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कुल्लू: मनाली में हस्तनिर्मित उत्पादों की धूम, पर्यटकों की पहली पसंद बने हिमाचली कारीगरों के सामान
पहाड़ों की खूबसूरती देखने मनाली पहुंच रहे पर्यटक अब हिमाचली हस्तनिर्मित उत्पादों को भी खूब पसंद कर रहे हैं। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत मनाली के कुंजम होटल में आयोजित प्रदर्शनी में पारंपरिक हुनर की झलक देखने को मिली। प्रदर्शनी में आठ ट्रेड से जुड़े कारीगरों ने अपने हाथों से तैयार किए गए उत्पाद प्रदर्शित किए। पर्यटकों ने इन सामानों में विशेष रुचि दिखाई और खरीदारी भी की।
प्रदर्शनी में हिमाचली कला और संस्कृति से जुड़े विभिन्न हस्तनिर्मित उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे। इनमें हिडिंबा मंदिर और बिजली महादेव मंदिर की प्रतिकृतियां, हाथ से बुने स्वेटर, टोपियां और धागों से बनाए गए फूल शामिल रहे। कारीगरों की मेहनत से तैयार इन वस्तुओं ने पर्यटकों का ध्यान खींचा। स्थानीय कला से जुड़े उत्पादों को देखने के साथ ही लोगों ने इन्हें खरीदने में भी रुचि दिखाई।
एमएसएमई के हिमाचल प्रभारी एके गौतम ने बताया कि भारत सरकार की पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत इस प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। योजना का उद्देश्य पारंपरिक हुनर से जुड़े कारीगरों को प्रोत्साहित करना और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी के माध्यम से कारीगरों को अपने उत्पादों की पहचान बनाने और संभावित खरीदारों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है। मनाली जैसे पर्यटन स्थल पर इस तरह के आयोजन से पारंपरिक हस्तकला को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
प्रदर्शनी में पहुंचे पर्यटकों ने हिमाचली हस्तनिर्मित सामानों को करीब से देखा। मंदिरों की प्रतिकृतियों से लेकर ऊनी कपड़ों और सजावटी वस्तुओं तक, विभिन्न उत्पाद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे। कारीगरों द्वारा तैयार इन वस्तुओं में स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक तकनीकों की झलक देखने को मिली। आयोजकों के अनुसार, पर्यटकों की रुचि से कारीगरों को अपने काम को आगे बढ़ाने का प्रोत्साहन मिलेगा।
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