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Shahjahanpur News: रेलवे लाइन किनारे गड्ढे में नहाने उतरे दो बालकों की मौत, तीसरे ने घास पकड़कर बचाई अपनी जान
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विनय का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
निगोही (शाहजहांपुर)। शाहजहांपुर-बीसलपुर रेलवे लाइन के चौड़ीकरण के दौरान कैमुआ नाले के पास खोदे गए गहरे गड्ढे में नहाने उतरे दो बालकों की डूबने से मौत हो गई। तीसरे बालक ने गड्ढे के किनारे घास पकड़कर किसी तरह अपनी जान बचाई और शोर मचाकर ग्रामीणों को सूचना दी। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने दोनों बालकों को पानी से बाहर निकाला। सीएचसी निगोही में डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
पतराजपुर गांव निवासी ओमपाल का पुत्र करन (10) और राजीव मौर्या का पुत्र विनय (11) सोमवार सुबह गांव के चार अन्य बच्चों के साथ कैमुआ नाले में बढ़ा जलस्तर देखने गए थे। बारिश के चलते स्कूल में अवकाश था। नाले के पास पहुंचने के बाद बच्चे रेलवे लाइन के चौड़ीकरण के लिए जेसीबी से खोदे गए करीब 15 फुट गहरे गड्ढे में नहाने के लिए उतर गए। कुछ बच्चों ने उन्हें मना भी किया, लेकिन करन, विनय और दीपक (11) उनकी बात अनसुनी कर दी और नहाने लगे।
शुरुआत में तीनों किनारे पर नहाते रहे। इसी दौरान एक बालक का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के प्रयास में दूसरे बालक भी गहराई में चले गए। दीपक किसी तरह बाहर आया और गड्ढे के किनारे उगी घास पकड़ ली। घास के सहारे वह बाहर निकल आया और शोर मचाकर ग्रामीणों को सूचना दी। पास के अर्जुनपुर गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए। बच्चों के परिवार वालों को हादसे की जानकारी दी गई।
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ग्रामीणों और परिजनों ने पानी में दोनों बालकों की तलाश शुरू की। करीब एक घंटे बाद करन और विनय को बाहर निकाला गया। दोनों को तत्काल सीएचसी निगोही ले जाया गया, जहां डॉ. नितिन चौधरी ने परीक्षण के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ सफदर हुसैन ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। पूरे मामले की जानकारी की जा रही है।
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एक घंटे तक बेटों की सलामती की दुआ मांगते रहे परिजन...शव देखकर बिलख पड़े
करन कक्षा दो और विनय कक्षा पांच के छात्र थे और कस्बे के निजी स्कूल में पढ़ते थे। रविवार शाम हुई बारिश के बाद सोमवार को स्कूल का अवकाश था। इसी कारण बच्चे कैमुआ नाले में बढ़े पानी को देखने गए थे, लेकिन वे वहां जाकर नहाने लगे। हादसे की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंच गए। करीब एक घंटे तक ग्रामीण गड्ढे में दोनों की तलाश करते रहे और परिजन उनकी सलामती की दुआ मांगते रहे। जब दोनों को बाहर निकाला गया और डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया तो परिजन बिलख पड़े।
करन तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके पिता ओमपाल बड़े बेटों आकाश और राजन के साथ भट्ठों पर कच्ची ईंट बनाने का काम करते हैं। मां सुनीता देवी गृहिणी हैं। चार बहनों में एक की शादी हो चुकी है। वहीं विनय तीन भाइयों में मंझला था। उसके पिता राजीव मौर्य निजी फैक्टरी में पल्लेदारी करते हैं। बड़ा भाई विमल और छोटा भाई वीरेश है। मां ममता देवी बेटे का शव देखकर बिलख पड़ीं।
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पिता बोले-बात मान लेता तो हादसा नहीं होता
ओमपाल ने बताया कि सुबह जागने के बाद बेटा करन गांव के बच्चों के साथ घूम रहा था। रास्ते में मिलने पर उसे घर जाने और नाश्ता करने के लिए कहा था। करन ने घर जाने की हामी भी भर दी थी। इसके बाद वह काम से चले गए। करीब दो घंटे बाद हादसे की सूचना मिली। बेटे की मौत से बदहवास ओमपाल बोले- बेटा बात मान लेता तो जान बच जाती।
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मोबाइल फोन पर हादसे की सूचना देख दौड़कर आए राजीव
विनय के पिता राजीव मौर्य गांव से चार किलोमीटर दूर फैक्टरी में पल्लेदारी करने गए थे। हादसे के बाद मोबाइल फोन पर सोशल मीडिया के जरिये सूचना मिली तो वह सन्न रह गए। वह काम छोड़कर दौड़ते हुए घर पहुंचे और फिर घटनास्थल पर गए।
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शवों को दफन किया गया
पोस्टमॉर्टम के बाद सोमवार शाम करीब पांच बजे दोनों बालकों के शव गांव लाए गए। इसके बाद गांव के बाहर श्मशान स्थल पर उन्हें दफन कर दिया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा ने गांव पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद दिलाने के निर्देश दिए। पूर्व प्रधान एवं सपा नेता अजफर अली खां और व्यापारी नेता लाला रामरतन सोनी भी परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे।
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हादसे की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए हैं। परिजनों की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
-देवेंद्र कुमार, एसपी सिटी
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पतराजपुर गांव निवासी ओमपाल का पुत्र करन (10) और राजीव मौर्या का पुत्र विनय (11) सोमवार सुबह गांव के चार अन्य बच्चों के साथ कैमुआ नाले में बढ़ा जलस्तर देखने गए थे। बारिश के चलते स्कूल में अवकाश था। नाले के पास पहुंचने के बाद बच्चे रेलवे लाइन के चौड़ीकरण के लिए जेसीबी से खोदे गए करीब 15 फुट गहरे गड्ढे में नहाने के लिए उतर गए। कुछ बच्चों ने उन्हें मना भी किया, लेकिन करन, विनय और दीपक (11) उनकी बात अनसुनी कर दी और नहाने लगे।
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शुरुआत में तीनों किनारे पर नहाते रहे। इसी दौरान एक बालक का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के प्रयास में दूसरे बालक भी गहराई में चले गए। दीपक किसी तरह बाहर आया और गड्ढे के किनारे उगी घास पकड़ ली। घास के सहारे वह बाहर निकल आया और शोर मचाकर ग्रामीणों को सूचना दी। पास के अर्जुनपुर गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए। बच्चों के परिवार वालों को हादसे की जानकारी दी गई।
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ग्रामीणों और परिजनों ने पानी में दोनों बालकों की तलाश शुरू की। करीब एक घंटे बाद करन और विनय को बाहर निकाला गया। दोनों को तत्काल सीएचसी निगोही ले जाया गया, जहां डॉ. नितिन चौधरी ने परीक्षण के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ सफदर हुसैन ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। पूरे मामले की जानकारी की जा रही है।
एक घंटे तक बेटों की सलामती की दुआ मांगते रहे परिजन...शव देखकर बिलख पड़े
करन कक्षा दो और विनय कक्षा पांच के छात्र थे और कस्बे के निजी स्कूल में पढ़ते थे। रविवार शाम हुई बारिश के बाद सोमवार को स्कूल का अवकाश था। इसी कारण बच्चे कैमुआ नाले में बढ़े पानी को देखने गए थे, लेकिन वे वहां जाकर नहाने लगे। हादसे की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंच गए। करीब एक घंटे तक ग्रामीण गड्ढे में दोनों की तलाश करते रहे और परिजन उनकी सलामती की दुआ मांगते रहे। जब दोनों को बाहर निकाला गया और डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया तो परिजन बिलख पड़े।
करन तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके पिता ओमपाल बड़े बेटों आकाश और राजन के साथ भट्ठों पर कच्ची ईंट बनाने का काम करते हैं। मां सुनीता देवी गृहिणी हैं। चार बहनों में एक की शादी हो चुकी है। वहीं विनय तीन भाइयों में मंझला था। उसके पिता राजीव मौर्य निजी फैक्टरी में पल्लेदारी करते हैं। बड़ा भाई विमल और छोटा भाई वीरेश है। मां ममता देवी बेटे का शव देखकर बिलख पड़ीं।
पिता बोले-बात मान लेता तो हादसा नहीं होता
ओमपाल ने बताया कि सुबह जागने के बाद बेटा करन गांव के बच्चों के साथ घूम रहा था। रास्ते में मिलने पर उसे घर जाने और नाश्ता करने के लिए कहा था। करन ने घर जाने की हामी भी भर दी थी। इसके बाद वह काम से चले गए। करीब दो घंटे बाद हादसे की सूचना मिली। बेटे की मौत से बदहवास ओमपाल बोले- बेटा बात मान लेता तो जान बच जाती।
मोबाइल फोन पर हादसे की सूचना देख दौड़कर आए राजीव
विनय के पिता राजीव मौर्य गांव से चार किलोमीटर दूर फैक्टरी में पल्लेदारी करने गए थे। हादसे के बाद मोबाइल फोन पर सोशल मीडिया के जरिये सूचना मिली तो वह सन्न रह गए। वह काम छोड़कर दौड़ते हुए घर पहुंचे और फिर घटनास्थल पर गए।
शवों को दफन किया गया
पोस्टमॉर्टम के बाद सोमवार शाम करीब पांच बजे दोनों बालकों के शव गांव लाए गए। इसके बाद गांव के बाहर श्मशान स्थल पर उन्हें दफन कर दिया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। भाजपा विधायक सलोना कुशवाहा ने गांव पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद दिलाने के निर्देश दिए। पूर्व प्रधान एवं सपा नेता अजफर अली खां और व्यापारी नेता लाला रामरतन सोनी भी परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे।
हादसे की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए हैं। परिजनों की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
-देवेंद्र कुमार, एसपी सिटी

विनय का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन

विनय का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन

विनय का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन

विनय का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन

विनय का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन