रनेह थाना पुलिस की अभिरक्षा से फरार हुए झोलाछाप डॉक्टर को पुलिस ने आखिरकार टीकमगढ़ जिले से गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार सुबह विशेष पुलिस टीम ने आरोपी को दबोचकर रनेह थाना लाया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि फरारी और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच की जा सके।
आरोपी के फरार होने के बाद एसपी ने उसकी गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया था। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने टीकमगढ़ जिले में दबिश देकर आरोपी लीलाधर चौधरी को गिरफ्तार किया।
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गिरफ्तार आरोपी 35 वर्षीय लीलाधर चौधरी, निवासी बमनपुरा (थाना पटेरा) है। वह बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के इलाज करता था। करीब दो महीने पहले उसके कथित गलत इलाज से एक नाबालिग बच्ची की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। जांच के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 तथा मेडिकल काउंसिल एक्ट की धारा 24 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को रनेह थाने में रखा गया था, लेकिन मंगलवार तड़के करीब चार बजे वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। इसके बाद जिलेभर में उसकी तलाश शुरू की गई और अंततः टीकमगढ़ से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए एसपी आनंद कलादगी ने तीन पुलिसकर्मियों—एचसीएम शिवराज सिंह, ड्यूटी ऑफिसर केवल नारायण मिश्रा और बंदी सुरक्षा में तैनात आरक्षक श्रीराम प्रजापति—को निलंबित कर दिया। वहीं, थाना प्रभारी चंदन सिंह और विवेचक एएसआई मुफीस अहमद को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी अकेले फरार हुआ था या उसे किसी की मदद मिली थी। एसपी आनंद कलादगी ने कहा कि आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या सहयोग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।