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Sitapur News: बाबा नीम करौरी की भूमिका से शोभिनव सत्य ने बटोरी सुर्खियां
Sat, 05 Sep 2026 11:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 05 Sep 2026 11:56 PM IST
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खैराबाद। मोहल्ला कमालसराय में जन्मे शोभित श्रीवास्तव फिल्म जगत में शोभिनव सत्य के नाम से पहचान बना रहे हैं। सात अगस्त को रिलीज हुई फिल्म ‘हनुमान अंश’ में उन्होंने बाबा नीम करौरी की भूमिका निभाई है। कम बजट में बनी फिल्म को दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। फिल्म की सफलता से खैराबाद के लोगों में भी उत्साह है।
शोभिनव ने प्रारंभिक शिक्षा खैराबाद के सरस्वती शिशु मंदिर से प्राप्त की। उनके पिता सतेंद्र श्रीवास्तव शिक्षा विभाग में कार्यरत रहे, जबकि मां लक्ष्मी श्रीवास्तव शिक्षिका हैं। वर्तमान में परिवार लखनऊ के त्रिवेणीनगर में रहता है। पिता के अनुसार, शोभिनव ने करीब 12 वर्षों की मेहनत और साधना के बाद यह मुकाम हासिल किया है।
फिल्म में फर्रुखाबाद निवासी लक्ष्मण दास शर्मा के आध्यात्मिक जीवन और हनुमान भक्ति की कथा दिखाई गई है, जिन्हें बाद में बाबा नीम करौरी के नाम से प्रसिद्धि मिली। फिल्म निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी के बारे में पंडित सूर्यदत्त आनंदी सहगल विद्यालय के संस्थापक रामजी मिश्र ने बताया कि वह पेशे से चिकित्सक रहे हैं और बाद में फिल्म निर्देशन से जुड़े। उनके अनुसार, नीम करौली बाबा की भक्ति से जुड़े शोभिनव को बीमारी के कारण एक कलाकार के हटने के बाद यह भूमिका मिली।
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सिनेमा हॉल में हुआ हनुमान चालीसा का पाठ
फिल्म को लेकर स्थानीय सिनेमा घरों में भी दर्शकों का उत्साह दिख रहा है। किसानी टोला निवासी अनूप कुमार गुप्ता के अनुसार, परिवार के साथ फिल्म देखने पहुंचे दर्शकों ने सिनेमा हॉल में हनुमान चालीसा का पाठ किया। सिनेमा कर्मचारियों ने दर्शकों को हनुमान चालीसा और प्रसाद वितरित किया। कमालसराय के लोगों के अनुसार, पहली बार सिनेमा देखने वाले बुजुर्ग और युवा भी फिल्म देखने पहुंच रहे हैं।
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शोभिनव ने प्रारंभिक शिक्षा खैराबाद के सरस्वती शिशु मंदिर से प्राप्त की। उनके पिता सतेंद्र श्रीवास्तव शिक्षा विभाग में कार्यरत रहे, जबकि मां लक्ष्मी श्रीवास्तव शिक्षिका हैं। वर्तमान में परिवार लखनऊ के त्रिवेणीनगर में रहता है। पिता के अनुसार, शोभिनव ने करीब 12 वर्षों की मेहनत और साधना के बाद यह मुकाम हासिल किया है।
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फिल्म में फर्रुखाबाद निवासी लक्ष्मण दास शर्मा के आध्यात्मिक जीवन और हनुमान भक्ति की कथा दिखाई गई है, जिन्हें बाद में बाबा नीम करौरी के नाम से प्रसिद्धि मिली। फिल्म निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी के बारे में पंडित सूर्यदत्त आनंदी सहगल विद्यालय के संस्थापक रामजी मिश्र ने बताया कि वह पेशे से चिकित्सक रहे हैं और बाद में फिल्म निर्देशन से जुड़े। उनके अनुसार, नीम करौली बाबा की भक्ति से जुड़े शोभिनव को बीमारी के कारण एक कलाकार के हटने के बाद यह भूमिका मिली।
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सिनेमा हॉल में हुआ हनुमान चालीसा का पाठ
फिल्म को लेकर स्थानीय सिनेमा घरों में भी दर्शकों का उत्साह दिख रहा है। किसानी टोला निवासी अनूप कुमार गुप्ता के अनुसार, परिवार के साथ फिल्म देखने पहुंचे दर्शकों ने सिनेमा हॉल में हनुमान चालीसा का पाठ किया। सिनेमा कर्मचारियों ने दर्शकों को हनुमान चालीसा और प्रसाद वितरित किया। कमालसराय के लोगों के अनुसार, पहली बार सिनेमा देखने वाले बुजुर्ग और युवा भी फिल्म देखने पहुंच रहे हैं।