कानपुर: सिकठिया में धंसी जमीन, बना 40 फीट गहरा गड्ढा, महिला ने बच्चों को बचाया, प्रशासन ने कराई बैरिकेडिंग
Kanpur News: महाराजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सरसौल के सिकठिया गांव में मूसलाधार बारिश के चलते अचानक जमीन धंसने से 30 से 40 फीट गहरा गड्ढा बन गया। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। एसडीएम नरवल ने पुलिस व राजस्व टीम को मौके पर भेजकर बैरिकेडिंग और गड्ढा भरवाने के निर्देश दिए हैं।
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कानपुर में महाराजपुर थाना क्षेत्र की विभिन्न ग्राम सभाओं में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जमीन धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में सरसौल के सिकठिया गांव का है, जहां अचानक 30 से 40 फीट गहरा गड्ढा बनने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
गांव निवासी पप्पू दिवाकर पुत्र स्व. हरीलाल हरी लाल दिवाकर का सैकड़ों वर्ष पुराना मकान पिछली बारिश में गिर गया था, जिसके बाद वह बगल में नया घर बनाकर रहने लगे थे। रविवार सुबह करीब सात बजे पिछले मकान की रसोई वाली जगह पर अचानक जमीन धंस गई।
30 से 40 फीट और चौड़ाई दो से तीन फीट
गड्ढे की गहराई करीब 30 से 40 फीट और चौड़ाई दो से तीन फीट बताई जा रही है। घर के बाहर 10 फीट चौड़ी सड़क है और उससे चार फीट ऊंचाई पर मकान बना हुआ है। इसके बावजूद जमीन धंस गई। ग्रामीणों के अनुसार इस मकान में कई पीढ़ियां बीत गईं।
जमीन धंसने से इलाके में हड़कंप
लेकिन यहां कभी कुआं या बोरिंग नहीं कराई गई थी। अचानक जमीन धंसने से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। प्रत्यक्षदर्शी रेनू पत्नी राजू ने बताया कि सुबह वह छत पर कपड़े डाल रही थी। तभी बाहर छोटे-छोटे बच्चे खेल रहे थे। गड्ढे पर नजर पड़ते ही वह भागकर नीचे आईं।
पुलिस और राजस्व टीम को अवगत कराया
बच्चों को वहां से दूर हटाया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। जिस जगह गड्ढा बना है, उससे सटी राजू दिवाकर की दीवार है, जिसके गिरने का खतरा भी बढ़ गया है। ग्राम प्रधान आकाश सिंह ने बताया कि सूचना पर स्थानीय पुलिस और राजस्व टीम को अवगत करा दिया गया है।
गड्ढे के आसपास बैरिकेडिंग कराकर भरवाया जाएगा
गौरतलब है कि बीते माह पुरवामीर गांव में 18 वर्षीय युवती जमीन में समा जाने से उसकी मौत हो गई थी, जिसके बाद से क्षेत्र में कई जगहों पर जमीन धंसने की घटनाएं हो रही हैं। एसडीएम नरवल सत्यपाल प्रजापति ने बताया कि सूचना मिली है। मौके पर पुलिस और राजस्व टीम भेजी जा रही है। वह स्वयं भी मौके का निरीक्षण करेंगे और गड्ढे के आसपास बैरिकेडिंग कराकर उसे भरवाया जाएगा।