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Siddharthnagar News: प्रतिभाओं को निखार रहा अभ्युदय कोचिंग सेंटर, प्रतियोगी परीक्षाओं की राह आसान
Mon, 07 Sep 2026 11:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 07 Sep 2026 11:49 PM IST
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- रतनसेन इंटर डिग्री कॉलेज बांसी में संचालित हो रहा मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग सेंटर
- किताबों के साथ शिक्षकों का मार्गदर्शन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे विद्यार्थी
- 142 से अधिक बच्चे नियमित कर रहे पढ़ाई, आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मिल रहा लाभ
सिद्धार्थनगर। आर्थिक अभाव के चलते प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से वंचित रहने वाले विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग सेंटर उम्मीद की नई राह बन रहा है। इससे न सिर्फ उनकी प्रतिभा में निखार आ रहा है बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की राह भी आसान हुई है।
रतनसेन इंटर डिग्री कॉलेज बांसी में संचालित केंद्र पर 142 से अधिक विद्यार्थी नियमित रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इसमें नीट, एसएससी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यहां विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री के साथ विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन भी मिल रहा है। इससे विद्यार्थियों को महंगी निजी कोचिंग पर निर्भर रहने के बजाय बेहतर तैयारी का अवसर मिल रहा है। इसमें जहां विशेषज्ञ शिक्षक तैनात किए गए हैं। वहीं, डीएम सहित अन्य अधिकारी कोचिंग सेंटर में पहुंचकर बच्चों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
रतनसेन डिग्री कॉलेज बांसी में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा है। इसमें एसएससी की तैयारी के लिए 86 बच्चे पंजीकृत हैं। डेढ़ घंटे तक क्लॉस चलता है। इसमें कुल 12 शिक्षक हैं जबकि, नीट में कुल 56 बच्चे हैं। इसमें तीन शिक्षक हैं जो क्लास ले रहे हैं। इसके अलावा जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारी सेंटर पर पहुंचकर बच्चों का मार्गदर्शन करते हैं। अपने अनुभव को साझा करते हैं। इसके साथ ही पढ़ाई करने और नोट तैयार करने आदि के बारे में जानकारी देते हैं।
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अभ्युदय कोचिंग में शिक्षकों की तैनाती की गई है, जो नियमित क्लास ले रहे हैं। इसके साथ ही अधिकारी समय- समय पर पहुंचकर बच्चों का मार्गदर्शन करते हैं।
- महिपाल सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए मददगार
सरकार प्रतियोगी परीक्षा की तैयार करने बच्चों को बड़े कोचिंग सेंटर में जाते थे, जहां काफी खर्च होता था। इसमें मध्यम वर्ग के बच्चे मेधावी होते हुए भी आर्थिक परेशानी के कारण अधिकतर बच्चे बाहर पढ़ाई के लिए नहीं जा पाते थे। सरकार ऐसे बच्चों को आगे लाने और उन्हें सपना साकार करने का अवसर प्रदान के लिए अभ्युदय कोचिंग सेंटर का संचालन शुरू किया। इसमें बच्चों को निशुल्क प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराई जाती है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में तैयारी का अवसर मिलने से समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है। कक्षाओं में पाठ्यक्रम पूरा कराने के साथ विद्यार्थियों की विषय से जुड़ी जिज्ञासाओं और कठिनाइयों का समाधान भी किया जाता है। शिक्षक नियमित कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों की तैयारी को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। सामान्य अध्ययन, तर्कशक्ति, गणित समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में उपयोगी विषयों पर अभ्यास कराया जा रहा है।
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शिक्षकों के मार्गदर्शन से बढ़ रहा आत्मविश्वास
केंद्र पर पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जा रहा बल्कि उन्हें परीक्षा के पैटर्न, प्रश्नों को हल करने के तरीके और समय प्रबंधन की जानकारी भी दी जा रही है। शिक्षकों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर आत्मविश्वास बढ़ रहा है। नियमित अभ्यास और कक्षाओं में सहभागिता के माध्यम से विद्यार्थी अपने कमजोर विषयों को भी मजबूत करने में जुटे हैं।
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- किताबों के साथ शिक्षकों का मार्गदर्शन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे विद्यार्थी
- 142 से अधिक बच्चे नियमित कर रहे पढ़ाई, आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मिल रहा लाभ
सिद्धार्थनगर। आर्थिक अभाव के चलते प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से वंचित रहने वाले विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग सेंटर उम्मीद की नई राह बन रहा है। इससे न सिर्फ उनकी प्रतिभा में निखार आ रहा है बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की राह भी आसान हुई है।
रतनसेन इंटर डिग्री कॉलेज बांसी में संचालित केंद्र पर 142 से अधिक विद्यार्थी नियमित रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इसमें नीट, एसएससी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यहां विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री के साथ विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन भी मिल रहा है। इससे विद्यार्थियों को महंगी निजी कोचिंग पर निर्भर रहने के बजाय बेहतर तैयारी का अवसर मिल रहा है। इसमें जहां विशेषज्ञ शिक्षक तैनात किए गए हैं। वहीं, डीएम सहित अन्य अधिकारी कोचिंग सेंटर में पहुंचकर बच्चों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
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रतनसेन डिग्री कॉलेज बांसी में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा है। इसमें एसएससी की तैयारी के लिए 86 बच्चे पंजीकृत हैं। डेढ़ घंटे तक क्लॉस चलता है। इसमें कुल 12 शिक्षक हैं जबकि, नीट में कुल 56 बच्चे हैं। इसमें तीन शिक्षक हैं जो क्लास ले रहे हैं। इसके अलावा जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारी सेंटर पर पहुंचकर बच्चों का मार्गदर्शन करते हैं। अपने अनुभव को साझा करते हैं। इसके साथ ही पढ़ाई करने और नोट तैयार करने आदि के बारे में जानकारी देते हैं।
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अभ्युदय कोचिंग में शिक्षकों की तैनाती की गई है, जो नियमित क्लास ले रहे हैं। इसके साथ ही अधिकारी समय- समय पर पहुंचकर बच्चों का मार्गदर्शन करते हैं।
- महिपाल सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए मददगार
सरकार प्रतियोगी परीक्षा की तैयार करने बच्चों को बड़े कोचिंग सेंटर में जाते थे, जहां काफी खर्च होता था। इसमें मध्यम वर्ग के बच्चे मेधावी होते हुए भी आर्थिक परेशानी के कारण अधिकतर बच्चे बाहर पढ़ाई के लिए नहीं जा पाते थे। सरकार ऐसे बच्चों को आगे लाने और उन्हें सपना साकार करने का अवसर प्रदान के लिए अभ्युदय कोचिंग सेंटर का संचालन शुरू किया। इसमें बच्चों को निशुल्क प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराई जाती है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में तैयारी का अवसर मिलने से समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है। कक्षाओं में पाठ्यक्रम पूरा कराने के साथ विद्यार्थियों की विषय से जुड़ी जिज्ञासाओं और कठिनाइयों का समाधान भी किया जाता है। शिक्षक नियमित कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों की तैयारी को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। सामान्य अध्ययन, तर्कशक्ति, गणित समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में उपयोगी विषयों पर अभ्यास कराया जा रहा है।
शिक्षकों के मार्गदर्शन से बढ़ रहा आत्मविश्वास
केंद्र पर पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जा रहा बल्कि उन्हें परीक्षा के पैटर्न, प्रश्नों को हल करने के तरीके और समय प्रबंधन की जानकारी भी दी जा रही है। शिक्षकों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर आत्मविश्वास बढ़ रहा है। नियमित अभ्यास और कक्षाओं में सहभागिता के माध्यम से विद्यार्थी अपने कमजोर विषयों को भी मजबूत करने में जुटे हैं।