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Rampur News: जेल से बाहर आते ही हिरासत, आजम को फिर जेल यात्रा करा सकता है ईडी का शिकंजा
Sun, 01 Nov 2026 01:36 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Sun, 01 Nov 2026 01:36 AM IST
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रामपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रुख से सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां के जेल के सफर में एक और अध्याय जुड़ने के संकेत मिल रहे हैं। शनिवार शाम जेल से बाहर कदम रखते ही ईडी टीम उन्हें हिरासत में लेकर गाजियाबाद रवाना हो गई। माना जा रहा है कि वहां ईडी टीम उन्हें गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश कर रिमांड मांगेगी या कोर्ट के निर्देश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा सकता है। करीब साढ़े छह साल के भीतर अलग-अलग मामलों में आजम खां तीन बार जेल जा चुके हैं। इन जेल यात्राओं के बीच आजम खां का पांच साल से ज्यादा का समय (पांच साल एक महीना 13 दिन) जेल में गुजरा है।
आजम खां के खिलाफ मुकदमों का दौर 2019 में शुरू हुआ था, जबकि पहली बार जेल जाने की नौबत 26 फरवरी 2020 को आई थी। उस समय बेटे अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र समेत कई मामलों में वांछित होने पर उन्होंने पत्नी तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर की अदालत में सरेंडर किया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में सीतापुर जेल भेजा गया था। उस वक्त दो साल से ज्यादा (करीब 27 महीने) जेल में रहने के बाद 20 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने पर उनकी रिहाई हुई थी।
इसके करीब डेढ़ साल बाद 18 अक्टूबर 2023 को आजम खां को दूसरी बार जेल जाना पड़ा। मामला अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्रों का ही था। तब सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आजम खां, उनकी पत्नी तजीन फात्मा और बेटे को सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इस पर तीनों को जेल भेजा गया था। बाद में तजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम को जमानत मिल गई थी लेकिन आजम खां को जेल में ही रहना पड़ा था। करीब 23 महीने बाद 23 सितंबर 2025 को उन्हें जेल से रिहाई मिली थी।
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तीसरी बार 17 नवंबर 2025 को अब्दुल्ला आजम के दो पैनकार्ड मामले में आजम खां जेल भेजे गए। तब रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दो पैनकार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इस पर पिता-पुत्र जेल भेजे गए थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार शाम आजम खां जेल से बाहर आए तो गेट पर मौजूद ईडी टीम उन्हें हिरासत में लेकर गाजियाबाद चली गई।
इसके चलते 11 महीने 14 दिन बाद जेल से रिहाई के बाद भी वह अपने घर की सूरत नहीं देख सके। जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन के इस्तेमाल जैसे आरोपों में ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत उन पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। ईडी के ताजे रुख को आजम खां की एक और जेल यात्रा का संकेत माना जा रहा है। अब तक तीन बार जेल जा चुके आजम खां के साथ यह पहला मौका है जबकि जेल से बाहर निकलते ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया। (संवाद)
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आजम खां के खिलाफ मुकदमों का दौर 2019 में शुरू हुआ था, जबकि पहली बार जेल जाने की नौबत 26 फरवरी 2020 को आई थी। उस समय बेटे अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र समेत कई मामलों में वांछित होने पर उन्होंने पत्नी तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर की अदालत में सरेंडर किया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में सीतापुर जेल भेजा गया था। उस वक्त दो साल से ज्यादा (करीब 27 महीने) जेल में रहने के बाद 20 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने पर उनकी रिहाई हुई थी।
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इसके करीब डेढ़ साल बाद 18 अक्टूबर 2023 को आजम खां को दूसरी बार जेल जाना पड़ा। मामला अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्रों का ही था। तब सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आजम खां, उनकी पत्नी तजीन फात्मा और बेटे को सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इस पर तीनों को जेल भेजा गया था। बाद में तजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम को जमानत मिल गई थी लेकिन आजम खां को जेल में ही रहना पड़ा था। करीब 23 महीने बाद 23 सितंबर 2025 को उन्हें जेल से रिहाई मिली थी।
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तीसरी बार 17 नवंबर 2025 को अब्दुल्ला आजम के दो पैनकार्ड मामले में आजम खां जेल भेजे गए। तब रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दो पैनकार्ड मामले में आजम खां और अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इस पर पिता-पुत्र जेल भेजे गए थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार शाम आजम खां जेल से बाहर आए तो गेट पर मौजूद ईडी टीम उन्हें हिरासत में लेकर गाजियाबाद चली गई।
इसके चलते 11 महीने 14 दिन बाद जेल से रिहाई के बाद भी वह अपने घर की सूरत नहीं देख सके। जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन के इस्तेमाल जैसे आरोपों में ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत उन पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। ईडी के ताजे रुख को आजम खां की एक और जेल यात्रा का संकेत माना जा रहा है। अब तक तीन बार जेल जा चुके आजम खां के साथ यह पहला मौका है जबकि जेल से बाहर निकलते ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया। (संवाद)