उज्जैन स्थित पंचदशनाम जूना अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष और तराना स्थित प्राचीन तिलभांडेश्वर (तिलकेश्वर) महादेव मंदिर के महंत मोहन भारती महाराज को एक बार फिर सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी और भद्दी गालियां दी गई हैं। आगामी 7 सितंबर को निकलने वाली महादेव की अंतिम शाही सवारी की तैयारियों को लेकर महंत द्वारा इंस्टाग्राम पर शेयर की गई एक रील और फोटो पर असामाजिक तत्वों ने आपत्ति जताते हुए यह धमकी दी है।
बताया जा रहा है कि महंत मोहन भारती ने 7 सितंबर की अंतिम सवारी को भव्य रूप देने के उद्देश्य से ‘तिलकेश्वर महादेव ऑफिस’ नाम के आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर एक रील और फोटो पोस्ट की थी। इस पोस्ट के कमेंट सेक्शन में ‘akram_1414’ नाम की सोशल मीडिया आईडी और अन्य असामाजिक तत्वों ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी दी। कमेंट में लिखा गया कि पिछली सवारी में मस्जिद के सामने जो गाने बजाए गए थे, वे इस बार न बजाए जाएं, वरना 7 सितंबर को निकलने वाली सवारी के दौरान उन्हें देख लिया जाएगा।
एसपी उज्जैन और तराना थाने में दर्ज होगी शिकायत
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए महंत मोहन भारती ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व कुंठित मानसिकता के तहत इस प्रकार का कृत्य कर रहे हैं। पिछले पांच सोमवार से लगातार भंडारे और भव्य सवारियां शांतिपूर्वक निकाली जा रही हैं। सोमवार (7 सितंबर) को अंतिम शाही सवारी निकलने वाली है, जिसे बाधित करने और डर फैलाने के लिए ये धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस मामले की लिखित शिकायत तराना थाना पुलिस और उज्जैन पुलिस अधीक्षक (एसपी) से करेंगे।
पहले भी मिल चुकी हैं कई धमकियां
यह पहला मौका नहीं है, जब जूना अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष को इस तरह निशाना बनाया गया हो। इससे पहले भी उन्हें तीन से अधिक बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं।
दिसंबर 2025: एक अज्ञात व्हाट्सएप नंबर से धमकी भरा मैसेज आया था, जिसमें हिंदू धर्म का प्रचार करने और विशेष समुदाय के खिलाफ बोलने का आरोप लगाते हुए जान से मारने की बात कही गई थी।
दानपेटी में पत्र: कुछ समय पहले मंदिर की दानपेटी से भी एक पत्र मिला था, जिसमें महंत को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इन मामलों को लेकर महंत ने पुलिस, साइबर सेल और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भेजकर सुरक्षा और कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
दो प्रमुख पीठों के महंत हैं मोहन भारती
महंत मोहन भारती धार्मिक क्षेत्र में एक प्रमुख व्यक्तित्व हैं। वे उज्जैन जिले के तराना में रानी अहिल्याबाई होलकर द्वारा निर्मित ऐतिहासिक तिलभांडेश्वर मंदिर के महंत होने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले (मिलक थाना क्षेत्र) स्थित पीपलीधाम देवी मंदिर के भी महंत हैं। वर्तमान में वे सनातन धर्म की सबसे बड़ी संस्थाओं में से एक ‘पंचदशनाम जूना अखाड़ा’ के अंतरराष्ट्रीय/राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर आसीन हैं।शाही सवारी से ठीक पहले मिली इस धमकी के बाद तराना क्षेत्र में तनाव और श्रद्धालुओं में रोष का माहौल है। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाने की संभावना है।
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आरोपी को किया राउंडअप
आगामी सोमवार को निकलने वाली भगवान श्री तिलभांडेश्वर महादेव की अंतिम राजसी सवारी से पूर्व इस प्रकार की टिप्पणियां किए जाने को गंभीरता से लेते हुए थाना तराना में अपराध क्रमांक 555/2026, धारा 299, 196(1)(ए), 351(2), 352 बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपी के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
घटना की गंभीरता और आगामी राजसी सवारी के दौरान कानून-व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में तत्काल पुलिस टीम गठित की गई। साइबर सेल की तकनीकी सहायता से आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति की पहचान और लोकेशन का पता लगाया गया। इसमें आरोपी सैयद अकरम, निवासी बैतूल, का होना पाया गया। तराना पुलिस टीम ने बैतूल पुलिस से समन्वय स्थापित कर आरोपी सैयद अकरम को राउंडअप किया है।