बलरामपुर के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में फर्जी अंकसूची और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए नियुक्ति पाने के संगठित आपराधिक षड्यंत्र मामले में पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। घटना के बाद से लगातार फरार चल रहे आरोपी विष्णु यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
क्या है पूरा मामला?
मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रभारी परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास परियोजना कुसमी ने 23 अगस्त 2025 को थाना शंकरगढ़ में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में विकासखंड शंकरगढ़ के तहत आंगनबाड़ी सहायिका के पदों पर फर्जी अंकसूची के आधार पर नियुक्ति हासिल करने के संगठित षड्यंत्र की बात सामने आई थी। रिपोर्ट के आधार पर थाना शंकरगढ़ में धारा 318(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 111 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
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पूर्व में 9 आरोपियों की हो चुकी थी गिरफ्तारी
विवेचना के दौरान फर्जी दस्तावेज और अंकसूची तैयार करने तथा षड्यंत्र में शामिल पाए जाने पर पुलिस ने पूर्व में चरणबद्ध तरीके से 9 आरोपियों जिसमें 24 अगस्त 2025 को सुशीला सिंह (बेलकोना), अरमाना (जारगीम), रीजवाना (महुआडीह) एवं प्रियंका यादव (कोठली)। 25 अगस्त 2025 को उमाशंकर पैकरा (बेलकोना), शिवनारायण (महुआडीह), आबिद अंसारी (भागवतपुर) एवं समसुद्दीन अंसारी (भागवतपुर) एवँ 26 अगस्त 2025 को सहीना परवीन (भागवतपुर) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था।
फरार आरोपी गिरफ्तार
मामले में शामिल आरोपी विष्णु यादव पिता प्रेमशंकर यादव, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम भैरोपुर, थाना चलगली, जिला बलरामपुर घटना दिनांक से ही फरार चल रहा था। पुलिस लगातार उसकी पतासाजी में जुटी हुई थी। अंततः 18 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।