ने उन्हें राहत दी।
रात करीब 10 बजे हुई विशेष सुनवाई
मामले की तात्कालिकता को देखते हुए रविवार को राजस्थान हाईकोर्ट में विशेष सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर गठित विशेष व्यवस्था के तहत जस्टिस सुनील बेनीवाल की पीठ ने मकसूद अहमद की याचिका पर रात करीब 10 बजे सुनवाई शुरू की। करीब आधे घंटे तक चली सुनवाई में उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सचिन आचार्य ने पक्ष रखा। याचिका में बताया गया कि मकसूद अहमद के खिलाफ पुराने मामले में पुलिस की ओर से नोटिस जारी किया गया था। चुनाव से ठीक पहले नोटिस मिलने और पुलिस के सामने पेश होने के निर्देश के कारण उन्हें महापौर चुनाव में मतदान से रोके जाने की आशंका थी। इसी आधार पर उन्होंने तत्काल न्यायिक राहत की मांग की थी।
पुराने मामले में चुनाव से पहले आया नोटिस
मकसूद अहमद से जुड़े मामले में कोटगेट थाना पुलिस की ओर से नोटिस जारी किया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, यह मामला पुरानी एफआईआर से जुड़ा है और पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए पेश होने को कहा था। चुनाव से ठीक पहले नोटिस जारी होने को लेकर कांग्रेस खेमे में राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई थी। मकसूद अहमद की ओर से अदालत में आशंका जताई गई कि पुलिस कार्रवाई के चलते वह सोमवार को होने वाले महापौर चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे। हाईकोर्ट में इसी तत्काल स्थिति को देखते हुए रविवार को सुनवाई की गई।
निकाय चुनाव से जुड़े दूसरे मामलों में भी सुनवाई
नगर निकाय चुनाव से जुड़े कई मामलों की तात्कालिकता को देखते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में रविवार को विशेष सुनवाई हुई। सोमवार को कई नगर निगमों और नगर निकायों में महापौर, सभापति और अध्यक्ष पद के चुनाव होने हैं। ऐसे में कुछ पार्षदों और प्रत्याशियों ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अदालत से तत्काल राहत मांगी। इसी क्रम में हनुमानगढ़ के नौ पार्षदों की याचिका पर भी विशेष पीठ ने सुनवाई की। वहीं कुचेरा नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष और निर्वाचित पार्षद तेजपाल मिर्धा को भी हाईकोर्ट से राहत मिली। अदालत ने एसीबी की ओर से दर्ज मामले में अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। कुचेरा में चेयरमैन पद का चुनाव भी 21 सितंबर को होना है।
श्रीविजयनगर के प्रत्याशी को भी राहत
श्रीविजयनगर नगरपालिका के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सुशील मीढा उर्फ बिट्टू मीढा से जुड़े मामले में भी हाईकोर्ट की ओर से अंतरिम राहत दिए जाने की जानकारी सामने आई है। चुनाव से पहले गिरफ्तारी की आशंका वाले मामलों को अदालत ने उनकी तात्कालिकता को देखते हुए सुना। इस तरह रविवार को अवकाश के दिन भी हाईकोर्ट में निकाय चुनाव से जुड़े कई मामलों की सुनवाई हुई।
273 निकायों में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव
राजस्थान में सोमवार को बीकानेर, पाली, अजमेर, उदयपुर और अलवर समेत 273 नगर निकायों में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होने हैं। बीकानेर नगर निगम के महापौर चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बीकानेर में भाजपा के 27 और कांग्रेस के 42 पार्षद हैं। वहीं पाली में भाजपा के 21 और कांग्रेस के 29 तथा अजमेर में भाजपा के 32 और कांग्रेस के 37 पार्षद हैं। ऐसे में पार्षदों की भूमिका इन निकायों में अध्यक्ष और महापौर के चुनाव में अहम रहने वाली है। बीकानेर में महापौर चुनाव से ठीक पहले मकसूद अहमद को मिली हाईकोर्ट की राहत के बाद अब सोमवार को होने वाली मतदान प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।