शुक्रवार से तीन दिन बैंकिंग कामकाज ठप रहने वाला है। बैंक कर्मचारियों की संस्था यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की ओर से 11 सितंबर को एक दिन की देशव्यापी हड़ताल का एलान किया गया है। इसके बाद 12 सितंबर को शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण लगातार तीन दिन बैंकिंग कामकाज प्रभावित रहेगा।
बैंक यूनियनों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर समाधान नहीं निकला तो आगे और लंबी हड़ताल की जा सकती है। यूनियन की प्रमुख मांगों में 5 दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने में हो रही देरी, परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम को लेकर उच्च अधिकारियों और निचले स्तर के कर्मचारियों के बीच मतभेद तथा पेंशन से जुड़े कई लंबित मुद्दे शामिल हैं। यूनियन के अनुसार, लंबे समय से लंबित इन मांगों पर अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इसी वजह से 11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल का फैसला लिया गया है।
बैंक कर्मचारी बोले- 2024 में मैनेजमेंट ने 5 डे बैंकिंग पर सहमति दी थी
बैंक यूनियन प्रतिनिधि प्रमोद चतुर्वेदी ने बताया कि फिलहाल 11 सितंबर को एक दिन की हड़ताल रखी गई है। इसके बाद तीन दिन की हड़ताल का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांग 5 डे बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है। प्रमोद चतुर्वेदी के मुताबिक, 5 डे बैंकिंग को लेकर मैनेजमेंट साल 2024 में ही सहमति दे चुका है, लेकिन यह मामला अब सरकार के पास लंबित है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार की ओर से इस मुद्दे पर फैसला नहीं होने के कारण बैंक कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि हड़ताल की एक वजह PLI भी है। यूनियन का आरोप है कि PLI के मामले में छोटे कर्मचारियों और निचले स्तर के अधिकारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उनका कहना है कि बड़े अधिकारियों को कम काम के बावजूद अधिक लाभ मिल रहा है, जबकि निचले स्तर के कर्मचारी अधिक काम करने के बाद भी इसका फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। चतुर्वेदी ने दावा किया कि कुछ बड़े अधिकारियों को 7 लाख से लेकर 30 लाख रुपये तक का लाभ मिल रहा है, जबकि निचले स्तर के कर्मचारियों को इसका उचित फायदा नहीं मिल रहा है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल
बैंक यूनियन प्रतिनिधि ने बताया कि फिलहाल 11 सितंबर को एक दिन की हड़ताल की घोषणा की गई है। यदि इसके बावजूद मांगों पर कोई फैसला नहीं हुआ तो 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिन की हड़ताल की जाएगी। इसके साथ शनिवार और रविवार की छुट्टी होने के कारण बैंक लगातार पांच दिन बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। यह हड़ताल देशभर के सभी बैंकिंग क्षेत्रों में होगी। यूनियन प्रतिनिधि के अनुसार, आजादी से पहले भारत के इतिहास में इस तरह की स्थिति एक बार बन चुकी है और अब दूसरी बार ऐसी स्थिति बन रही है।