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Raebareli News: बारिश थमी तो खेतों में पहुंचे किसान, धान सुखाने में जुटे
Mon, 02 Nov 2026 12:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 02 Nov 2026 12:50 AM IST
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महराजगंज क्षेत्र के हलोर में बारिश और तेज हवा चलने से गिरी धान की फसल को देखता किसान।
रायबरेली। जिले में बारिश थमने के बाद रविवार को हल्की धूप निकली तो किसानों को धान की फसल बचने की उम्मीद जगी। दोपहर बाद किसान खेतों में पहुंचे और कटी पड़ी फसल को सुखाने के लिए दूसरे स्थानों पर रखने में जुट गए। बारिश से फसल पूरी तरह भीग चुकी है। ऐसे में अब कम से कम एक सप्ताह तक फसल सूखने का इंतजार करना पड़ेगा। इसके बाद ही धान की पिटाई हो सकेगी। इस बीच दोबारा बारिश हुई तो किसानों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
जिले में इस बार एक लाख 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई की गई थी। अब फसल पककर तैयार हो चुकी है। बीते बृहस्पतिवार रात से रुक-रुककर बारिश हो रही थी। शनिवार रात भी बारिश हुई। हालांकि रविवार सुबह मौसम का मिजाज बदल गया और बारिश थम गई। दोपहर करीब 12 बजे हल्की धूप निकली।
राही ब्लॉक के सैदनपुर गांव निवासी किसान बरारीलाल ने बताया कि खेत में धान की फसल काटकर रखी थी, लेकिन बारिश के कारण पिटाई नहीं हो सकी। पूरी फसल भीग गई है। अब उसे बांधकर दूसरे स्थान पर रख दिया है। किसान राधा ने बताया कि फसल सूखने के बाद ही पिटाई का काम शुरू हो सकेगा। हरचंदपुर ब्लॉक के सलेमपुर गांव निवासी उमाकांत वाजपेयी ने बताया कि इस बार धान की फसल अच्छी थी, लेकिन बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
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आज से खुलेंगे 91 धान क्रय केंद्र
धान खरीद की शुरुआत एक नवंबर से हो चुकी है, लेकिन रविवार की छुट्टी के कारण केंद्र बंद रहे। सोमवार से जिले के सभी 91 क्रय केंद्र खुल जाएंगे। इस बार एक लाख 81 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है। डिप्टी आरएमओ कमलेश पांडेय ने बताया कि सभी केंद्र प्रभारियों को समय से पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रों पर कांटा, मापक यंत्र समेत अन्य उपकरण उपलब्ध करा दिए गए हैं।
फसल नुकसान का आज से होगा सर्वे
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि सोमवार से बीमा कंपनी के अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों की टीमें गांवों में जाकर धान की फसल के नुकसान का आकलन करेंगी। जिले के कुछ हिस्सों में 20 से 25 फीसदी तक फसल क्षतिग्रस्त हुई है। मौसम विभाग ने आगे मौसम साफ रहने का अनुमान जताया है। इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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जिले में इस बार एक लाख 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई की गई थी। अब फसल पककर तैयार हो चुकी है। बीते बृहस्पतिवार रात से रुक-रुककर बारिश हो रही थी। शनिवार रात भी बारिश हुई। हालांकि रविवार सुबह मौसम का मिजाज बदल गया और बारिश थम गई। दोपहर करीब 12 बजे हल्की धूप निकली।
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राही ब्लॉक के सैदनपुर गांव निवासी किसान बरारीलाल ने बताया कि खेत में धान की फसल काटकर रखी थी, लेकिन बारिश के कारण पिटाई नहीं हो सकी। पूरी फसल भीग गई है। अब उसे बांधकर दूसरे स्थान पर रख दिया है। किसान राधा ने बताया कि फसल सूखने के बाद ही पिटाई का काम शुरू हो सकेगा। हरचंदपुर ब्लॉक के सलेमपुर गांव निवासी उमाकांत वाजपेयी ने बताया कि इस बार धान की फसल अच्छी थी, लेकिन बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
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आज से खुलेंगे 91 धान क्रय केंद्र
धान खरीद की शुरुआत एक नवंबर से हो चुकी है, लेकिन रविवार की छुट्टी के कारण केंद्र बंद रहे। सोमवार से जिले के सभी 91 क्रय केंद्र खुल जाएंगे। इस बार एक लाख 81 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है। डिप्टी आरएमओ कमलेश पांडेय ने बताया कि सभी केंद्र प्रभारियों को समय से पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रों पर कांटा, मापक यंत्र समेत अन्य उपकरण उपलब्ध करा दिए गए हैं।
फसल नुकसान का आज से होगा सर्वे
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि सोमवार से बीमा कंपनी के अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों की टीमें गांवों में जाकर धान की फसल के नुकसान का आकलन करेंगी। जिले के कुछ हिस्सों में 20 से 25 फीसदी तक फसल क्षतिग्रस्त हुई है। मौसम विभाग ने आगे मौसम साफ रहने का अनुमान जताया है। इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

महराजगंज क्षेत्र के हलोर में बारिश और तेज हवा चलने से गिरी धान की फसल को देखता किसान।