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पीलीभीत में मूसलाधार बारिश: जनजीवन बेहाल, शारदा में छोड़ा गया 3.50 लाख क्यूसेक पानी, बाढ़ का खतरा

Sat, 26 Sep 2026 03:58 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: Mukesh Kumar Updated Sat, 26 Sep 2026 03:58 PM IST
सार

पीलीभीत जिले में शुक्रवार रात से शनिवार तक हुई भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर और ग्रामीण इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। मुख्य सड़कें और कई मोहल्ले जलमग्न हो गए। खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। शारदा नदी में 3.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। 

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Normal life disrupted due to torrential rain in Pilibhit
पीलीभीत में हुई मूसलाधार बारिश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पीलीभीत जिले में शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश शनिवार को भी नहीं थमी। लगातार हो रही बारिश ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। दोपहर दो बजे के बाद भी बारिश जारी रही। तेज बारिश के चलते शहर की मुख्य सड़कें और कई मोहल्ले जलमग्न हो गए। जगह-जगह सड़कों पर पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई गांवों में पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। फसलों का काफी नुकसान हुआ है। शारदा नदी में 3.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। 

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शहर के मुख्य स्टेशन मार्ग, बाजार मार्ग, अशोक कॉलोनी और सुनगढ़ी समेत शहर के कई इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। नाले और नालियां उफनाने तथा कई जगह चोक होने के कारण बारिश के पानी की निकासी नहीं हो सकी। गलियों और संपर्क मार्गों पर भी पानी भर गया। कई स्थानों पर लोग घुटनों तक पानी से होकर आने-जाने को मजबूर दिखाई दिए। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों की परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ गई।
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बरखेड़ा से लेकर पूरनपुर तक गांवों में जलभराव
लगातार बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी साफ दिखाई दिया। बरखेड़ा, बीसलपुर, पूरनपुर, हजारा, मझोला और उमरिया क्षेत्र के तमाम गांवों में बारिश का पानी भर गया। कई स्थानों पर गांवों के रास्ते जलमग्न हो जाने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। खेतों में भी पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई जगह फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। किसानों का कहना है कि खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहा तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।

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शारदा में बढ़ा बाढ़ का खतरा
बारिश के साथ शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। शारदा नदी में करीब 3.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है। इससे नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और आसपास के इलाकों पर नजर रखी जा रही है।

जलभराव से शहर की व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की भी पोल खोल दी। प्रमुख मार्गों और मोहल्लों में पानी भरने से लोगों को परेशानी हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति पैदा होती है, लेकिन जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। लोगों ने नालों की नियमित सफाई, जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था और जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित कर स्थायी समाधान की मांग की है।

बारिश के कारण शनिवार को शहर से लेकर गांव तक जनजीवन प्रभावित रहा। एक ओर जहां जलभराव से आम लोगों को परेशानी हुई, वहीं दूसरी ओर खेतों में पानी भरने से किसानों के सामने फसल बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। शारदा के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।

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