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कानपुर: निलंबन पर एआरटीओ ले आए स्टे, आरटीओ बोले- परिवहन मुख्यालय तय करेगा जाॅइनिंग
Sat, 03 Oct 2026 08:47 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 03 Oct 2026 08:47 PM IST
सार
एआरटीओ आलोक कुमार को सितंबर में कार्यालय की मानीटरिंग न करने और भ्रष्टाचार के आरोप में शासन ने निलंबित किया था।
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एआरटीओ आलोक कुमार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आरटीओ कार्यालय में पुलिस और प्रशासन की छापेमारी के बाद निलंबित किए गए एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार सिंह शनिवार को हलाहाबाद हाईकोर्ट से स्टे लेकर कार्यालय पहुंचे। यहां वह तीन-चार घंटे रुके। हालांकि कोई कार्य नहीं किया। वहीं, आरटीओ का कहना है कि आलाेक सिंह को शासन ने निलंबित किया था। इन्हें परिवहन मुख्यालय से संबद्ध किया गया था। इन्हें परिवहन मुख्यालय जाना चाहिए था।
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24 जुलाई को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने आरटीओ कार्यालय में छापा मारा था। इस दौरान एक दर्जन से अधिक कथित दलालों को पकड़ा गया था। चालान बाबू मधुर मिश्रा और कैश बाबू बिपिन प्रकाश के पास काउंटर पर कटी रसीद के सापेक्ष कम धनराशि मिलने पर दोनों को निलंबित कर दिया था।
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एक माह बाद दो सितंबर को शासन ने तत्कालीन जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार और एआरटीओ प्रवर्तन सोमलता यादव को कार्यालय की निगरानी में शिथिलता बरतने और भ्रष्टाचार में संलिप्त होने का दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया था। शासन के निलंबन के खिलाफ आलोक कुमार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने निलंबन आदेश पर रोक लगा दी। आलोक कुमार स्टे का आदेश लेकर शनिवार को कार्यालय पहुंचे। आलोक कुमार ने बताया कि हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश पर स्टे लगा दिया है।
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आरटीओ राकेंद्र कुमार ने बताया कि वह शनिवार को कार्यालय में नहीं थे। यहां कहकशां खातून कार्य कर रही हैं। उन्हें मुख्यालय अटैच किया गया था। आलोक कुमार की आईडी बंद है। आलोक ने अपर मुख्य सचिव परिवहन को आईडी खोलने के लिए लिखा है। शासन परिवहन आयुक्त कार्यालय को आदेश देगा। परिवहन आयुक्त कार्यालय का यह विषय है। इन्हें परिवहन आयुक्त कार्यालय जाना चाहिए था। वहां से आदेश का पालन किया जाएगा।