Hindi News
›
Video
›
India News
›
CJI Surya Kant will not meet Rahul Gandhi and Kharge; he refused to grant an appointment!
{"_id":"6acc01f6f61593e58c0f9389","slug":"cji-surya-kant-will-not-meet-rahul-gandhi-and-kharge-he-refused-to-grant-an-appointment-2026-10-12","type":"video","status":"publish","title_hn":"राहुल गांधी-खरगे से नहीं मिलेंगे सीजेआई सूर्यकांत, समय देने से इनकार कर दिया!","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
राहुल गांधी-खरगे से नहीं मिलेंगे सीजेआई सूर्यकांत, समय देने से इनकार कर दिया!
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच प्रस्तावित मुलाकात को लेकर खबर सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को सीजेआई से मिलकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर चर्चा करना चाहते थे। हालांकि, सीजेआई सूर्यकांत ने उन्हें मुलाकात के लिए समय देने से इनकार कर दिया। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, सीजेआई ने राहुल गांधी के आधिकारिक ईमेल का जवाब देते हुए बताया कि जिन मुद्दों पर चर्चा करने का अनुरोध किया गया है, वे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। ऐसे में उन पर अलग से मुलाकात करना उचित नहीं होगा। इस घटनाक्रम ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण और उससे जुड़े कानूनी सवालों को लेकर राजनीतिक एवं न्यायिक चर्चा को फिर से केंद्र में ला दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत ने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट सरकार के प्रशासनिक कामकाज में सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकता। हालांकि, उन्होंने यह विकल्प खुला रखा कि विपक्ष के नेता अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। यदि विपक्ष की ओर से इस संबंध में याचिका दाखिल की जाती है, तो मंगलवार को एसआईआर से जुड़े अन्य मामलों के साथ उस पर भी सुनवाई हो सकती है। इस तरह मुलाकात के अनुरोध पर सकारात्मक जवाब नहीं मिलने के बावजूद, संबंधित मुद्दे को न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से उठाने का रास्ता खुला है। गौरतलब है कि एसआईआर का संबंध मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण से है, जिसके तहत मतदाता सूची की जांच और संशोधन की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस प्रक्रिया को लेकर उठने वाली आपत्तियों में मतदाताओं के अधिकारों और सूची की शुद्धता जैसे सवाल महत्वपूर्ण होते हैं।
दरअसल, राहुल गांधी ने इससे पहले एक वीडियो संदेश जारी करके लोगों से सोमवार, 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की अपील की थी। अपने संदेश में उन्होंने कहा था कि भारतीय नागरिक के रूप में लोग एकजुट होकर आगे बढ़ें और पार्टी, महिला-पुरुष, जाति, समुदाय तथा राज्य की दीवारों से ऊपर उठकर साथ चलें। उनके इस संदेश का मुख्य जोर नागरिकों की एकजुटता और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करने पर था। राहुल गांधी ने अपने वीडियो के माध्यम से लोगों को इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया था। हालांकि, मार्च के आयोजन और उसमें भागीदारी से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए अलग से आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
कुल मिलाकर, इस घटनाक्रम में दो पहलू महत्वपूर्ण हैं। पहला, सीजेआई सूर्यकांत ने कथित तौर पर यह कहते हुए व्यक्तिगत मुलाकात से इनकार किया कि संबंधित विषय पहले से अदालत के विचाराधीन हैं। दूसरा, उन्होंने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी उपाय अपनाने की संभावना का उल्लेख किया। अब आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि विपक्ष की ओर से कोई याचिका दाखिल की जाती है या नहीं और अदालत उस पर क्या रुख अपनाती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि मुलाकात से इनकार करना अपने आप में एसआईआर के मुद्दे पर कोई अंतिम न्यायिक फैसला नहीं है। इस मामले में अदालत का रुख संबंधित याचिकाओं, प्रस्तुत तथ्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर ही स्पष्ट होगा।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।