उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने 'वन बार-वन वोट' पर सुनवाई की, प्रदेश की सभी बार एसोसिएशनों को जारी किया नोटिस
नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रदेश की विभिन्न बार एसोसिएशनों के चुनाव में लागू 'वन बार-वन वोट' व्यवस्था से संबंधित याचिका पर सुनवाई के बाद सभी संबंधित बार एसोसिएशनों को नोटिस जारी किया है।
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नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रदेश की विभिन्न बार एसोसिएशनों के चुनाव में लागू वन बार-वन वोट व्यवस्था से संबंधित याचिका पर सुनवाई के बाद सभी संबंधित बार एसोसिएशनों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया तथा बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड को भी जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार मदन चंद्र कर्नाटका ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बार काउंसिल आफ उत्तराखंड चुनाव रूल्स, 2014 के रूल 40, में निहित “एक वर्ष में केवल एक बार एक बार में मतदान” संबंधी प्रावधान को चुनौती देते हुए कहा था कि यह प्रावधान वन बार–वन वोट के मूल सिद्धांत से अलग एक अतिरिक्त समयगत प्रतिबंध लगाता है। याचिका में मांग की गई थी कि सभी बार एसोसिएशनों में सदस्यता सूची तथा पृथक मतदाता सूची तैयार की जाए तथा एक से अधिक बार एसोसिएशन के सदस्य अधिवक्ता से यह स्पष्ट कराया जाए कि वह किस बार एसोसिएशन के चुनाव में अपना मताधिकार प्रयोग करना चाहता है। इसके लिए संबंधित अधिवक्ता द्वारा दिए गए घोषणा-पत्र/शपथपत्र के आधार पर मतदाता सूची का सत्यापन किए जाने की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि प्रदेश की अधिकांश बार एसोसिएशनों में चुनाव का कार्यकाल दो वर्ष का है, जबकि नियम में “एक वर्ष में केवल एक बार” मतदान की शर्त रखी गई है, जिससे अलग-अलग बार एसोसिएशनों में अलग-अलग समय पर होने वाले चुनावों में मताधिकार को लेकर व्यावहारिक कठिनाई उत्पन्न होती है।