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Pithoragarh News: ऑल वेदर रोड पर पत्थर और बोल्डर गिरने से दिन में कई बार ठप रही आवाजाही, परेशान रहे यात्री
Sun, 13 Sep 2026 11:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 13 Sep 2026 11:38 PM IST
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पिथौरागढ़। बारिश कम होने के बाद भी पिथौरागढ़-टनकपुर ऑलवेदर रोड पर आवागमन खतरनाक बना हुआ है। रविवार सुबह फिर से घाट बैंड में पहाड़ी से पत्थर और बोल्डरों की बरसात हुई। दो घंटे बाद यातायात शुरू किया जा सका। पूरे दिन पहाड़ी से बोल्डर गिरने से कई बार आवाजाही प्रभावित हुई इससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मानसून अब अपने अंतिम चरण में है और कुछ रोज से बारिश कम हो गई है। इसके बाद भी लेकिन घाट-पिथौरागढ़ ऑलवेदर सड़क पर घाट बैंड के पास पिछले दो दिन से हालात खतरनाक बने हैं। यहां पहाड़ी से लगातार बोल्डर और मलबा गिर रहा है। बीते शनिवार को घाट बैंड के पास सड़क 10 घंटे बंद रही। अपराह्न में यातायात बहाल किया गया। देर शाम फिर से बोल्डरों की बारिश शुरू हो गई और अंधेरे में दोनों तरफ बड़ी संख्या में वाहन और यात्री फंसे रहे।
हल्द्वानी से लौट रहे अंकुर महर ने बताया कि अंधेरे और ऊपर से गिरते बोल्डरों के बीच फंसे यात्री और वाहन चालक सहमे रहे। पत्थर आने बंद हुए तो किसी तरह लोगों ने खतरनाक जगह को पार किया। रविवार सुबह करीब छह बजे फिर से बोल्डर गिरने से आवाजाही ठप हो गई। सड़क के दोनों तरफ रोडवेज बस सहित, टैक्सी, मालवाहक और अन्य वाहन फंस गए। दोनों तरफ से जेसीबी लगाकर किसी तरह दो घंटे बाद यातायात सुचारु किया गया। हालांकि पूरे दिन रुक-रुककर बोल्डर गिरने का सिलसिला जारी रहा। ऐसे में दिन में कई बार यातायात रोकना पड़ा इससे यात्री और वाहन चालक परेशान रहे।
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-- -इनसेट-- -
एक तरफ सड़क का सफर जोखिमपूर्ण, दूसरी ओर हवाई सेवा बंद
घाट बैंड के पास बोल्डर गिरने से जिले को मैदानी क्षेत्रों से जोड़ने वाली ऑलवेदर रोड पर आवागमन जोखिमपूर्ण बना हुआ है। रोजाना सड़क बंद होने से यात्री परेशान हैं। इस सड़क से सफर करना यात्रियों के लिए चुनौती बना हुआ है। वहीं दिल्ली और देहरादून के बीच विमान सेवा और हल्द्वानी, अल्मोड़ा रूट पर हेलिकॉप्टर सेवा बंद होने से यात्रियों की दिक्कत बढ़ गई है। यदि हवाई सेवाएं संचालित होती तो कई यात्रियों का सफर सुरक्षित और आरामदायक होता। संवाद
-- -कोट-- -
मौके पर जेसीबी और पोकलैंड तैनात की गई हैं। एनएच के अधिकारी और पुलिस की टीम मौके पर है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। सुरक्षित परिस्थिति बनने पर ही वाहनों की आवाजाही करवाई जा रही है।
भूपेंद्र सिंह महर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़
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मानसून अब अपने अंतिम चरण में है और कुछ रोज से बारिश कम हो गई है। इसके बाद भी लेकिन घाट-पिथौरागढ़ ऑलवेदर सड़क पर घाट बैंड के पास पिछले दो दिन से हालात खतरनाक बने हैं। यहां पहाड़ी से लगातार बोल्डर और मलबा गिर रहा है। बीते शनिवार को घाट बैंड के पास सड़क 10 घंटे बंद रही। अपराह्न में यातायात बहाल किया गया। देर शाम फिर से बोल्डरों की बारिश शुरू हो गई और अंधेरे में दोनों तरफ बड़ी संख्या में वाहन और यात्री फंसे रहे।
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हल्द्वानी से लौट रहे अंकुर महर ने बताया कि अंधेरे और ऊपर से गिरते बोल्डरों के बीच फंसे यात्री और वाहन चालक सहमे रहे। पत्थर आने बंद हुए तो किसी तरह लोगों ने खतरनाक जगह को पार किया। रविवार सुबह करीब छह बजे फिर से बोल्डर गिरने से आवाजाही ठप हो गई। सड़क के दोनों तरफ रोडवेज बस सहित, टैक्सी, मालवाहक और अन्य वाहन फंस गए। दोनों तरफ से जेसीबी लगाकर किसी तरह दो घंटे बाद यातायात सुचारु किया गया। हालांकि पूरे दिन रुक-रुककर बोल्डर गिरने का सिलसिला जारी रहा। ऐसे में दिन में कई बार यातायात रोकना पड़ा इससे यात्री और वाहन चालक परेशान रहे।
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एक तरफ सड़क का सफर जोखिमपूर्ण, दूसरी ओर हवाई सेवा बंद
घाट बैंड के पास बोल्डर गिरने से जिले को मैदानी क्षेत्रों से जोड़ने वाली ऑलवेदर रोड पर आवागमन जोखिमपूर्ण बना हुआ है। रोजाना सड़क बंद होने से यात्री परेशान हैं। इस सड़क से सफर करना यात्रियों के लिए चुनौती बना हुआ है। वहीं दिल्ली और देहरादून के बीच विमान सेवा और हल्द्वानी, अल्मोड़ा रूट पर हेलिकॉप्टर सेवा बंद होने से यात्रियों की दिक्कत बढ़ गई है। यदि हवाई सेवाएं संचालित होती तो कई यात्रियों का सफर सुरक्षित और आरामदायक होता। संवाद
मौके पर जेसीबी और पोकलैंड तैनात की गई हैं। एनएच के अधिकारी और पुलिस की टीम मौके पर है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। सुरक्षित परिस्थिति बनने पर ही वाहनों की आवाजाही करवाई जा रही है।
भूपेंद्र सिंह महर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़