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Chamoli News: बच्चों के इलाज के लिए जाना पड़ रहा 100 किमी दूर
Wed, 14 Oct 2026 05:19 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 14 Oct 2026 05:19 PM IST
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फोटो
जिला अस्पताल में चार माह से बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। जिला अस्पताल गोपेश्वर में पिछले चार माह से बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त चल रहा है। इससे बच्चों के इलाज के लिए पहुंच रहे परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि बच्चों के उपचार के लिए उन्हें करीब 100 किलोमीटर दूर बेस अस्पताल श्रीनगर जाना पड़ रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता सत्येंद्र रावत ने बताया कि अगस्त में इस समस्या के संबंध में गढ़वाल आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया था। उस दौरान जल्द चिकित्सक की तैनाती का आश्वासन दिया गया लेकिन अब तक पद रिक्त है। नंदानगर निवासी प्रीति देवी, कुसुम और शकुंतला नेगी ने बताया कि वे अपने बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं लेकिन यहां उपचार नहीं मिल पाया। इसके बाद बेस अस्पताल श्रीनगर ले जाना पड़ा। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनुराग धनिक ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी ही बाल रोग विशेषज्ञ हैं। वह विभागीय कार्यों के साथ ही बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कर रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ की नियमित तैनाती के लिए निदेशालय को पत्र भेजा गया है।
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जिला अस्पताल में चार माह से बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। जिला अस्पताल गोपेश्वर में पिछले चार माह से बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त चल रहा है। इससे बच्चों के इलाज के लिए पहुंच रहे परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि बच्चों के उपचार के लिए उन्हें करीब 100 किलोमीटर दूर बेस अस्पताल श्रीनगर जाना पड़ रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता सत्येंद्र रावत ने बताया कि अगस्त में इस समस्या के संबंध में गढ़वाल आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया था। उस दौरान जल्द चिकित्सक की तैनाती का आश्वासन दिया गया लेकिन अब तक पद रिक्त है। नंदानगर निवासी प्रीति देवी, कुसुम और शकुंतला नेगी ने बताया कि वे अपने बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं लेकिन यहां उपचार नहीं मिल पाया। इसके बाद बेस अस्पताल श्रीनगर ले जाना पड़ा। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनुराग धनिक ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी ही बाल रोग विशेषज्ञ हैं। वह विभागीय कार्यों के साथ ही बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कर रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ की नियमित तैनाती के लिए निदेशालय को पत्र भेजा गया है।
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