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Shahjahanpur News: नौ घंटे कराते रहे झाड़फूंक, सर्पदंश से बच्ची की मौत, भाई का चल रहा है इलाज
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गांव चठिया के गुड्डू की पुत्री नेहा का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन
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खुटार (शाहजहांपुर)। गांव चठिया बलरामपुर में बुधवार रात चारपाई पर सो रहे भाई-बहन को सांप ने डस लिया। परिजन दोनों को अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़फूंक कराने वाले के पास ले गए। करीब नौ घंटे बाद हालत बिगड़ने पर छह वर्षीय नेहा को खुटार सीएचसी लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। तीन वर्षीय साजन का झोलाछाप से घर पर ही इलाज कराया गया। उसकी हालत ठीक बताई जा रही है।
गुड्डू खेती और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बुधवार रात वह टिनशेड के कमरे में तख्त पर सो रहे थे। पास की चारपाई पर पत्नी गिरजा देवी, बेटी नेहा और बेटा साजन सो रहे थे। रात करीब दो बजे गुड्डू के पैर पर सांप रेंगने लगा। जागने पर उसने शोर मचाया और कमरे से बाहर भागे।
परिवार के अन्य सदस्य भी जाग गए। टॉर्च की रोशनी में सांप तख्त पर बैठा दिखाई दिया। कुछ देर बाद वह घर में ही कहीं चला गया। बृहस्पतिवार शाम तक सांप नहीं मिलने से परिजन भयभीत रहे।
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इस बीच गिरजा देवी और साजन उठ गए, लेकिन नेहा नहीं उठी। देखने पर वह बेहोश थी। उसके बाएं हाथ और साजन के दाहिने हाथ की उंगली पर सर्पदंश का निशान मिला। परिजन दोनों को गांव सुनासिर में झाड़फूंक कराने वाले के पास ले गए। लाभ न होने पर झोलाछाप से इलाज कराया गया।
हालत बिगड़ने पर बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे नेहा को खुटार सीएचसी लाया गया। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन नेहा को गोला सीएचसी भी ले गए, वहां भी मृत घोषित होने के बाद शव घर ले आए।
सूचना पर लेखपाल और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि भाई-बहन को सांप के डसने और बहन की मौत की सूचना मिली है।
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झाड़फूंक के दौरान ब्लेड से मारा कट
परिजनों के अनुसार साजन की दाहिने हाथ की उंगली में भी सांप ने डसा था। आरोप है कि झाड़फूंक करने वाले ने जहरीला खून निकालने के नाम पर साजन के कंधे के पास दोनों ओर ब्लेड से काट दिया। इससे उसकी जान को भी खतरा हो सकता था। ग्रामीणों के अनुसार सर्पदंश के बाद कई लोग पीड़ितों को बंडा के सुनासिर गांव में जड़ी-बूटी और झाड़फूंक कराने वाले के यहां ले जाते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि कई मामलों में मरीजों की मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद झाड़फूंक करने वालों पर कार्रवाई नहीं की गई है।
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सांप काटे तो ये बरतें सावधानी
-सांप सामान्य तौर पर हाथ और पैर में काटता है, इसलिए उस अंग काे चलाएं नहीं।
-जहरीले जंतु के काटने पर झाड़फूंक वाले के चक्कर में पड़ने के बजाय करीबी अस्पताल लेकर जाएं।
-अस्पतालों में एंटी वीनम इंजेक्शन का प्रयोग जहर का असर कम करने के लिए किया जाता है।
-20 प्रतिशत सांप जैसे कोबरा, क्रैत और वाइपर के काटने से इंसान की मृत्यु हो सकती है।
-80 प्रतिशत सांप अधिक जहरीले नहीं होने कारण झाड़फूंक वाले फायदा उठाते हैं।
-सांप के डसने पर संबंधित जगह पर बंध लगा सकते हैं पर चीरा न लगाएं।
(जैसा कि डिप्टी सीएमओ डॉ.आसिफ ने बताया )
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झाड़फूंक के चक्कर में निकल जाता है गोल्डन पीरियड
स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ डॉ.आसिफ ने बताया कि जहरीले सांप के काटने के बाद तत्काल बाद या समय रहते मरीज को अस्पताल लाया जाता है तो उसकी जान बचाई जा सकती है। झाड़फूंक के चक्कर में गोल्डन पीरियड निकल जाता है और फिर डॉक्टर भी कुछ नहीं कर पाते।
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गुड्डू खेती और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बुधवार रात वह टिनशेड के कमरे में तख्त पर सो रहे थे। पास की चारपाई पर पत्नी गिरजा देवी, बेटी नेहा और बेटा साजन सो रहे थे। रात करीब दो बजे गुड्डू के पैर पर सांप रेंगने लगा। जागने पर उसने शोर मचाया और कमरे से बाहर भागे।
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परिवार के अन्य सदस्य भी जाग गए। टॉर्च की रोशनी में सांप तख्त पर बैठा दिखाई दिया। कुछ देर बाद वह घर में ही कहीं चला गया। बृहस्पतिवार शाम तक सांप नहीं मिलने से परिजन भयभीत रहे।
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इस बीच गिरजा देवी और साजन उठ गए, लेकिन नेहा नहीं उठी। देखने पर वह बेहोश थी। उसके बाएं हाथ और साजन के दाहिने हाथ की उंगली पर सर्पदंश का निशान मिला। परिजन दोनों को गांव सुनासिर में झाड़फूंक कराने वाले के पास ले गए। लाभ न होने पर झोलाछाप से इलाज कराया गया।
हालत बिगड़ने पर बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे नेहा को खुटार सीएचसी लाया गया। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन नेहा को गोला सीएचसी भी ले गए, वहां भी मृत घोषित होने के बाद शव घर ले आए।
सूचना पर लेखपाल और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि भाई-बहन को सांप के डसने और बहन की मौत की सूचना मिली है।
झाड़फूंक के दौरान ब्लेड से मारा कट
परिजनों के अनुसार साजन की दाहिने हाथ की उंगली में भी सांप ने डसा था। आरोप है कि झाड़फूंक करने वाले ने जहरीला खून निकालने के नाम पर साजन के कंधे के पास दोनों ओर ब्लेड से काट दिया। इससे उसकी जान को भी खतरा हो सकता था। ग्रामीणों के अनुसार सर्पदंश के बाद कई लोग पीड़ितों को बंडा के सुनासिर गांव में जड़ी-बूटी और झाड़फूंक कराने वाले के यहां ले जाते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि कई मामलों में मरीजों की मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद झाड़फूंक करने वालों पर कार्रवाई नहीं की गई है।
सांप काटे तो ये बरतें सावधानी
-सांप सामान्य तौर पर हाथ और पैर में काटता है, इसलिए उस अंग काे चलाएं नहीं।
-जहरीले जंतु के काटने पर झाड़फूंक वाले के चक्कर में पड़ने के बजाय करीबी अस्पताल लेकर जाएं।
-अस्पतालों में एंटी वीनम इंजेक्शन का प्रयोग जहर का असर कम करने के लिए किया जाता है।
-20 प्रतिशत सांप जैसे कोबरा, क्रैत और वाइपर के काटने से इंसान की मृत्यु हो सकती है।
-80 प्रतिशत सांप अधिक जहरीले नहीं होने कारण झाड़फूंक वाले फायदा उठाते हैं।
-सांप के डसने पर संबंधित जगह पर बंध लगा सकते हैं पर चीरा न लगाएं।
(जैसा कि डिप्टी सीएमओ डॉ.आसिफ ने बताया )
झाड़फूंक के चक्कर में निकल जाता है गोल्डन पीरियड
स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ डॉ.आसिफ ने बताया कि जहरीले सांप के काटने के बाद तत्काल बाद या समय रहते मरीज को अस्पताल लाया जाता है तो उसकी जान बचाई जा सकती है। झाड़फूंक के चक्कर में गोल्डन पीरियड निकल जाता है और फिर डॉक्टर भी कुछ नहीं कर पाते।

गांव चठिया के गुड्डू की पुत्री नेहा का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन

गांव चठिया के गुड्डू की पुत्री नेहा का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन